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GK24
भूगोलमध्यम

निम्नलिखित में से कौन पूर्वांचल या पूर्वी पहाड़ियों का भाग नहीं है?

  1. A.पटकाई बूम
  2. B.नगा पहाड़ियाँ
  3. C.मिजो पहाड़ियाँ
  4. D.अरावली पहाड़ियाँ

सही उत्तर

D. अरावली पहाड़ियाँ

व्याख्या

सही उत्तर D, अरावली पहाड़ियाँ है। पूर्वांचल या पूर्वी पहाड़ियाँ ब्रह्मपुत्र के पूर्वी मोड़ के आगे हिमालय का दक्षिण की ओर विस्तार हैं, और उनमें पटकाई बूम, नगा पहाड़ियाँ, मणिपुर पहाड़ियाँ तथा मिजो या लुशाई पहाड़ियाँ सम्मिलित हैं। ये मुख्य हिमालयी श्रेणियों से नीची हैं और बड़े भाग में मुलायम बलुआ पत्थर से बनी हैं। इसके विपरीत अरावली विश्व के सबसे प्राचीन वलित पर्वत तंत्रों में एक है, जो गुजरात से राजस्थान होकर दिल्ली तक उत्तर-पूर्व दिशा में फैली अवशिष्ट श्रेणी है और जिसका सर्वोच्च बिंदु माउंट आबू पर गुरु शिखर है। विकल्प A गलत है क्योंकि पटकाई बूम अरुणाचल प्रदेश की म्यांमार से लगी सीमा पर है। विकल्प B गलत है क्योंकि नगा पहाड़ियाँ नगालैंड में हैं, और विकल्प C गलत है क्योंकि मिजो पहाड़ियाँ मिजोरम में हैं। ध्यान रखें कि पूर्वांचल की सभी पहाड़ियाँ पूर्वोत्तर भारत में हैं, इसलिए विकल्पों में जो नाम पूर्वोत्तर से बाहर का हो, वही उत्तर होता है।

पूरा लेख पढ़ें: हिमालय और उत्तरी मैदान: श्रेणियाँ, दर्रे और पट्टियाँ

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Q1.भूगोलआसान

हिमालय की तीन समानांतर श्रेणियों में निम्नलिखित में से कौन सबसे उत्तरी और सबसे ऊँची है?

  1. A.शिवालिक
  2. B.हिमाचल या लघु हिमालय
  3. C.हिमाद्रि या महान हिमालय
  4. D.पूर्वांचल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. हिमाद्रि या महान हिमालय

व्याख्या

सही उत्तर C, हिमाद्रि या महान हिमालय है। हिमाद्रि हिमालय की तीन समानांतर श्रेणियों में सबसे भीतरी और सबसे उत्तरी है, जिसकी औसत ऊँचाई लगभग 6,000 मीटर है। यह तीनों में सर्वाधिक सतत है, सबसे ऊँची चोटियाँ रखती है और वर्ष भर हिम से ढकी रहती है, इसीलिए गंगोत्री तथा यमुनोत्री जैसे बड़े हिमालयी हिमनद इसी में हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि शिवालिक सबसे बाहरी और सबसे नीची श्रेणी है, जो केवल लगभग 900 से 1,100 मीटर ऊँची है और नदियों द्वारा बहाकर लाए ढीले अवसाद से बनी है। विकल्प B गलत है क्योंकि हिमाचल या लघु हिमालय अन्य दोनों के बीच, लगभग 3,700 से 4,500 मीटर पर है और इसी में पर्वतीय नगर तथा कश्मीर, काँगड़ा और कुल्लू घाटियाँ हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि पूर्वांचल पहाड़ियाँ ब्रह्मपुत्र के मोड़ के आगे का पूर्वी विस्तार हैं, तीन समानांतर श्रेणियों में से एक नहीं।

Q2.भूगोलमध्यम

दून कहलाने वाली लंबवत घाटियाँ किन दो श्रेणियों के बीच स्थित हैं?

  1. A.महान हिमालय और लघु हिमालय
  2. B.शिवालिक और लघु हिमालय
  3. C.काराकोरम और लद्दाख श्रेणी
  4. D.जास्कर और महान हिमालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. शिवालिक और लघु हिमालय

व्याख्या

सही उत्तर B, शिवालिक और लघु हिमालय है। दून समतल तलवाली लंबवत घाटियाँ हैं, जो वहाँ बनीं जहाँ लघु हिमालय से निकलती नदियाँ उठती हुई शिवालिक के पीछे रुक गईं और गर्त को बजरी तथा गाद से भर दिया। उत्तराखंड का देहरा दून सबसे बड़ा है, और कोटली दून तथा पाटली दून वे अन्य उदाहरण हैं जिनके नाम परीक्षाओं में आते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि महान और लघु हिमालय के बीच की घाटी पट्टी में कश्मीर घाटी आती है, जो करेवा झील-निक्षेपों से भरी है और उसे दून नहीं कहा जाता। विकल्प C गलत है क्योंकि काराकोरम और लद्दाख श्रेणी महान हिमालय के उत्तर के ट्रांस हिमालय क्षेत्र में हैं, जहाँ उनके बीच सिंधु बहती है। विकल्प D गलत है क्योंकि जास्कर श्रेणी भी ट्रांस हिमालय तंत्र की है और उसमें कोई दून नहीं है।

Q3.भूगोलमध्यम

कश्मीर घाटी के करेवा निक्षेप किस फसल की खेती के लिए सर्वाधिक प्रसिद्ध हैं?

