कृषि-खाद्य प्रणालियों के लिए एआई पर संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक पहल का समन्वय कौन सी संस्था करती है?
- A.खाद्य एवं कृषि संगठन
- B.अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ
- C.विश्व खाद्य कार्यक्रम
- D.अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास कोष
सही उत्तर
B. अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ
व्याख्या
सही उत्तर अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ है। जीआई-एआई4एफएस संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक पहल है और इसका समन्वय आईटीयू करता है, जो तीन सहयोगी संस्थाओं के साथ मिलकर यह काम देखता है। विकल्प ए में दिया खाद्य एवं कृषि संगठन इन सहयोगियों में से एक है और उसके वरिष्ठ विशेषज्ञ ने नई दिल्ली की बैठक में मुख्य भाषण भी दिया, लेकिन वह समन्वयक नहीं है। विकल्प सी का विश्व खाद्य कार्यक्रम भी सहयोगी संस्था है, समन्वयक नहीं। विकल्प डी का अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास कोष इसी समूह की तीसरी सहयोगी संस्था है, इसलिए वह भी गलत है। आईटीयू संयुक्त राष्ट्र का दूरसंचार और मानकीकरण से जुड़ा निकाय है, इसलिए इंटरनेट ऑफ थिंग्स, डिजिटल कनेक्टिविटी और खेती में एआई के मानकों पर बनी इस पहल का नेतृत्व वही करता है।
पूरा लेख पढ़ें: जीआई-एआई4एफएस की दूसरी बैठक नई दिल्ली में आयोजित
अभ्यास प्रश्न
नई दिल्ली में जीआई-एआई4एफएस की दूसरी बैठक दूरसंचार इंजीनियरिंग केंद्र ने किस भारतीय संस्था के साथ मिलकर आयोजित की?
- A.भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद
- B.भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण
- C.नीति आयोग
- D.राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक
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व्याख्या
सही उत्तर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद है। संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग के अधीन काम करने वाले दूरसंचार इंजीनियरिंग केंद्र ने कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन आईसीएआर के साथ मिलकर यह बैठक कराई। बैठक से पहले हुआ अंतर्राष्ट्रीय हैकाथॉन भी आईसीएआर के परिसर में इसी साझेदारी में हुआ और आईसीएआर के प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन उप महानिदेशक मुख्य वक्ताओं में शामिल थे। विकल्प बी का भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण दूरसंचार क्षेत्र का नियामक है और इसमें उसकी कोई भूमिका नहीं बताई गई। विकल्प सी का नीति आयोग सरकार का नीति थिंक टैंक है और वह मेजबान नहीं था। विकल्प डी का नाबार्ड ग्रामीण ऋण से जुड़ा विकास वित्त संस्थान है, जो इस आयोजन से नहीं जुड़ा था। परीक्षा की दृष्टि से यह जोड़ी याद रखनी चाहिए कि दूरसंचार विभाग का तकनीकी केंद्र और देश की प्रमुख कृषि अनुसंधान संस्था, दोनों ने मिलकर भारत मोबाइल कांग्रेस 2026 के साथ यह अंतरराष्ट्रीय बैठक नई दिल्ली में कराई।
कृषि-खाद्य प्रणालियों के लिए एआई पर वैश्विक पहल के अध्यक्ष कौन हैं?
- A.डॉ. बिलेल जमौसी
- B.डॉ. ए. के. नायक
- C.डॉ. सेबेस्टियन बॉसे
- D.श्री कृष्णन पल्लास्सना
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व्याख्या
सही उत्तर डॉ. सेबेस्टियन बॉसे हैं, जिन्होंने जीआई-एआई4एफएस के अध्यक्ष के रूप में दूसरी बैठक के उद्घाटन सत्र की शुरुआत प्रारंभिक भाषण से की। विकल्प ए के डॉ. बिलेल जमौसी आईटीयू के दूरसंचार मानकीकरण ब्यूरो के उप निदेशक हैं और उन्होंने मुख्य भाषण दिया, पर वे इस पहल के अध्यक्ष नहीं हैं। विकल्प बी के डॉ. ए. के. नायक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद में प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के उप महानिदेशक हैं और वे भी मुख्य वक्ता थे। विकल्प डी के श्री कृष्णन पल्लास्सना खाद्य एवं कृषि संगठन में रणनीति, नवाचार एवं भागीदारी के वरिष्ठ विशेषज्ञ हैं तथा उन्होंने भी संबोधन किया। तीनों उद्घाटन सत्र का हिस्सा थे, लेकिन अध्यक्षता डॉ. बॉसे के पास है। परीक्षा में अध्यक्ष और मुख्य वक्ताओं के नाम आपस में बदलकर पूछे जाते हैं, इसलिए हर नाम को उसके पद और संस्था के साथ जोड़कर याद रखना उपयोगी रहता है, जैसे आईटीयू, एफएओ और आईसीएआर के प्रतिनिधि।
एनसीसीएसआर 2026 में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के वरिष्ठ सलाहकार के साथ फायरसाइड चैट किस विषय पर हुई?
