नियमित न किए गए अग्निवीरों के लिए मंत्रिमंडल ने कितनी अवधि की अतिरिक्त सेवा मंजूर की है?
- A.एक वर्ष
- B.दो वर्ष
- C.तीन वर्ष
- D.पांच वर्ष
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर दो वर्ष है। भारतीय रक्षा बलों की सिफारिश पर मंत्रिमंडल ने उन अग्निवीरों के लिए दो वर्ष की एक और सेवा अवधि मंजूर की है जिन्हें तुरंत नियमित नहीं किया जाता, और यह प्रस्ताव हर अग्निवीर की इच्छा पर निर्भर करेगा। यह दूसरी अवधि पहले जैसी शर्तों का साधारण विस्तार नहीं है, क्योंकि इसमें अधिक वेतन, बढ़ा हुआ सेवा निधि पैकेज और वरिष्ठता का लाभ मिलेगा। अवधि पूरी होने पर सभी अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में भर्ती का प्रस्ताव दिया जाएगा, यदि वे इच्छुक हों और चयन मानदंड पूरे करें। विकल्प A, C और D मंजूर अवधि नहीं हैं। सरकार के अनुसार यह कदम सोच-विचार, तर्कसंगत और विस्तृत मूल्यांकन तथा प्रतिक्रिया के बाद उठाया गया है।
पूरा लेख पढ़ें: मंत्रिमंडल ने सभी अग्निवीरों के नियमित होने का रास्ता खोला
अभ्यास प्रश्न
योग्यता के आधार पर कितने प्रतिशत अग्निवीरों को रक्षा बलों में नियमित नियुक्ति दी जाएगी?
- A.10 प्रतिशत
- B.25 प्रतिशत
- C.50 प्रतिशत
- D.75 प्रतिशत
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अग्निपथ योजना की शुरुआत में जैसी व्यवस्था सोची गई थी, उसी के अनुसार एक चौथाई अग्निवीरों को योग्यता के आधार पर रक्षा बलों में नियमित नियुक्ति दी जाती है, और मंत्रिमंडल के इस निर्णय ने उसी हिस्से की पुष्टि की है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अग्निपथ योजना के आकलन में निम्नलिखित में से कौन सी बात उपलब्धि के रूप में गिनाई गई?
- A.छोटे जिलों में भर्ती रैलियां बंद करना
- B.रक्षा बलों की कई शाखाएं महिलाओं के लिए खुलना
- C.शारीरिक दक्षता परीक्षा की जगह लिखित परीक्षा लेना
- D.भर्ती का काम राज्य सरकारों को सौंपना
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अग्निपथ योजना के चार वर्ष पूरे होने पर किए गए आकलन में इसे योजना की प्रमुख उपलब्धियों में गिना गया, जिनमें देश के अधिक जिलों तक अग्निवीर भर्ती का फैलाव, अधिक मानकीकृत और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, शारीरिक दमखम, मनोबल, प्रेरणा, प्रतिस्पर्धा की भावना तथा अनुशासन का बहुत ऊंचा स्तर, और…
पूरी व्याख्या पढ़ें →शिविर का स्थान रायरंगपुर निम्नलिखित में से किसका मूल स्थान है?
- A.भारत के उपराष्ट्रपति
- B.भारत की राष्ट्रपति
- C.भारत के मुख्य न्यायाधीश
- D.ओडिशा के राज्यपाल
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विज्ञप्ति में बताया गया है कि यह शिविर ओडिशा के मयूरभंज जिले में उस स्थान पर लगाया गया जहां से भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू आती हैं, जिससे वहां किए गए चिकित्सा प्रयास का महत्व और बढ़ गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →रायरंगपुर में जिसका 12वां संस्करण हुआ, वह ऑपरेशन दृष्टि किस संगठन की पहल है?
- A.राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन
- B.सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा
- C.भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी
- D.राष्ट्रीय दृष्टिहीनता नियंत्रण कार्यक्रम
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ऑपरेशन दृष्टि उसी की पहल है, जिसके माध्यम से देश के वंचित क्षेत्रों तक विशेषज्ञ नेत्र देखभाल और उन्नत चिकित्सा पहुंचाई जाती है, और ओडिशा के मयूरभंज जिले के रायरंगपुर का शिविर इसका बारहवां प्रयास था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →रायरंगपुर में ऑपरेशन दृष्टि के 12वें संस्करण में कितनी नेत्र शल्यक्रियाएं की गईं, जिनसे दृष्टि लौटी?
- A.198
- B.298
- C.365
- D.406
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सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा के इस शिविर में कुल चार हजार से अधिक रोगियों का उपचार हुआ और इतनी नेत्र शल्यक्रियाएं की गईं, जिनसे रोगियों की दृष्टि लौटी, और सारी सेवाएं नि:शुल्क रहीं।
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