कोंकण-26 अभ्यास में भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व किस युद्धपोत ने किया?
- A.आईएनएस तबर
- B.आईएनएस तलवार
- C.आईएनएस त्रिशूल
- D.आईएनएस तेग
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर आईएनएस त्रिशूल है। कोंकण-26 में भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस त्रिशूल ने किया, जिसने प्लायमाउथ के निकट रॉयल नेवी के एचएमएस सदरलैंड के साथ अभ्यास किया। विकल्प A, B और D में आईएनएस तबर, आईएनएस तलवार और आईएनएस तेग के नाम दिए गए हैं। ये भारतीय नौसेना के अन्य फ्रिगेट हैं, इसलिए परीक्षा में ये विकल्प भ्रमित कर सकते हैं, लेकिन इस अभ्यास के लिए इनमें से कोई भी पोत नहीं भेजा गया था और अभ्यास के समापन की विज्ञप्ति में भारतीय पक्ष से केवल आईएनएस त्रिशूल का नाम है। इसलिए याद रखने योग्य जोड़ी है, भारत के लिए आईएनएस त्रिशूल और ब्रिटेन के लिए ड्यूक श्रेणी का पनडुब्बीरोधी फ्रिगेट एचएमएस सदरलैंड। जिस समुद्री चरण में दोनों पोतों ने साथ काम किया वह चार दिन का था और उसमें संयुक्त सामरिक अभ्यास, पनडुब्बीरोधी गतिविधियां तथा बहु-खतरे वाले वातावरण में हथियारों से फायरिंग शामिल थी।
पूरा लेख पढ़ें: कोंकण-26: भारत-ब्रिटेन नौसैनिक अभ्यास प्लायमाउथ तट पर संपन्न
अभ्यास प्रश्न
कोंकण-26 द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास भारत और किस देश के बीच आयोजित हुआ?
- A.फ्रांस
- B.ब्रिटेन
- C.अमेरिका
- D.जापान
उत्तर देखें
कोंकण भारतीय नौसेना और ब्रिटेन की रॉयल नेवी के बीच आयोजित होने वाला द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास है, और इसका संस्करण कोंकण-26 ब्रिटेन के प्लायमाउथ तट के निकट संपन्न हुआ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कोंकण-26 अभ्यास ब्रिटेन के किस बंदरगाह नगर के निकट संपन्न हुआ?
- A.पोर्ट्समाउथ
- B.प्लायमाउथ
- C.साउथैम्पटन
- D.लिवरपूल
उत्तर देखें
कोंकण-26 ब्रिटेन के प्लायमाउथ तट के निकट समाप्त हुआ, जहां रॉयल नेवी के फ्लीट ऑपरेशनल स्टैंडर्ड्स एंड ट्रेनिंग संगठन ने भाग लेने वाले पोतों से विभिन्न गतिविधियां कराईं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कोंकण-26 में शामिल रॉयल नेवी का पोत एचएमएस सदरलैंड किस श्रेणी का है और मुख्य रूप से किस भूमिका के लिए बना है?
- A.टाइप 45 श्रेणी, वायु रक्षा
- B.ड्यूक श्रेणी, पनडुब्बीरोधी युद्ध
- C.रिवर श्रेणी, तटीय गश्त
- D.एस्ट्यूट श्रेणी, सुरंग युद्ध
उत्तर देखें
कोंकण-26 के लिए रॉयल नेवी ने जो पोत तैनात किया, एचएमएस सदरलैंड, उसे ड्यूक श्रेणी का पनडुब्बीरोधी फ्रिगेट बताया गया है, और समुद्री चरण में दोनों नौसेनाओं ने जिन क्षेत्रों का अभ्यास किया उनमें पनडुब्बीरोधी युद्ध भी शामिल था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →इस तैनाती के संदर्भ में उल्लिखित महासागर दृष्टिकोण का पूरा नाम क्या है?
- A.समुद्री सद्भाव और क्षेत्रीय प्रगति के लिए सुरक्षित पहुंच
- B.क्षेत्र में सुरक्षा और विकास के लिए आपसी एवं समग्र प्रगति
- C.साझा कार्रवाई और क्षेत्रीय लचीलेपन के लिए समुद्री गठबंधन
- D.क्षेत्र में मानवीय सहायता, सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक सहयोग
उत्तर देखें
रक्षा मंत्रालय ने प्रशिक्षण तैनाती के उद्देश्य का वर्णन करते हुए यही पूरा नाम दिया, जिसके अंतर्गत भारतीय नौसेना साझेदार देशों में क्षमता निर्माण करती है और हिंद महासागर क्षेत्र में साझेदारियों को मजबूत बनाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सेशेल्स प्रवास के दौरान पहले प्रशिक्षण स्क्वाड्रन में कौन से जहाज शामिल थे?
- A.आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और आईसीजीएस सारथी
- B.आईएनएस शिवालिक, आईएनएस कमोर्ता और आईसीजीएस समर्थ
- C.आईएनएस तरंगिणी, आईएनएस सुदर्शिनी और आईसीजीएस विक्रम
- D.आईएनएस दिल्ली, आईएनएस सतपुड़ा और आईसीजीएस अभिनव
उत्तर देखें
रक्षा मंत्रालय ने इन्हीं तीन जहाजों को पहले प्रशिक्षण स्क्वाड्रन का हिस्सा बताया, जो पोर्ट विक्टोरिया में ठहरे और प्रवास पूरा होने पर रवाना हुए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →