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GK24
विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

फेम योजना का दूसरा चरण कब से प्रभावी हुआ?

  1. A.1 अप्रैल 2015
  2. B.1 अप्रैल 2017
  3. C.1 अप्रैल 2019
  4. D.1 अप्रैल 2021

सही उत्तर

C. 1 अप्रैल 2019

व्याख्या

सही उत्तर है ग, 1 अप्रैल 2019। दूसरे चरण ने ज़ोर निजी कारों से हटाकर सार्वजनिक तथा साझा परिवहन पर किया और अपने प्रोत्साहन इलेक्ट्रिक बसों, दो पहिया, तीन पहिया तथा व्यावसायिक चार पहिया वाहनों पर केंद्रित किए, उन्हें बैटरी के प्रकार तथा भारत में बने कलपुर्ज़ों के अंश की शर्तों से जोड़ा, और चार्जिंग स्टेशनों का वित्तपोषण भी किया।

विकल्प क, 1 अप्रैल 2015, पहले चरण का आरंभ है, अतः वही निकटतम गलत उत्तर है और उसे अलग रखना आवश्यक है। विकल्प ख, 1 अप्रैल 2017, भटकाने वाली तारीख है। विकल्प घ, 1 अप्रैल 2021, फेम के बजाय उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजनाओं से जुड़ा है। क्रम बिठा लें: 2013 में घोषित राष्ट्रीय विद्युत गतिशीलता मिशन योजना 2020, 2015 से फेम का पहला चरण, 2019 से दूसरा, और उसके बाद वही काम आगे बढ़ाने वाली उत्तरवर्ती योजना।

पूरा लेख पढ़ें: इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी प्रौद्योगिकी: प्रकार और योजनाएँ

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Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

विद्युत गतिशीलता के संदर्भ में बीईवी का पूर्ण रूप क्या है?

  1. A.बेसिक इलेक्ट्रिक वीइकल
  2. B.बैटरी इलेक्ट्रिक वीइकल
  3. C.भारत इलेक्ट्रिक वीइकल
  4. D.बाई-फ्यूल इलेक्ट्रिक वीइकल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. बैटरी इलेक्ट्रिक वीइकल

व्याख्या

सही उत्तर है ख, बैटरी इलेक्ट्रिक वीइकल। बीईवी में इंजन बिल्कुल नहीं होता; यह पूरी तरह उस ट्रैक्शन बैटरी पर चलता है जो बाहरी बिजली आपूर्ति से चार्ज होती है, और इसमें निकास उत्सर्जन शून्य होता है। इसी परिवार के अन्य तीन लघु रूप हैं एचईवी अर्थात हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहन, जिसमें इंजन और छोटी बैटरी होती है पर प्लग नहीं, पीएचईवी अर्थात प्लग-इन हाइब्रिड, और एफसीईवी अर्थात हाइड्रोजन पर चलने वाला ईंधन सेल इलेक्ट्रिक वाहन।

विकल्प क गढ़ा हुआ विस्तार है, और विकल्प घ भी; बाई-फ्यूल वाहन वह है जो पेट्रोल तथा संपीडित प्राकृतिक गैस जैसे दो ईंधनों पर चल सके, जो पूरी तरह भिन्न विचार है और इलेक्ट्रिक वाहन नहीं। विकल्प ग गलत है, यद्यपि भारत शब्द भारत एसी-001 तथा भारत डीसी-001 जैसे भारतीय चार्जिंग मानकों में आता है। चारों श्रेणियाँ समूह के रूप में याद करें, क्योंकि प्रश्न प्रायः किसी एक का वर्णन देकर नाम पूछते हैं।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

लिथियम-आयन बैटरियों के विकास के लिए 2019 का रसायन का नोबेल पुरस्कार किन्हें मिला?

  1. A.जॉन गुडइनफ, स्टैनली व्हिटिंगम और अकीरा योशिनो
  2. B.एलन हीगर, एलन मैकडायर्मिड और हिदेकी शिराकावा
  3. C.मार्टिन कार्प्लस, माइकल लेविट और एरीह वारशेल
  4. D.इमैनुएल शारपेंटिए और जेनिफर डाउडना
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. जॉन गुडइनफ, स्टैनली व्हिटिंगम और अकीरा योशिनो

व्याख्या

सही उत्तर है क, जॉन गुडइनफ, स्टैनली व्हिटिंगम और अकीरा योशिनो। व्हिटिंगम ने 1970 के दशक में पहला कार्यशील लिथियम सेल बनाया, गुडइनफ ने पाया कि लिथियम कोबाल्ट ऑक्साइड कैथोड कहीं अधिक वोल्टता दे सकता है, और योशिनो ने खतरनाक धात्विक लिथियम ऋणोद के स्थान पर कार्बन पदार्थ रखा, जिससे वह सुरक्षित पुनःआवेश्य सेल बना जो 1991 में बाज़ार में आया। तब सत्तानवे वर्ष के गुडइनफ नोबेल पुरस्कार पाने वाले सबसे वृद्ध व्यक्ति बने।

विकल्प ख चालक बहुलकों के लिए 2000 के रसायन पुरस्कार के विजेताओं के नाम हैं। विकल्प ग 2013 के रसायन विजेताओं के नाम हैं, जिन्हें रासायनिक प्रक्रियाओं के संगणक मॉडल के लिए सम्मानित किया गया। विकल्प घ 2020 के रसायन विजेताओं के नाम हैं, जिन्हें जीनोम संपादन की क्रिस्पर विधि के लिए पुरस्कार मिला। याद रखने योग्य जोड़ी है वर्ष 2019, विषय रसायन और ये तीन नाम, क्योंकि प्रश्न लगभग सदा इसी रूप में आता है।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

साधारण लिथियम-आयन सेल में ऋण इलेक्ट्रोड अर्थात ऋणोद सामान्यतः किससे बना होता है?

