केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का विषय क्या था?
- A.भारतीय बिजली क्षेत्र को एआई सक्षम बनाना
- B.विकसित भारत के लिए स्वच्छ ऊर्जा
- C.भविष्य का ग्रिड: भंडारण और लचीलापन
- D.ग्रामीण विद्युतीकरण के लिए डिजिटल इंडिया
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर भारतीय बिजली क्षेत्र को एआई सक्षम बनाना है। इसी घोषित विषय के तहत केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में अपना अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन एवं प्रदर्शनी आयोजित की, जिसके दो दिनों में पहला दिन 14 अक्टूबर 2026 को पड़ा। तकनीकी कार्यक्रम का हर हिस्सा इसी विषय के इर्द-गिर्द बना था, जिसमें उत्पादन, नियमन, नवीकरणीय एकीकरण, वितरण, पारेषण तथा रूफटॉप सोलर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर छह समानांतर चर्चाएं हुईं। विकल्प B गलत है, क्योंकि स्वच्छ ऊर्जा चर्चाओं में आई तो थी, पर वह इस आयोजन का विषय नहीं थी। विकल्प C गलत है, क्योंकि भंडारण और लचीलापन केवल नवीकरणीय एकीकरण सत्र के उप-विषय थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि ग्रामीण विद्युतीकरण सम्मेलन का विषय नहीं था। इसी आयोजन में विद्युत द्वार पोर्टल भी शुरू किया गया।
पूरा लेख पढ़ें: बिजली क्षेत्र को एआई सक्षम बनाने पर सीईए का सम्मेलन
अभ्यास प्रश्न
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने कौन सा पोर्टल शुरू किया?
- A.ऊर्जा मित्र पोर्टल
- B.विद्युत द्वार पोर्टल
- C.प्राप्ति पोर्टल
- D.सौभाग्य पोर्टल
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पोर्टल के साथ प्राधिकरण ने पारेषण योजना मानदंडों पर सीईए नियमावली, 2026 भी जारी की और अपने कर्मचारियों के उत्कृष्ट कार्य व विशिष्ट योगदान के लिए सीईए कर्मचारी पुरस्कार वितरित किए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सीईए द्वारा गठित कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उत्साही सदस्यों व ब्रांड दूतों की टीम में कितने सदस्य हैं?
- A.24 सदस्य
- B.36 सदस्य
- C.54 सदस्य
- D.72 सदस्य
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प्राधिकरण ने सम्मेलन में बताया कि उसने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इतने उत्साही सदस्यों की टीम पहले ही बना ली है, जो ब्रांड दूत की भूमिका भी निभाएंगे और बिजली क्षेत्र के हर क्षेत्र में इस एजेंडे को आगे ले जाएंगे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बिजली क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर सीईए का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन एवं प्रदर्शनी कहां आयोजित हुई?
- A.भारत मंडपम, नई दिल्ली
- B.विज्ञान भवन, नई दिल्ली
- C.मानेकशॉ सेंटर, नई दिल्ली
- D.यशोभूमि, द्वारका
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भारत मंडपम, विज्ञान भवन और यशोभूमि राजधानी में या उसके पास स्थित वास्तविक स्थल हैं जहां बड़े राष्ट्रीय आयोजन होते हैं, इसलिए वे प्रभावी विकल्प बनते हैं, परंतु इनमें से किसी ने यह सम्मेलन नहीं कराया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पहले आयोजन में आए प्रतिनिधिमंडल ने सीएसआईआर की किन दो प्रयोगशालाओं का दौरा किया?
- A.सीएसआईआर-एनपीएल और सीएसआईआर-नीरी
- B.सीएसआईआर-सीआरआरआई और सीएसआईआर-आईजीआईबी
- C.सीएसआईआर-एनसीएल और सीएसआईआर-सीडीआरआई
- D.सीएसआईआर-सीएफटीआरआई और सीएसआईआर-आईआईसीटी
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यह जोड़ी सोच-समझकर चुनी गई थी: एक प्रयोगशाला ने स्थायी अवसंरचना दिखाई और दूसरी ने स्वास्थ्य सेवा तथा जीनोमिक्स, क्योंकि कार्यक्रम इन्हीं दो विषयों को ग्लोबल साउथ के साझेदारों के सामने रखना चाहता था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कार्यक्रम में जिसका जीवंत प्रदर्शन हुआ, वह इकोफिक्स किस काम की तकनीक है?
- A.स्टील स्लैग से तत्काल गड्ढा मरम्मत
- B.फसलों की तेज जीनोम सीक्वेंसिंग
- C.औद्योगिक अपशिष्ट जल का शोधन
- D.राजमार्ग पुलों पर अग्निरोधी लेप
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इकोफिक्स स्टील स्लैग पर आधारित मिश्रण है, जो सड़क की सतह की तेज मरम्मत के लिए विकसित हुआ और सीएसआईआर-केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान में चलते हुए दिखाया गया।
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