नौवें आईबीएसएएमएआर अभ्यास का विषय क्या है?
- A.सामुद्रिक क्षेत्र में एक साझा भविष्य की ओर एकजुटता और मजबूती
- B.सुरक्षित समुद्र, साझा समृद्धि
- C.एक महासागर, एक भविष्य
- D.सुरक्षित हिंद महासागर के साझेदार
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर सामुद्रिक क्षेत्र में एक साझा भविष्य की ओर एकजुटता और मजबूती है। यही भारत-ब्राजील-दक्षिण अफ्रीका समुद्री अभ्यास के नौवें संस्करण का घोषित विषय है, जिसका उद्देश्य सामूहिक समुद्री सुरक्षा तथा समुद्री चुनौतियों से निपटने की तैयारी है। यह संस्करण हिंद महासागर क्षेत्र में सामुद्रिक सहयोग और सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। बाकी तीनों विकल्प नौसैनिक आयोजनों में चलने वाले आकर्षक नारों जैसे लगते हैं, लेकिन इस अभ्यास का विषय इनमें से कोई नहीं है। परीक्षार्थी को समुद्र से जुड़े किसी सामान्य वाक्यांश के बजाय संस्करण संख्या के साथ विषय जोड़कर याद रखना चाहिए। इस संस्करण में सतही युद्ध, वायु-रोधी युद्ध, पनडुब्बी-रोधी युद्ध, नौसैनिक हवाई अभियान, समुद्री अवरोधन, वीबीएसएस, डकैती विरोधी अभियान, खोज एवं बचाव तथा क्षति नियंत्रण और अग्निशमन का प्रशिक्षण शामिल है।
पूरा लेख पढ़ें: आईएनएस तरकश नौवें आईबीएसएएमएआर अभ्यास में शामिल
अभ्यास प्रश्न
आईबीएसएएमएआर नौसैनिक अभ्यास का नौवां संस्करण किस देश में हो रहा है?
- A.ब्राजील
- B.दक्षिण अफ्रीका
- C.भारत
- D.नामीबिया
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व्याख्या
सही उत्तर दक्षिण अफ्रीका है। भारतीय नौसेना के अग्रणी निर्देशित मिसाइल स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस तरकश को भारत-ब्राजील-दक्षिण अफ्रीका समुद्री अभ्यास के नौवें संस्करण में भाग लेने के लिए दक्षिण अफ्रीका भेजा गया है। मेजबान नौसेना ने इस अभ्यास के लिए एसएएस अमाटोला, एसएएस किंग सेखुखुने प्रथम, एसएएस एडम कोक तृतीय तथा पनडुब्बी एसएएस मंथातिसी को उतारा है। विकल्प A यानी ब्राजील गलत है, क्योंकि ब्राजील तीन भागीदार देशों में से एक है और उसकी ओर से बीएनएस बारोसो भाग ले रहा है, लेकिन इस संस्करण की मेजबानी उसके पास नहीं है। विकल्प C यानी भारत भी इसी कारण गलत है, क्योंकि भारत ने अपना पोत विदेश भेजा है और भारत की ओर से चेतक हेलीकॉप्टर के साथ आईएनएस तरकश शामिल है। विकल्प D यानी नामीबिया गलत है, क्योंकि यह श्रृंखला केवल भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के समूह की है और इसमें नामीबिया की कोई भूमिका नहीं है।
आईबीएसएएमएआर अभ्यास किस वर्ष से हर दो साल पर आयोजित किया जा रहा है?
- A.2003
- B.2008
- C.2012
- D.2016
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व्याख्या
सही उत्तर 2008 है। भारत-ब्राजील-दक्षिण अफ्रीका ढांचे के अंतर्गत यह अभ्यास इसी वर्ष से हर दो साल पर होता आ रहा है और तीनों नौसेनाओं के बीच सामूहिक प्रशिक्षण तथा परिचालन अनुभव साझा करने का जमा-जमाया मंच बन चुका है। चूंकि श्रृंखला दो वर्ष के चक्र पर चलती है, इसलिए इसी शुरुआती वर्ष से गिनने पर नौवां संस्करण मौजूदा वर्ष में पड़ता है। यह गणना परीक्षार्थियों के लिए जांच का अच्छा तरीका है। विकल्प A गलत है, क्योंकि उस समय यह नौसैनिक अभ्यास श्रृंखला शुरू ही नहीं हुई थी। विकल्प C गलत है, क्योंकि उस वर्ष तक अभ्यास के कई संस्करण पूरे हो चुके थे और नौवें संस्करण से पीछे गिनने पर यह विकल्प कटता है। विकल्प D भी इसी गणना से बाहर हो जाता है, क्योंकि उस वर्ष शुरुआत होने पर अब तक नौ संस्करण संभव नहीं थे। अभ्यास के पीछे का समूह आईबीएसए है।
माउंट मुकुट अभियान के बाद देहरादून में भारतीय तटरक्षक बल के दल का स्वागत किसने किया?
