पांचवें कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन का विषय क्या था?
- A.भारत का युग
- B.उतार-चढ़ाव के दौर में लचीलापन
- C.जलती दुनिया में राह
- D.उथल-पुथल के समय में समृद्धि की तलाश
सही उत्तर
B. उतार-चढ़ाव के दौर में लचीलापन
व्याख्या
सही उत्तर है उतार-चढ़ाव के दौर में लचीलापन। यही विषय कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन के पांचवें संस्करण के लिए चुना गया था, जो 3 से 5 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली में आर्थिक विकास संस्थान और केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने मिलकर आयोजित किया। इसी विषय पर पूरा कार्यक्रम आधारित रहा, जिसमें वित्त मंत्री द्वारा संबोधित विशेष पूर्ण सत्र भी शामिल था। बाकी तीनों विकल्प पिछले संस्करणों के विषय हैं, इसलिए वे भ्रमित कर सकते हैं पर यहां गलत हैं। विकल्प A अर्थात भारत का युग तीसरे संस्करण का विषय था, जो 2024 में हुआ था। विकल्प C अर्थात जलती दुनिया में राह दूसरे संस्करण का विषय था, जो 2023 में हुआ था। विकल्प D अर्थात उथल-पुथल के समय में समृद्धि की तलाश चौथे संस्करण का विषय था, जो 2025 में हुआ था। इस तरह केवल विकल्प B ही पांचवें संस्करण का विषय बताता है और वही सही है।
पूरा लेख पढ़ें: पांचवां कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन नई दिल्ली में संपन्न
अभ्यास प्रश्न
पांचवें कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन में उद्घाटन भाषण किसने दिया?
- A.भारत के राष्ट्रपति
- B.प्रधानमंत्री
- C.भारत के उपराष्ट्रपति
- D.केंद्रीय वित्त मंत्री
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर है भारत के उपराष्ट्रपति। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने 3 अक्टूबर 2026 को इस सम्मेलन का उद्घाटन किया और उद्घाटन भाषण दिया। अपने भाषण में उन्होंने कहा कि आर्थिक लचीलेपन को सामाजिक लचीलेपन से अलग नहीं किया जा सकता तथा तेजी से बदलती दुनिया में समावेशन ही लचीलेपन की नींव है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि नीति निर्माण जमीनी हकीकत पर टिका रहे और बदलती परिस्थितियों के अनुसार बदले। विकल्प A गलत है, क्योंकि राष्ट्रपति की इस आयोजन के उद्घाटन में कोई भूमिका नहीं थी। विकल्प B गलत है, क्योंकि प्रधानमंत्री ने भी उद्घाटन नहीं किया, हालांकि उनके प्रमुख सचिव और प्रमुख सचिव-2 प्रतिभागियों में शामिल थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विशेष पूर्ण सत्र को संबोधित किया था, उद्घाटन भाषण नहीं दिया। इसलिए केवल विकल्प C सही है।
वित्त मंत्रालय के साथ कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन का आयोजन कौन सा संस्थान करता है?
- A.नीति आयोग
- B.आर्थिक विकास संस्थान
- C.राष्ट्रीय अनुप्रयुक्त आर्थिक अनुसंधान परिषद
- D.भारतीय अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संबंध अनुसंधान परिषद
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर है आर्थिक विकास संस्थान। इस सम्मेलन का आयोजन आर्थिक विकास संस्थान, जिसे संक्षेप में आईईजी कहा जाता है, और केंद्रीय वित्त मंत्रालय मिलकर करते हैं। इसकी शुरुआत 2022 में हुई और तब से यह हर वर्ष आयोजित होता आ रहा है। पांचवें संस्करण में संस्थान के पदाधिकारी गहराई से जुड़े रहे। आईईजी न्यासी बोर्ड के अध्यक्ष एन. के. सिंह ने समापन सत्र का संचालन किया, जबकि आईईजी शासी बोर्ड के अध्यक्ष माइकल देबब्रत पात्रा और संस्थान के निदेशक सब्यसाची कर ने आयोजन की अगुवाई की। विकल्प A गलत है, क्योंकि नीति आयोग सरकार का नीति थिंक टैंक है और उसे आयोजक के रूप में नहीं बताया गया। विकल्प C और D भारत के दो और जाने-माने आर्थिक शोध संस्थानों के नाम हैं, इसलिए वे आकर्षक लगते हैं, पर इनमें से कोई भी इस सम्मेलन का आयोजक नहीं है। अतः केवल विकल्प B सही है।
कृषि-खाद्य प्रणालियों के लिए एआई पर वैश्विक पहल के अध्यक्ष कौन हैं?
