निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. भारत सरकार रामतिल (गुइज़ोटिया एबिसिनिका) के बीजों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य देती है। 2. रामतिल की खेती खरीफ़ फ़सल के रूप में की जाती है। 3. भारत के कुछ जनजातीय लोग खाना पकाने में रामतिल के तेल का उपयोग करते हैं। उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
- A.केवल एक
- B.केवल दो
- C.तीनों
- D.कोई भी नहीं
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, तीनों। रामतिल न्यूनतम समर्थन मूल्य वाले तिलहनों में है, यह मुख्यतः खरीफ़ में उगाया जाता है, और जनजातीय समुदाय इसके तेल से खाना पकाते हैं।
रामतिल (गुइज़ोटिया एबिसिनिका), जिसे काला तिल या नाइजर भी कहते हैं, इथियोपिया से भारत आया एक गौण तिलहन है। केंद्र सरकार कृषि लागत एवं मूल्य आयोग की सलाह पर हर वर्ष अन्य खरीफ़ फ़सलों के साथ इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करती है; यह 22 अधिसूचित फ़सलों और समर्थन मूल्य वाले नौ तिलहनों में शामिल है। यह अधिकतर मानसून के साथ कमज़ोर, पहाड़ी और ऊँची भूमि पर बोया जाता है, और कुछ क्षेत्रों में रबी या पछेती खरीफ़ में भी लिया जाता है। भारत में इसकी खेती मुख्यतः ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और झारखंड के जनजातीय क्षेत्रों में होती है, जहाँ इसका तेल भोजन पकाने में काम आता है; इसका बीज पक्षियों के दाने के रूप में निर्यात भी होता है।
इसलिए A और B गलत हैं, क्योंकि एक से अधिक कथन सही हैं, और D गलत है, क्योंकि कोई कथन गलत नहीं।
परीक्षा टिप: रामतिल = जनजातीय ऊँची भूमि का खरीफ़ तिलहन, समर्थन मूल्य सहित; ओडिशा और मध्य प्रदेश अग्रणी।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंकिसी एक वस्तु की कीमत लोच का परिमाण कैसे निर्धारित होता है? 1. वस्तु किस हद तक आवश्यकता या विलासिता है, इससे 2. स्थानापन्न वस्तुएं किस हद तक उपलब्ध हैं, इससे 3. अर्थव्यवस्था में आय वृद्धि की दर से 4. उपभोक्ता के बजट में वस्तु के सापेक्ष महत्व से नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.1, 2 और 3
- B.केवल 1 और 4
- C.1, 2 और 4
- D.3 और 4
उत्तर देखें
वस्तु का स्वरूप, उसके स्थानापन्न और बजट में उसका हिस्सा तय करते हैं कि कीमत बदलने पर मांग कितनी बदलेगी; अर्थव्यवस्था में आय की वृद्धि यह तय नहीं करती।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उत्पादन संभावना सीमा (वक्र) के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.संसाधन सीमित होने के कारण उत्पादन संभावना सीमा दाईं ओर नीचे की ओर ढलान वाली होती है।
- B.उपलब्ध संसाधनों और प्रौद्योगिकी के आधार पर विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं के अलग-अलग संयोजन उत्पादन संभावना सीमा द्वारा दर्शाए जाते हैं।
- C.उत्पादन संभावना सीमा पर या उसके भीतर का कोई भी बिंदु मौजूदा प्रौद्योगिकी और संसाधनों से प्राप्त किया जा सकता है।
- D.उत्पादन संभावना सीमा पर एक वस्तु का उत्पादन दूसरी वस्तु के उत्पादन में बदलाव किए बिना बढ़ाया जा सकता है।
उत्तर देखें
सीमा पर सभी संसाधन पहले से पूरी तरह इस्तेमाल हो रहे होते हैं, इसलिए एक वस्तु अधिक बनाने के लिए दूसरी वस्तु का कुछ उत्पादन छोड़ना ही पड़ता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राष्ट्रीय गोकुल मिशन के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
I. यह ग्रामीण गरीबों के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि कम उत्पादन वाले अधिकांश देशी पशु छोटे और सीमांत किसानों तथा भूमिहीन श्रमिकों के पास हैं।
II. इसे देशी गोवंश और भैंस के पालन और संरक्षण को वैज्ञानिक और समग्र तरीके से बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल I
- B.केवल II
- C.I और II दोनों
- D.न तो I और न ही II
उत्तर देखें
राष्ट्रीय गोकुल मिशन देशी गाय और भैंस की नस्लों के वैज्ञानिक संरक्षण और विकास के लिए शुरू हुआ, और यह सबसे अधिक उन छोटे किसानों और भूमिहीन श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण है जिनके पास ऐसे अधिकांश पशु हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अटल इनोवेशन मिशन किसके अंतर्गत स्थापित किया गया है?
- A.विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग
- B.श्रम और रोज़गार मंत्रालय
- C.नीति आयोग
- D.कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय
उत्तर देखें
अटल इनोवेशन मिशन (AIM) की स्थापना 2016 में नीति आयोग ने नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाले भारत सरकार के प्रमुख कार्यक्रम के रूप में की।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत सरकार कृषि में 'नीम-लेपित यूरिया' के उपयोग को क्यों बढ़ावा देती है?
- A.मिट्टी में नीम तेल के निकलने से मृदा सूक्ष्मजीवों द्वारा नाइट्रोजन स्थिरीकरण बढ़ता है
- B.नीम का लेप मिट्टी में यूरिया के घुलने की दर को धीमा कर देता है
- C.फ़सली खेतों से ग्रीनहाउस गैस नाइट्रस ऑक्साइड वायुमंडल में बिल्कुल नहीं निकलती
- D.यह विशेष फ़सलों के लिए खरपतवारनाशी और उर्वरक का मिश्रण है
उत्तर देखें
नीम की परत नाइट्रोजन को धीरे-धीरे छोड़ती है, इसलिए फ़सल उसका अधिक भाग लेती है और कम नष्ट होता है।
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