नई दिल्ली के राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में वन्यजीव सप्ताह 2026 किन तिथियों में मनाया जाएगा?
- A.1 से 7 अक्टूबर 2026
- B.2 से 8 अक्टूबर 2026
- C.3 से 9 अक्टूबर 2026
- D.5 से 11 अक्टूबर 2026
सही उत्तर
B. 2 से 8 अक्टूबर 2026
व्याख्या
सही उत्तर 2 से 8 अक्टूबर 2026 है। इस अवधि में उद्यान ने वॉक और प्रतियोगिताओं का पूरा सप्ताह तय किया है, जिसमें ट्री वॉक, बर्ड वॉक, बटरफ्लाई एवं ड्रैगनफ्लाई वॉक, स्पाइडर एवं इंसेक्ट वॉक, सरीसृप, उभयचर और मोलस्क वॉक, कीपर्स टॉक तथा एनक्लोजर एनरिचमेंट के साथ मिट्टी की कलाकृति, पोस्टर मेकिंग, वाद-विवाद, निबंध लेखन, चित्रकला, रंगोली और क्विज जैसी प्रतियोगिताएं शामिल हैं। विकल्प A, C और D तिथियों को एक या अधिक दिन आगे-पीछे कर देते हैं और घोषणा से मेल नहीं खाते। तिथियों के साथ दो बातें और याद रखें — किसी भी वॉक, गतिविधि या प्रतियोगिता का कोई शुल्क नहीं है, और प्रतिभागियों के साथ उनके शिक्षकों, कर्मचारियों तथा अभिभावकों के अलावा 12 वर्ष तक के बच्चों को भी नि:शुल्क प्रवेश मिलेगा। प्रतियोगिताओं की विस्तृत जानकारी उद्यान की वेबसाइट और एनजेडपी साथी मोबाइल ऐप पर दी जाएगी।
पूरा लेख पढ़ें: दिल्ली चिड़ियाघर की पक्षी वॉक में 47 प्रजातियां दर्ज हुईं
अभ्यास प्रश्न
राष्ट्रीय प्राणी उद्यान की संडे बर्ड वॉक में प्रतिभागियों ने कितनी पक्षी प्रजातियां दर्ज कीं?
- A.28 प्रजातियां
- B.36 प्रजातियां
- C.47 प्रजातियां
- D.63 प्रजातियां
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 47 प्रजातियां
व्याख्या
सही उत्तर 47 प्रजातियां है और इस दौरान 750 से अधिक पक्षियों को देखा गया। विकल्प A, B और D इस गतिविधि से जुड़े आंकड़े नहीं हैं। पक्षियों के साथ प्रतिभागियों ने वॉक क्षेत्र में आठ तितली प्रजातियां, दस ड्रैगनफ्लाई प्रजातियां और पांच डैमसेलफ्लाई प्रजातियां भी दर्ज कीं, जिसे उद्यान परिसर में तितलियों तथा ऑडोनेट की समृद्ध विविधता का प्रमाण बताया गया। यह पूरा अवलोकन सुबह साढ़े छह बजे से साढ़े दस बजे तक पक्षी विशेषज्ञ रोहित शर्मा तथा तितली एवं ड्रैगनफ्लाई विशेषज्ञ रामवीर के मार्गदर्शन में हुआ। उद्यान ऐसी वॉक को नागरिक विज्ञान कहता है, क्योंकि आम प्रतिभागी क्षेत्र से मिले आंकड़े जैव विविधता के दस्तावेजीकरण में जोड़ते हैं और खुद पहचान का कौशल सीखते हैं। इस वॉक में पंद्रह प्रतिभागी शामिल हुए, जबकि उद्यान हर संडे नेचर वॉक में बीस से पच्चीस लोगों को ही जगह देता है।
नई दिल्ली का राष्ट्रीय प्राणी उद्यान किस केंद्रीय मंत्रालय के अधीन कार्य करता है?
- A.पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
- B.कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
- C.संस्कृति मंत्रालय
- D.पर्यटन मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
व्याख्या
सही उत्तर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय है, जो वन्यजीव और जैव विविधता से जुड़े विषय देखता है और जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय प्राणी उद्यान आता है। विकल्प B खेती और उससे जुड़ी गतिविधियों का मंत्रालय है, विकल्प C संग्रहालय, अकादमियों तथा विरासत संस्थानों से जुड़ा है और विकल्प D यात्रा एवं गंतव्य प्रचार देखता है, इसलिए इनमें से कोई भी उद्यान का मूल मंत्रालय नहीं है। उद्यान के निदेशक डॉ. संजीत कुमार ने प्रतिभागियों से कहा कि नेचर वॉक से प्रजातियों की पहचान का कौशल बढ़ता है, खाद्य श्रृंखला की समझ गहरी होती है और जैव विविधता के रिकॉर्ड समृद्ध होते हैं। परीक्षा के लिए उद्यान को इस मंत्रालय, रविवार की नागरिक विज्ञान वॉक और अक्टूबर के वन्यजीव सप्ताह से जोड़कर याद रखें। यही मंत्रालय देश में चिड़ियाघरों तथा वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी नीतियों की देखरेख करता है, इसलिए यह जोड़ी परीक्षा में बार-बार पूछी जाती है।
राष्ट्रीय प्राणी उद्यान की प्रत्येक संडे नेचर वॉक में कितने प्रतिभागी शामिल किए जाते हैं?