  1. A.केसर
  2. B.चाय
  3. C.रबड़
  4. D.जूट
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. केसर

व्याख्या

सही उत्तर A, केसर है। करेवा कश्मीर घाटी में जमे हिमनदीय मृत्तिका, गाद तथा अन्य झील-अवसादों की मोटी परतें हैं, और यह घाटी पीर पंजाल तथा महान हिमालय के बीच स्थित है। इनकी महीन, अच्छे जल निकास वाली मिट्टी और घाटी की ठंडी सर्दियाँ केसर के अनुकूल हैं, और श्रीनगर के निकट पांपोर क्षेत्र सबसे प्रसिद्ध उत्पादन क्षेत्र है; इसी निक्षेप पर बादाम और सेब के बाग भी लगे हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि चाय को गर्म, आर्द्र जलवायु तथा भारी और समान वर्षा चाहिए और वह असम, दार्जिलिंग की पहाड़ियों, नीलगिरि तथा केरल में होती है। विकल्प C गलत है क्योंकि रबड़ विषुवतीय फसल है, जो मुख्यतः केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक तथा पूर्वोत्तर राज्यों में होती है। विकल्प D गलत है क्योंकि जूट को पश्चिम बंगाल, बिहार और असम के गर्म, आर्द्र जलोढ़ बाढ़ मैदान चाहिए, ठंडी पर्वतीय घाटी नहीं।

Q4.भूगोलमध्यम

उत्तरी मैदान की कौन सी पट्टी शिवालिक की तलहटी में कंकड़-पत्थर की सँकरी पट्टी है, जिसमें धाराएँ सतह से लुप्त हो जाती हैं?

  1. A.तराई
  2. B.भाबर
  3. C.बांगर
  4. D.खादर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भाबर

व्याख्या

सही उत्तर B, भाबर है। भाबर शिवालिक श्रेणी की तलहटी में बिछी लगभग 8 से 16 किलोमीटर चौड़ी सँकरी पट्टी है, जहाँ पहाड़ों से निकलती नदियाँ अपना सबसे मोटा भार गिरा देती हैं। यह निक्षेप कंकड़ और बजरी का ढेर होने से अत्यधिक छिद्रयुक्त है, इसलिए धाराएँ इसमें धँसकर सतह से गायब हो जाती हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि तराई भाबर के ठीक दक्षिण में है और वह आर्द्र, दलदली पट्टी है जहाँ वही धाराएँ फिर प्रकट होती हैं; यह पहले घने वन से ढकी थी। विकल्प C गलत है क्योंकि बांगर बाढ़ के स्तर से ऊपर वेदिकाओं में खड़ा पुराना जलोढ़ है, जिसमें कंकड़ नामक चूनेदार गाँठें रहती हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि खादर बाढ़ के मैदानों का नया जलोढ़ है, जो लगभग हर बाढ़ से नया बिछता है और मैदान का सबसे उपजाऊ भाग है।

Q5.भूगोलआसान

उत्तरी मैदान का वह पुराना जलोढ़, जो बाढ़ के स्तर से ऊपर रहता है और जिसमें कंकड़ नामक चूनेदार गाँठें होती हैं, क्या कहलाता है?

  1. A.खादर
  2. B.भाबर
  3. C.बांगर
  4. D.तराई
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. बांगर

व्याख्या

सही उत्तर C, बांगर है। बांगर उत्तरी मैदान का पुराना जलोढ़ निक्षेप है। यह ऐसी वेदिकाएँ बनाता है जो वर्तमान बाढ़ स्तर से ऊपर रहती हैं, इसलिए उस पर नई गाद नहीं पहुँचती, और लंबे निक्षालन ने उसकी परत में कंकड़ नामक चूनेदार गाँठें छोड़ दी हैं। बार-बार नया न बिछने के कारण यह दोनों जलोढ़ों में कम उपजाऊ है। विकल्प A गलत है क्योंकि खादर बाढ़ के मैदानों का नया जलोढ़ है, जो लगभग हर बाढ़ से नया बिछता है और इसलिए अधिक उपजाऊ है। विकल्प B गलत है क्योंकि भाबर शिवालिक की तलहटी की कंकड़ पट्टी है, जहाँ धाराएँ भूमिगत होकर लुप्त हो जाती हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि तराई भाबर के दक्षिण की दलदली और पहले घने वन वाली पट्टी है, जहाँ वे धाराएँ फिर सतह पर आती हैं। विद्यार्थी बांगर और खादर को उलट देते हैं, इसलिए याद रखें कि बांगर पुराना है।