निम्नलिखित में से कौन-सी भारतीय कृषि की विशेषता नहीं है?
- A.निर्वाह कृषि
- B.कृषि पर जनसंख्या का दबाव
- C.मानसून पर निर्भरता
- D.नकदी फसलों की प्रधानता
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, नकदी फसलों की प्रधानता। भारतीय कृषि में खाद्य फसलों की प्रधानता है, नकदी फसलों की नहीं।
भारत के बोए गए क्षेत्र का अधिकांश भाग चावल, गेहूं, मोटे अनाज और दालों जैसी खाद्य फसलों के अधीन है, जिन्हें मुख्यतः किसान परिवार और देश का पेट भरने के लिए उगाया जाता है। कपास, जूट, गन्ना, चाय और तिलहन जैसी नकदी फसलें महत्त्वपूर्ण हैं, पर इनका क्षेत्र काफी कम है। छोटी और बिखरी जोतें, वर्षा पर भारी निर्भरता और भूमि पर अधिक श्रमिक, पाठ्यपुस्तकों में दी गई मुख्य विशेषताएं हैं।
A गलत है, क्योंकि भारतीय कृषि का बड़ा हिस्सा निर्वाह कृषि है, जिसमें उपज का बड़ा भाग परिवार ही उपयोग करता है।
B गलत है, क्योंकि बहुत बड़ी जनसंख्या खेती पर निर्भर है, जिससे जोतें छोटे टुकड़ों में बंट जाती हैं।
C गलत है, क्योंकि बोया गया बड़ा क्षेत्र वर्षा पर आधारित है, इसलिए उपज मानसून के साथ घटती-बढ़ती है।
Exam tip: भारतीय कृषि = निर्वाह प्रधान, खाद्य फसलों की प्रधानता, मानसून पर निर्भर, छोटी जोतें, जनसंख्या का भारी दबाव।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वे क्षेत्र जहाँ वर्षा 250 सेमी से अधिक होती है 2. वार्षिक तापमान 25°C - 27°C 3. औसत आर्द्रता 75% से अधिक 4. वृक्ष अपनी पत्तियाँ नहीं गिराते उपर्युक्त विशेषताएँ निम्नलिखित में से किस प्रकार की वनस्पति को दर्शाती हैं?
- A.उष्णकटिबंधीय आर्द्र सदाबहार
- B.उष्णकटिबंधीय अर्ध-सदाबहार
- C.उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती
- D.उष्णकटिबंधीय शुष्क सदाबहार
उत्तर देखें
बहुत भारी वर्षा, ऊँचा और स्थिर तापमान, 75 प्रतिशत से अधिक आर्द्रता और साल भर हरे रहने वाले वृक्ष उष्णकटिबंधीय आर्द्र सदाबहार वनों की पहचान हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →स्थानांतरी कृषि में जली हुई वनस्पति की राख मुख्य रूप से किस रूप में काम आती है?
- A.कीटनाशक
- B.मिट्टी को पोषक तत्व देने वाली खाद
- C.वन की जड़ें मारने वाला खरपतवारनाशी
- D.ढाल समतल करने का साधन
उत्तर देखें
काटो और जलाओ कृषि में काटे गए वृक्ष और झाड़ियां वहीं सुखाकर जलाई जाती हैं, और पीछे बची राख पोटाश तथा अन्य खनिज पोषक तत्वों से भरपूर होती है, जिस पर किसान निर्भर रहता है क्योंकि न रासायनिक उर्वरक लगाया जाता है न गोबर की खाद।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भूमध्यसागरीय कृषि विशेष रूप से किस गतिविधि के लिए प्रसिद्ध है?
- A.अंगूर उत्पादन
- B.दुग्ध कृषि
- C.स्थानांतरी कृषि
- D.व्यापारिक अनाज कृषि
उत्तर देखें
भूमध्यसागरीय जलवायु, जिसमें ग्रीष्म गर्म और शुष्क तथा शीत मृदु और आर्द्र होता है, अंगूर की लता के लिए लगभग किसी अन्य क्षेत्र से अधिक अनुकूल है, और भूमध्य सागर के चारों ओर के देश, कैलिफ़ोर्निया, मध्य चिली, दक्षिण अफ़्रीका का केप क्षेत्र तथा दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया के भाग संसार के…
पूरी व्याख्या पढ़ें →पूर्व सोवियत संघ का 'कोलखोज़' किसका उदाहरण था?
- A.सहकारी कृषि
- B.सामूहिक कृषि
- C.रोपण कृषि
- D.बाज़ार उद्यान कृषि
उत्तर देखें
कोलखोज़ पूर्व सोवियत संघ का सामूहिक फ़ार्म था, जिसमें भूमि, औज़ार, पशु और श्रम एकत्र किए जाते थे और फ़ार्म राज्य के निर्देशन में चलता था, जहां उत्पादन लक्ष्य योजना से तय होते थे; पूरी तरह वेतनभोगी श्रमिकों से चलने वाला राज्य फ़ार्म सोवखोज़ कहलाता था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बहुत छोटी जोत, खाद का भारी उपयोग और प्रति हेक्टेयर अधिक उपज वाली गहन जीवन निर्वाह कृषि किसकी विशेषता है?
- A.उत्तर अमेरिका की प्रेयरी
- B.एशिया के मानसूनी क्षेत्र
- C.यूरेशिया के स्टेपी
- D.दक्षिण अमेरिका के पंपास
उत्तर देखें
जहां जनसंख्या घनी है और पीढ़ियों के उत्तराधिकार से जोतें बंट गई हैं, जैसे भारत, चीन, बांग्लादेश, वियतनाम और इंडोनेशिया में, वहां किसान छोटे खेत पर भरपूर श्रम, खाद और सिंचाई जल लगाता है और वर्ष में एक से अधिक फ़सल लेता है।
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