माउंटेन गार्जियन 2026 भारत और किस देश के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास है?
- A.सऊदी अरब
- B.संयुक्त अरब अमीरात
- C.ओमान
- D.कतर
सही उत्तर
B. संयुक्त अरब अमीरात
व्याख्या
सही उत्तर संयुक्त अरब अमीरात है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि भारत और अमीरात का संयुक्त सैन्य अभ्यास माउंटेन गार्जियन 2026 उत्तराखंड के चौबटिया स्थित विदेशी प्रशिक्षण नोड में शुरू हुआ, जिसमें दोनों सेनाओं की बराबर भागीदारी है और विषय पर्वतीय युद्ध है। विकल्प A यानी सऊदी अरब सही नहीं है; भारत उस देश के साथ अलग सैन्य संवाद करता है, पर यह अभ्यास उनमें शामिल नहीं है। विकल्प C यानी ओमान भ्रमित करने वाला विकल्प है क्योंकि भारत और ओमान के बीच तीनों सेनाओं के जाने-माने द्विपक्षीय अभ्यास होते हैं, लेकिन यहां नामित अभ्यास अमीराती सेना के साथ है। विकल्प D यानी कतर भी गलत है, क्योंकि विज्ञप्ति में साझेदार के रूप में केवल संयुक्त अरब अमीरात का नाम है। अभ्यास के नाम के साथ साझेदार देश, उत्तराखंड का पहाड़ी स्थान और पर्वतीय युद्ध का विषय जोड़कर याद रखें।
पूरा लेख पढ़ें: माउंटेन गार्जियन 2026 अभ्यास चौबटिया, उत्तराखंड में शुरू
अभ्यास प्रश्न
माउंटेन गार्जियन 2026 अभ्यास में कुल कितने सैन्यकर्मी भाग ले रहे हैं?
- A.45
- B.92
- C.150
- D.250
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सही उत्तर: B. 92
व्याख्या
सही उत्तर 92 है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार अभ्यास में कुल 92 सैन्यकर्मी हिस्सा ले रहे हैं और भारतीय सेना तथा अमीराती सेना की भागीदारी बराबर है। भारतीय दल भैरव बटालियन से लिया गया है और अमीराती दल माउंटेन इन्फैंट्री बटालियन से, तथा दोनों सेनाओं की महिला अधिकारी व महिला सैनिक विशेषज्ञ भूमिकाओं में शामिल की गई हैं। विकल्प A यानी पैंतालीस गलत है, क्योंकि यह संख्या अधिक से अधिक एक दल का वर्णन करती है और दी गई कुल संख्या से मेल नहीं खाती। विकल्प C और विकल्प D दोनों संख्या को बढ़ाकर बताते हैं; इतने बड़े अभ्यास होते हैं, लेकिन चौबटिया के विदेशी प्रशिक्षण नोड में हो रहे इस अभ्यास की घोषित संयुक्त संख्या बानवे है। अभ्यर्थी ध्यान रखें कि यह संख्या दोनों पक्षों में बराबर बंटी है, और परीक्षक इसी से प्रत्येक पक्ष की संख्या पर प्रश्न बना सकते हैं।
माउंटेन गार्जियन 2026 के लिए भारतीय दल किस प्रकार की इकाई से लिया गया है?
- A.भैरव बटालियन
- B.राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन
- C.पैराशूट रेजिमेंट बटालियन
- D.असम राइफल्स बटालियन
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सही उत्तर: A. भैरव बटालियन
व्याख्या
सही उत्तर भैरव बटालियन है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार माउंटेन गार्जियन 2026 में भारतीय सेना का दल भैरव बटालियन के सैनिकों से बना है, जबकि संयुक्त अरब अमीरात का साझेदार दल माउंटेन इन्फैंट्री बटालियन के सैनिकों से। यह जोड़ी सोच-समझकर बनाई गई है, क्योंकि अभ्यास दुर्गम पहाड़ी इलाकों के संचालन पर केंद्रित है और इसमें रॉक क्लाइंबिंग, बाधा प्रशिक्षण, निगरानी ग्रिड तथा ड्रोन संचालन शामिल हैं। विकल्प B सही नहीं है; राष्ट्रीय राइफल्स की भूमिका आतंकवाद रोधी अभियानों से जुड़ी है और इस अभ्यास के लिए उसका नाम नहीं आया। विकल्प C वायु सैनिक बलों से लिया गया भ्रम है, जिनका उल्लेख घोषणा में नहीं है। विकल्प D भी गलत है, क्योंकि असम राइफल्स एक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है और इस द्विपक्षीय अभ्यास में शामिल नहीं है। दोनों इकाइयों के नाम साथ याद रखें।
एचएएल कोरापुट की बढ़ी शक्ति इंजन क्षमता मुख्यतः किन प्लेटफॉर्म के लिए है?