  1. A.ग्रेफाइट
  2. B.लिथियम कोबाल्ट ऑक्साइड
  3. C.जस्ता
  4. D.लेड डाइऑक्साइड
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. ग्रेफाइट

व्याख्या

सही उत्तर है क, ग्रेफाइट। ग्रेफाइट की परतदार रचना अपनी चादरों के बीच लिथियम आयन ले सकती है, जिसे अंतर्वेशन कहते हैं, और उन्हें टूटे बिना फिर छोड़ सकती है, और यही सेल को सैकड़ों चक्रों तक पुनःआवेश्य बनाता है। इस इलेक्ट्रोड के लिए धात्विक लिथियम के स्थान पर कार्बन रखना अकीरा योशिनो का योगदान था और इसी कारण सेल उपभोक्ता उपयोग के लिए पर्याप्त सुरक्षित है।

विकल्प ख, लिथियम कोबाल्ट ऑक्साइड, कैथोड पदार्थ है, ऋणोद नहीं; उसका स्थान धन पक्ष पर है, लिथियम आयरन फॉस्फेट तथा निकल मैंगनीज़ कोबाल्ट ऑक्साइडों के साथ। विकल्प ग, जस्ता, शुष्क सेल और क्षारीय सेलों का ऋणोद है। विकल्प घ, लेड डाइऑक्साइड, इंजन चालू करने वाली लेड-एसिड बैटरी की धन पट्टिका है, जिसकी ऋण पट्टिका स्पंजी सीसा होती है। जोड़ी ध्यान में रखें: ग्रेफाइट ऋणोद और लिथियम धातु ऑक्साइड कैथोड, तथा कार्बनिक विलायक में लिथियम लवण विद्युत अपघट्य।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

बैटरी प्रौद्योगिकी में एलएफपी किस कैथोड रसायन सामग्री को दर्शाता है?

  1. A.लिथियम फेरिक पॉलिमर
  2. B.लिथियम आयरन फॉस्फेट
  3. C.लिक्विड फ्यूल प्रोपल्शन
  4. D.लेड फ्री फॉस्फेट
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. लिथियम आयरन फॉस्फेट

व्याख्या

सही उत्तर है ख, लिथियम आयरन फॉस्फेट। एलएफपी सेल सुरक्षा, दीर्घ चक्र आयु और कोबाल्ट के अभाव के कारण मूल्यवान माने जाते हैं, जिससे वे सस्ते होते हैं और आपूर्ति बाधा के प्रति कम संवेदनशील; उनकी दुर्बलता कम ऊर्जा घनत्व है, अतः उतनी ही दूरी वाला पैक भारी पड़ता है। ये बसों, दो तथा तीन पहिया वाहनों और सामान्य दूरी वाली कारों में व्यापक रूप से प्रयुक्त होते हैं।

विकल्प क सुनने में सही लगता गढ़ा हुआ नाम है। विकल्प ग का बैटरी से कोई संबंध नहीं और वह रॉकेट विज्ञान का है। विकल्प घ भी गढ़ा हुआ है। एलएफपी से तुलना करने योग्य रसायन सामग्री एनएमसी अर्थात निकल मैंगनीज़ कोबाल्ट ऑक्साइड है, जो उसी भार में अधिक ऊर्जा भरती है और इसलिए अधिक दूरी देती है, पर अधिक महँगी धातुएँ, अधिक ऊष्मा और कुछ ही देशों से आते कोबाल्ट पर अधिक निर्भरता की कीमत पर। परीक्षक इन दोनों की सीधी तुलना का प्रश्न पसंद करते हैं।

Q5.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

इलेक्ट्रिक वाहन में पुनर्योजी ब्रेकिंग क्या करती है?

  1. A.वाहन रोकने के लिए केवल घर्षण पट्टियों का उपयोग करती है
  2. B.मोटर को जनित्र की तरह चलाकर ऊर्जा बैटरी को लौटाती है
  3. C.मोटर में संपीडित वायु भरती है
  4. D.वाहन के त्वरण के समय बैटरी को निरंतर चार्ज करती है
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मोटर को जनित्र की तरह चलाकर ऊर्जा बैटरी को लौटाती है

व्याख्या

सही उत्तर है ख, मोटर को जनित्र की तरह चलाकर ऊर्जा बैटरी को लौटाती है। जब चालक त्वरक छोड़ता या ब्रेक लगाता है, तो विद्युत मोटर को उलटा काम करने दिया जाता है: घूमते पहिए उसे चलाते हैं, वह बिजली बनाती है, और वह धारा पैक में वापस भेजी जाती है। इस प्रकार वाहन की गतिज ऊर्जा का कुछ भाग ब्रेक पट्टियों में ऊष्मा बनकर नष्ट होने के बजाय वापस मिल जाता है, जिससे घर्षण ब्रेक भी धीमे घिसते हैं।

विकल्प क साधारण घर्षण ब्रेक प्रणाली का वर्णन है, जो तीव्र रोक के लिए इलेक्ट्रिक वाहन में भी रहती है। विकल्प ग किसी इलेक्ट्रिक वाहन की विशेषता नहीं है; संपीडित वायु ब्रेकिंग भारी ट्रकों तथा रेल डिब्बों की है और बिल्कुल भिन्न सिद्धांत पर चलती है। विकल्प घ गलत है क्योंकि त्वरण के समय बैटरी ऊर्जा दे रही होती है, ले नहीं रही; ऊर्जा केवल तब लौट सकती है जब वाहन धीमा हो या ढलान पर चले। लाभ नगर की बार-बार रुकती-चलती यातायात में सर्वाधिक होता है।