- A.सोशल स्टॉक एक्सचेंज
- B.सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड
- C.नगरपालिका बॉन्ड बाज़ार
- D.वैकल्पिक निवेश कोष
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व्याख्या
सही उत्तर सोशल स्टॉक एक्सचेंज है। उद्घाटन सत्र के बाद ‘सोशल स्टॉक एक्सचेंज: उद्देश्य, पूँजी और प्रभाव’ विषय पर फायरसाइड चैट हुई, जिसमें नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में नीति के वरिष्ठ सलाहकार श्री शैलेश के. पाठक और आईआईसीए की प्रो. गरिमा दधीच शामिल हुए। चर्चा में देखा गया कि सोशल स्टॉक एक्सचेंज सामाजिक उद्देश्य को पूँजी से कैसे जोड़ सकता है, और सामाजिक क्षेत्र के वित्तपोषण में भरोसेमंद प्रभाव मापन, पारदर्शिता तथा संस्थागत विश्वास क्यों ज़रूरी हैं। विकल्प B, C और D में सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड, नगरपालिका बॉन्ड बाज़ार और वैकल्पिक निवेश कोष हैं, जो भारतीय वित्त के असली साधन हैं लेकिन इस सत्र का विषय नहीं थे। सम्मेलन के अन्य सत्रों में बोर्ड की भूमिका, सीएसआर एक्सचेंज पोर्टल, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना पर बात हुई।
कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व पर तीसरा राष्ट्रीय सम्मेलन एवं प्रदर्शनी (एनसीसीएसआर 2026) किस संस्थान ने आयोजित किया?
- A.भारतीय लोक प्रशासन संस्थान
- B.भारतीय कॉर्पोरेट कार्य संस्थान
- C.राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान
- D.भारतीय कंपनी सचिव संस्थान
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व्याख्या
सही उत्तर भारतीय कॉर्पोरेट कार्य संस्थान है। एनसीसीएसआर 2026 का आयोजन आईआईसीए ने, विशेष रूप से उसके स्कूल ऑफ बिज़नेस एनवायरनमेंट ने, कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के अधीन किया और यह 6 तथा 7 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के द अशोक में हुआ। संस्थान के महानिदेशक एवं सीईओ श्री ज्ञानेश्वर कुमार सिंह तथा स्कूल ऑफ बिज़नेस एनवायरनमेंट की प्रमुख प्रो. गरिमा दधीच, दोनों ने सम्मेलन को संबोधित किया। इसी संस्थान ने कोयला मंत्रालय और कोल इंडिया लिमिटेड के लिए क्षेत्र-विशेष सीएसआर ढाँचे भी तैयार किए, जिन पर पैनल चर्चाओं में बात हुई। विकल्प A, C और D में भारतीय लोक प्रशासन संस्थान, राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान और भारतीय कंपनी सचिव संस्थान के नाम हैं, जो वास्तविक संस्थाएँ हैं लेकिन इनमें से किसी ने यह सम्मेलन नहीं कराया। सीएसआर से जुड़े प्रश्न में आईआईसीए को कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के साथ जोड़कर याद रखें।
एनसीसीएसआर 2026 का उद्घाटन करने और भारतीय कोयला कंपनियों के लिए व्यापक सीएसआर ढाँचा जारी करने वाले कौन थे?
- A.अजीत सेठ, पूर्व कैबिनेट सचिव
- B.पल्लवी जैन गोविल, सचिव, कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय
- C.सतीश चंद्र दुबे, कोयला एवं खान राज्य मंत्री
- D.ज्ञानेश्वर कुमार सिंह, महानिदेशक एवं सीईओ, आईआईसीए
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व्याख्या
सही उत्तर सतीश चंद्र दुबे, कोयला एवं खान राज्य मंत्री हैं। उन्होंने सम्मेलन का उद्घाटन किया, मुख्य भाषण दिया और भारतीय कोयला कंपनियों के लिए व्यापक सीएसआर ढाँचा जारी किया, जो कोयला क्षेत्र को ज़रूरत के आधार पर सुव्यवस्थित दिशा देने के लिए बनाया गया है। उन्होंने कहा कि आर्थिक प्रगति का पूरा अर्थ तभी है जब उसका लाभ मज़बूत समुदायों, व्यापक अवसरों और अधिक सक्षम क्षेत्रों के रूप में सामने आए। विकल्प A गलत है, क्योंकि अजीत सेठ ने दूसरे दिन समापन भाषण दिया और सीएसआर बेस्ट प्रैक्टिसेज़ कंपेंडियम 2025 जारी किया। विकल्प B गलत है, क्योंकि पल्लवी जैन गोविल ने उद्घाटन भाषण दिया और इंडिया सीएसआर फैक्टबुक 2024-25 जारी की। विकल्प D गलत है, क्योंकि आईआईसीए के महानिदेशक ने स्वागत भाषण दिया था। चारों नाम इसी आयोजन से हैं, इसलिए हर नाम को उसके काम से जोड़कर याद रखें।