- A.डॉ. बिलेल जमौसी
- B.डॉ. ए. के. नायक
- C.डॉ. सेबेस्टियन बॉसे
- D.श्री कृष्णन पल्लास्सना
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर डॉ. सेबेस्टियन बॉसे हैं, जिन्होंने जीआई-एआई4एफएस के अध्यक्ष के रूप में दूसरी बैठक के उद्घाटन सत्र की शुरुआत प्रारंभिक भाषण से की। विकल्प ए के डॉ. बिलेल जमौसी आईटीयू के दूरसंचार मानकीकरण ब्यूरो के उप निदेशक हैं और उन्होंने मुख्य भाषण दिया, पर वे इस पहल के अध्यक्ष नहीं हैं। विकल्प बी के डॉ. ए. के. नायक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद में प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के उप महानिदेशक हैं और वे भी मुख्य वक्ता थे। विकल्प डी के श्री कृष्णन पल्लास्सना खाद्य एवं कृषि संगठन में रणनीति, नवाचार एवं भागीदारी के वरिष्ठ विशेषज्ञ हैं तथा उन्होंने भी संबोधन किया। तीनों उद्घाटन सत्र का हिस्सा थे, लेकिन अध्यक्षता डॉ. बॉसे के पास है। परीक्षा में अध्यक्ष और मुख्य वक्ताओं के नाम आपस में बदलकर पूछे जाते हैं, इसलिए हर नाम को उसके पद और संस्था के साथ जोड़कर याद रखना उपयोगी रहता है, जैसे आईटीयू, एफएओ और आईसीएआर के प्रतिनिधि।
कृषि-खाद्य प्रणालियों के लिए एआई पर संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक पहल का समन्वय कौन सी संस्था करती है?
- A.खाद्य एवं कृषि संगठन
- B.अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ
- C.विश्व खाद्य कार्यक्रम
- D.अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास कोष
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ है। जीआई-एआई4एफएस संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक पहल है और इसका समन्वय आईटीयू करता है, जो तीन सहयोगी संस्थाओं के साथ मिलकर यह काम देखता है। विकल्प ए में दिया खाद्य एवं कृषि संगठन इन सहयोगियों में से एक है और उसके वरिष्ठ विशेषज्ञ ने नई दिल्ली की बैठक में मुख्य भाषण भी दिया, लेकिन वह समन्वयक नहीं है। विकल्प सी का विश्व खाद्य कार्यक्रम भी सहयोगी संस्था है, समन्वयक नहीं। विकल्प डी का अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास कोष इसी समूह की तीसरी सहयोगी संस्था है, इसलिए वह भी गलत है। आईटीयू संयुक्त राष्ट्र का दूरसंचार और मानकीकरण से जुड़ा निकाय है, इसलिए इंटरनेट ऑफ थिंग्स, डिजिटल कनेक्टिविटी और खेती में एआई के मानकों पर बनी इस पहल का नेतृत्व वही करता है।
नई दिल्ली में जीआई-एआई4एफएस की दूसरी बैठक दूरसंचार इंजीनियरिंग केंद्र ने किस भारतीय संस्था के साथ मिलकर आयोजित की?
- A.भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद
- B.भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण
- C.नीति आयोग
- D.राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद है। संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग के अधीन काम करने वाले दूरसंचार इंजीनियरिंग केंद्र ने कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन आईसीएआर के साथ मिलकर यह बैठक कराई। बैठक से पहले हुआ अंतर्राष्ट्रीय हैकाथॉन भी आईसीएआर के परिसर में इसी साझेदारी में हुआ और आईसीएआर के प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन उप महानिदेशक मुख्य वक्ताओं में शामिल थे। विकल्प बी का भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण दूरसंचार क्षेत्र का नियामक है और इसमें उसकी कोई भूमिका नहीं बताई गई। विकल्प सी का नीति आयोग सरकार का नीति थिंक टैंक है और वह मेजबान नहीं था। विकल्प डी का नाबार्ड ग्रामीण ऋण से जुड़ा विकास वित्त संस्थान है, जो इस आयोजन से नहीं जुड़ा था। परीक्षा की दृष्टि से यह जोड़ी याद रखनी चाहिए कि दूरसंचार विभाग का तकनीकी केंद्र और देश की प्रमुख कृषि अनुसंधान संस्था, दोनों ने मिलकर भारत मोबाइल कांग्रेस 2026 के साथ यह अंतरराष्ट्रीय बैठक नई दिल्ली में कराई।