- A.उत्तराखंड के राज्यपाल
- B.उत्तराखंड के मुख्यमंत्री
- C.भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक
- D.रक्षा मंत्री
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व्याख्या
सही उत्तर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हैं। इस पद पर आसीन पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में आयोजित समारोह में सत्रह सदस्यीय दल का स्वागत किया, पर्वतारोहियों के असाधारण साहस एवं सहनशक्ति की सराहना की और इस उपलब्धि को हिम्मत तथा राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बताया। विकल्प A में राज्य के राज्यपाल का नाम है, जिन्होंने यह समारोह नहीं कराया। विकल्प C में तटरक्षक बल के प्रमुख का उल्लेख है; इस आयोजन में बल की ओर से अपर महानिदेशक आनंद प्रकाश बडोला उपस्थित थे, जिन्होंने दल को बधाई दी। विकल्प D यानी रक्षा मंत्री भी सही नहीं है। अभ्यर्थियों को स्वागत समारोह, नगर और स्वागत करने वाले पद को जोड़कर याद रखना चाहिए। ऐसे प्रश्नों में राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच भ्रम पैदा किया जाता है, इसलिए यह ध्यान रखना चाहिए कि इस आयोजन में राज्य के मुख्यमंत्री ने दल का स्वागत किया था।
माउंट मुकुट की चढ़ाई भारतीय तटरक्षक बल के किस आयोजन से जुड़े एवरेस्ट अभियान की तैयारी थी?
- A.वर्ष 2027 में स्वर्ण जयंती
- B.वर्ष 2028 में प्लैटिनम जयंती
- C.वर्ष 2030 में हीरक जयंती
- D.वर्ष 2032 में शताब्दी समारोह
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व्याख्या
सही उत्तर विकल्प A में दिया गया स्वर्ण जयंती वर्ष है। माउंट मुकुट की चढ़ाई उसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर बनाए गए 18 महीने के प्रशिक्षण कार्यक्रम का पांचवां और अंतिम चरण थी, और इससे मिला परिचालन अनुभव तथा सीख एवरेस्ट अभियान की अंतिम तैयारियों में सहायक होगी। विकल्प B में प्लैटिनम जयंती, विकल्प C में हीरक जयंती और विकल्प D में शताब्दी समारोह का उल्लेख है, पर प्रस्तावित एवरेस्ट अभियान इनमें से किसी अवसर से नहीं जुड़ा है। अभ्यर्थियों को याद रखना चाहिए कि स्वर्ण जयंती का अर्थ पचास वर्ष पूरे होना है, और माउंट मुकुट का शिखर तथा देहरादून का स्वागत समारोह दोनों उसी तैयारी का हिस्सा हैं। परीक्षा में जयंती के प्रकार और उससे जुड़े वर्ष को मिलाकर प्रश्न बनाए जाते हैं, इसलिए दोनों तथ्यों को साथ याद रखना अधिक उपयोगी रहता है।
माउंट मुकुट अभियान में भारतीय तटरक्षक बल के दल को किस संस्थान का मार्गदर्शन मिला?
- A.नेहरू पर्वतारोहण संस्थान, उत्तरकाशी
- B.हिमालय पर्वतारोहण संस्थान, दार्जिलिंग
- C.जवाहर पर्वतारोहण संस्थान, पहलगाम
- D.भारतीय पर्वतारोहण फाउंडेशन, नई दिल्ली
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व्याख्या
सही उत्तर हिमालय पर्वतारोहण संस्थान, दार्जिलिंग है, जिसे संक्षेप में एचएमआई कहा जाता है। तटरक्षक बल के सत्रह सदस्यीय दल ने इसी संस्थान के विशेषज्ञ मार्गदर्शन में माउंट मुकुट की चढ़ाई पूरी की, और यह चढ़ाई 18 महीने चले प्रशिक्षण कार्यक्रम का पांचवां तथा अंतिम चरण थी। विकल्प A में उत्तरकाशी के संस्थान, विकल्प C में पहलगाम के संस्थान और विकल्प D में राजधानी के पर्वतारोहण संगठन का नाम है; ये सभी भारत में पर्वतारोहण से जुड़े हैं, पर इस अभियान में इनका उल्लेख नहीं है। अभ्यर्थियों को संस्थान का नाम और उसका स्थान साथ याद रखना चाहिए, क्योंकि प्रश्न अक्सर यह पूछते हैं कि चढ़ाई का प्रशिक्षण किस संस्थान ने कराया। संस्थान के नाम को अभियान से जुड़े बल और चोटी की ऊंचाई के साथ भी जोड़कर रखना चाहिए, क्योंकि एक ही प्रश्न में तीनों तथ्य पूछे जा सकते हैं।