ओलंपिक आदर्श वाक्य सितियुस, आल्तियुस, फोर्तियुस में 2021 में कौन सा शब्द जोड़ा गया?
- A.कोम्मुनितेर
- B.फोर्तितेर
- C.केलेरियुस
- D.पासेम
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर A, कोम्मुनितेर है, जो लैटिन में साथ मिलकर का अर्थ देता है। तीन शब्दों का वाक्य, अर्थात अधिक तेज, अधिक ऊंचा, अधिक बलवान, फादर हेनरी दिदों ने गढ़ा और पियरे द कुबर्तिन ने आधुनिक खेलों के लिए अपनाया; 2021 में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने चौथा शब्द जोड़ दिया, जिससे वाक्य अब अधिक तेज, अधिक ऊंचा, अधिक बलवान, साथ मिलकर पढ़ा जाता है और व्यक्तिगत श्रेष्ठता के साथ एकजुटता पर बल देता है।
विकल्प B गलत है, क्योंकि फोर्तितेर, अर्थात वीरता से, वाक्य का भाग नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि केलेरियुस भी तेज का ही दूसरा लैटिन शब्द है और सितियुस की पुनरावृत्ति होगा। विकल्प D गलत है, क्योंकि पासेम, अर्थात शांति, अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन जैसे दूसरे वाक्यों का अंश है। यह भी स्मरण रखें कि भाग लेने की बात कहने वाला ओलंपिक पंथ तथा खिलाड़ियों की शपथ आदर्श वाक्य से अलग हैं।
पूरा लेख पढ़ें: भारतीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के आदर्श वाक्य
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारत का राष्ट्रीय आदर्श वाक्य सत्यमेव जयते किस ग्रंथ से लिया गया है?
- A.मुंडक उपनिषद
- B.ऋग्वेद
- C.मनुस्मृति
- D.अर्थशास्त्र
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यह पंक्ति कहती है कि सत्य की ही विजय होती है, और उसे गणराज्य का आदर्श वाक्य चुनकर भारत के राज्य चिह्न की पट्टिका पर देवनागरी लिपि में अंकित किया गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नभः स्पृशं दीप्तम्, अर्थात गौरव के साथ आकाश का स्पर्श, किसका आदर्श वाक्य है?
- A.भारतीय नौसेना
- B.भारतीय वायु सेना
- C.भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन
- D.राष्ट्रीय रक्षा अकादमी
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यह पद भगवद्गीता के ग्यारहवें अध्याय से लिया गया है, जहां विराट रूप आकाश का स्पर्श करता है, और वह किसी वायु बल के लिए ठीक बैठता है; वह वायु सेना के प्रतीक चिह्न पर हिमालयी गरुड़ के नीचे अंकित है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →शं नो वरुणः किस बल का आदर्श वाक्य है?
- A.भारतीय तटरक्षक बल
- B.सीमा सुरक्षा बल
- C.भारतीय नौसेना
- D.भारतीय थल सेना
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शं नो वरुणः तैत्तिरीय उपनिषद की संस्कृत प्रार्थना है कि जल के स्वामी वरुण हमारे लिए मंगलकारी हों, जो समुद्री सेवा के लिए स्वाभाविक चुनाव है, और वह नौसेना के प्रतीक चिह्न पर लंगर के नीचे अंकित है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →यतो धर्मस्ततो जयः, अर्थात जहां धर्म है वहीं विजय है, किसका आदर्श वाक्य है?
- A.भारत का उच्चतम न्यायालय
- B.भारत निर्वाचन आयोग
- C.केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो
- D.भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक
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यह पंक्ति महाभारत से आती है और न्यायालय के प्रतीक चिह्न पर अंकित है, जिसमें अशोक के सिंह शीर्ष के सिंहों के साथ धर्मचक्र दिखाया गया है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →वयम् रक्षामः, अर्थात हम रक्षा करते हैं, किस संगठन का आदर्श वाक्य है?
- A.केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल
- B.भारतीय तटरक्षक बल
- C.राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड
- D.सशस्त्र सीमा बल
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इस सेवा का गठन 1978 में हुआ और वह रक्षा मंत्रालय के अधीन समुद्री क्षेत्रों की रखवाली, मत्स्य तथा तस्करी रोकने वाले कानून का प्रवर्तन और समुद्र में खोज तथा बचाव का कार्य करती है, इसलिए वयम् रक्षामः का सीधा वचन उसके लिए उपयुक्त है।
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