- A.तेजस और राफेल लड़ाकू विमान
- B.ध्रुव एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर और प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर
- C.डोर्नियर और सारस परिवहन विमान
- D.रुस्तम और तापस मानवरहित विमान
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सही उत्तर: B. ध्रुव एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर और प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर
व्याख्या
सही उत्तर ध्रुव एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर और प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर है। घोषणा में इन दोनों स्वदेशी रोटरी-विंग प्लेटफॉर्म को ही बढ़ते शक्ति इंजन उत्पादन के उपयोगकर्ता के रूप में बताया गया है। कोरापुट की दूसरी लाइन, जो 218 करोड़ रुपये के निवेश से बनी है, इसी बढ़ती जरूरत के लिए है। विकल्प A लड़ाकू विमानों का है, जिनके इंजन अलग होते हैं। विकल्प C और D परिवहन तथा मानवरहित विमानों के नाम हैं, जिन्हें इस घोषणा में शक्ति इंजन से नहीं जोड़ा गया। मंत्रालय का व्यापक तर्क यह है कि देश में प्रणोदन प्रणाली बनाना ही भारत को रक्षा उपकरणों के खरीदार से डिजाइनर, डेवलपर और निर्माता बनाता है, क्योंकि इंजन के आयात पर निर्भरता किसी अन्यथा स्वदेशी विमान को भी रोक देती है।
एचएएल कोरापुट में शक्ति इंजन की दूसरी उत्पादन लाइन में कितना निवेश किया गया है?
- A.118 करोड़ रुपये
- B.218 करोड़ रुपये
- C.418 करोड़ रुपये
- D.818 करोड़ रुपये
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सही उत्तर: B. 218 करोड़ रुपये
व्याख्या
सही उत्तर 218 करोड़ रुपये है। कोरापुट के कार्यक्रम में सामने आ रही शक्ति इंजन की दूसरी उत्पादन लाइन इसी निवेश से स्थापित हुई है, और यह बढ़ी क्षमता स्वदेशी हेलीकॉप्टर प्लेटफॉर्म के लिए है, जिनमें घोषणा के अनुसार ध्रुव एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर और प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर शामिल हैं। दूसरी लाइन इसलिए जरूरी है कि एक ही लाइन से साल भर में दी जा सकने वाली इंजन संख्या पर सीमा लग जाती है, और हेलीकॉप्टर उत्पादन अपने इंजनों से आगे नहीं चल सकता। बाकी तीन आंकड़े इस घोषणा के नहीं हैं। दिन के दो अंकों को अलग-अलग रखें — दो हजार संयंत्र की शुरुआत से अब तक दिए गए इंजनों की गिनती है, और दो सौ अठारह करोड़ रुपये नई लाइन में लगी राशि।
एचएएल का कौन सा डिवीजन अपने 2000वें एयरो-इंजन की डिलीवरी का पड़ाव पूरा कर रहा है?
- A.बेंगलुरु डिवीजन
- B.कोरापुट डिवीजन
- C.नासिक डिवीजन
- D.हैदराबाद डिवीजन
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सही उत्तर: B. कोरापुट डिवीजन
व्याख्या
सही उत्तर कोरापुट डिवीजन है, जो ओडिशा में है और लगभग छह दशकों से एयरो-इंजन बना रहा है। इस संयंत्र का दो हजारवां इंजन 6 अक्टूबर 2026 को सौंपा जा रहा है, जिसका उद्घाटन रक्षा मंत्री करेंगे और ओडिशा के मुख्यमंत्री भी उपस्थित रहेंगे। उसी अवसर पर शक्ति इंजन की दूसरी उत्पादन लाइन सामने आएगी, जो स्वदेशी हेलीकॉप्टरों की बढ़ती जरूरत के लिए 218 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित हुई है। विकल्प A, C और D हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के वास्तविक केंद्र हैं और हर एक की अपनी उत्पाद श्रृंखला है, इसलिए वे भ्रमित कर सकते हैं; लेकिन एयरो-इंजन का यह पड़ाव कोरापुट का है। संयंत्र, राज्य और इंजन को एक साथ जोड़कर याद रखें — कोरापुट, ओडिशा, शक्ति इंजन।