- A.10 से 15
- B.20 से 25
- C.30 से 40
- D.50 से 60
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सही उत्तर: B. 20 से 25
व्याख्या
सही उत्तर 20 से 25 प्रतिभागी है। उद्यान यह सीमा इसलिए रखता है कि हर वॉक भीड़ के बजाय गुणवत्तापूर्ण और नजदीकी सीखने का अनुभव बनी रहे। विकल्प A, C और D इन वॉक के लिए तय सीमा से मेल नहीं खाते। पहले से पंजीकरण अनिवार्य है और यह पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर उस फॉर्म से होता है जो हर सप्ताह सोमवार से शुक्रवार तक खुला रहता है; इसका लिंक राष्ट्रीय प्राणी उद्यान की आधिकारिक वेबसाइट तथा एनजेडपी साथी मोबाइल ऐप पर दिया जाता है। इस सीमा और रिपोर्ट की गई वॉक की वास्तविक उपस्थिति में अंतर समझें, क्योंकि उस दिन पंद्रह प्रतिभागी शामिल हुए थे। वन्यजीव सप्ताह के लिए दिल्ली-एनसीआर के सरकारी और निजी विद्यालयों के छात्र आमंत्रित हैं। वन्यजीव सप्ताह के दौरान किसी गतिविधि का शुल्क नहीं है और प्रतिभागियों के साथ शिक्षकों तथा अभिभावकों को भी नि:शुल्क प्रवेश मिलेगा।
स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत किस महीने और वर्ष में हुई थी?
- A.अक्टूबर 2014
- B.अगस्त 2014
- C.अक्टूबर 2015
- D.अप्रैल 2016
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अक्टूबर 2014
व्याख्या
सही उत्तर अक्टूबर 2014 है। उसी शुरुआत से नगरीय ठोस कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन इस मिशन का मूल उद्देश्य रहा है, और जैसे-जैसे मिशन आगे बढ़ा, जैविक कचरे को कूड़ा मानने के बजाय स्वच्छ ऊर्जा के संसाधन के रूप में देखा जाने लगा। प्रयागराज, ग्वालियर, हैदराबाद और गांधीनगर में बताए गए कचरे से ऊर्जा वाले सभी काम इसी मिशन के शहरी हिस्से के दूसरे चरण के अंतर्गत आते हैं। विकल्प B यानी अगस्त 2014 वर्ष के हिसाब से इतना निकट है कि जल्दबाजी में पढ़ने वाला फंस सकता है, परंतु महीना गलत है। विकल्प C यानी अक्टूबर 2015 में महीना ठीक है और वर्ष एक साल आगे खिसका दिया गया है, जो तिथि वाले प्रश्नों का सबसे आम जाल है। विकल्प D यानी अप्रैल 2016 किसी से मेल नहीं खाता। याद रखने का सहारा यह है कि स्वच्छता महात्मा गांधी की जयंती से जुड़ी है, जो दो अक्टूबर को पड़ती है।
सब्जी के कचरे से बनी बिजली से स्ट्रीट लाइट जलाने वाली बोवेनपल्ली सब्जी मंडी किस शहर में है?
- A.बेंगलुरु
- B.चेन्नई
- C.हैदराबाद
- D.पुणे
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. हैदराबाद
व्याख्या
सही उत्तर हैदराबाद है। बोवेनपल्ली सब्जी मंडी में रोज करीब दस टन सब्जी और फल का कचरा जुटता है, और वहीं जैव गैस संयंत्र लगने के बाद उसका लगभग पूरा हिस्सा काम में आ जाता है, पहले वह लैंडफिल जाता था। संयंत्र रोज करीब 400 से 500 यूनिट बिजली और 30 किलो जैव ईंधन बनाता है, जिससे मंडी की स्ट्रीट लाइट, दुकानें, प्रशासनिक भवन और जल आपूर्ति नेटवर्क चलते हैं, जबकि जैव ईंधन मंडी की रसोई और पूरी तरह जैव गैस पर चलने वाले जनरेटर को मिलता है। बिजली का बिल महीने के करीब तीन लाख रुपये से घटकर लगभग आधा रह गया है और गुडीमलकापुर, गद्दीअन्नाराम, एर्रागड्डा, अलवाल तथा सरूरनगर में पांच और संयंत्रों के लिए धन स्वीकृत हुआ है। विकल्प A, B और D दूसरे राज्यों के बड़े शहर हैं और इस मॉडल से जुड़े नहीं हैं।