महाकाव्य शिलप्पदिकारम किससे संबंधित है?
- A.राम की कथा
- B.कथानक में जैन तत्व
- C.श्रीलंकाई बौद्धों की संस्कृति
- D.शक्ति पूजा का पंथ
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, कथानक में जैन तत्व। शिलप्पदिकारम की रचना इलंगो अडिगल ने की थी, जो राजकुमार होकर जैन मुनि बने, और इसकी पूरी कथा में जैन विचार दिखाई देते हैं।
शिलप्पदिकारम, यानी नूपुर की कथा, तमिल साहित्य के पाँच महान महाकाव्यों में से एक है, जिसकी रचना ईसा की आरंभिक सदियों में हुई। इसमें पुहार के व्यापारी कोवलन और उसकी पत्नी कण्णगी की कहानी है। कण्णगी मदुरै के पांड्य राजा के सामने अपने नूपुर से पति की निर्दोषता सिद्ध करती है और फिर शोक में नगर को जला देती है। यात्रा में एक जैन साध्वी इस दंपती का मार्गदर्शन करती है, और पूर्व कर्मों के फल जैसे जैन उपदेश कथा को दिशा देते हैं। इसका साथी महाकाव्य, सात्तनार का मणिमेकलै, बौद्ध है।
विकल्प A गलत है क्योंकि राम की कथा रामायण में और तमिल में कंबन के रामावतारम में है। विकल्प C गलत है क्योंकि बौद्ध महाकाव्य मणिमेकलै है और दोनों में से कोई भी श्रीलंकाई बौद्धों पर नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि शक्ति पूजा इसका विषय नहीं है, यद्यपि बाद में कण्णगी की पूजा देवी पत्तिनी के रूप में होने लगी।
परीक्षा टिप: शिलप्पदिकारम = इलंगो अडिगल (जैन); मणिमेकलै = सात्तनार (बौद्ध)।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से किसकी/किनकी स्थापना राजा राममोहन राय ने की थी?
1. आत्मीय सभा
2. ब्रह्म समाज
3. प्रार्थना समाज
4. आर्य समाज
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.1, 2 और 3
- B.केवल 2
- C.केवल 1 और 2
- D.1, 3 और 4
उत्तर देखें
राजा राममोहन राय ने 1815 में आत्मीय सभा और 1828 में ब्रह्म सभा की स्थापना की, जो आगे चलकर ब्रह्म समाज कहलाई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ब्रिटिश भारत के किस राजनेता ने ऐसे पाकिस्तान का विरोध किया था जिसका अर्थ "यहाँ मुस्लिम राज और अन्यत्र हिंदू राज" होता?
- A.खान अब्दुल गफ्फार खान
- B.सिकंदर हयात खान
- C.मौलाना अबुल कलाम आज़ाद
- D.रफ़ी अहमद किदवई
उत्तर देखें
पंजाब के प्रधानमंत्री (प्रीमियर) के रूप में उन्होंने मार्च 1941 में पंजाब विधानसभा में कहा था कि वे ऐसी आज़ादी नहीं चाहते जिसमें "यहाँ मुस्लिम राज और अन्यत्र हिंदू राज" हो, और अगर पाकिस्तान का यही अर्थ है तो उनका उससे कोई लेना-देना नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →शिमला को सैनिकों के ठहरने, सीमा की रक्षा करने और अभियान चलाने के रणनीतिक स्थान के रूप में एक पर्वतीय स्थल के तौर पर किस युद्ध के दौरान बसाया गया था?
- A.आंग्ल-मराठा युद्ध
- B.आंग्ल-बर्मा युद्ध
- C.आंग्ल-गोरखा युद्ध
- D.आंग्ल-अफगान युद्ध
उत्तर देखें
1814-16 के आंग्ल-गोरखा युद्ध के दौरान शिमला अंग्रेजों के नियंत्रण में आया और पहाड़ी सीमा पर एक सैनिक चौकी के रूप में विकसित हुआ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1921 में निम्नलिखित में से किस दौरे के दौरान गांधीजी ने गरीबों से जुड़ाव दिखाने के लिए सिर मुंडवाया और लंगोटी पहनना शुरू किया?
- A.अहमदाबाद
- B.चंपारण
- C.चौरी चौरा
- D.दक्षिण भारत
उत्तर देखें
सितंबर 1921 में असहयोग आंदोलन के दौरान दक्षिण भारत की यात्रा करते हुए गांधीजी ने मदुरै में कुर्ता और टोपी छोड़कर साधारण लंगोटी अपना ली।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हर्षचरित में भास्कर नामक शासक द्वारा हर्षवर्धन को भेजे गए विभिन्न उपहारों का उल्लेख है। भास्कर किस वंश से संबंधित था?
- A.मगध का हर्यक वंश
- B.असम का वर्मन वंश
- C.उत्तर भारत का नंद वंश
- D.उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर देखें
भास्करवर्मन कामरूप, यानी प्राचीन असम, का राजा और हर्ष का घनिष्ठ मित्र था। हर्षचरित की रचना सातवीं शताब्दी में कन्नौज के राजा हर्षवर्धन के दरबारी कवि बाणभट्ट ने की थी।
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