केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के किस ऐप पर रोज का वायु गुणवत्ता सूचकांक मिलता है?
- A.समीर
- B.वायु
- C.प्राण
- D.स्वच्छ
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर समीर है। ग्रीन दीवाली संकल्प के तहत नागरिकों से कहा गया कि वे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समीर ऐप पर रोज वायु गुणवत्ता सूचकांक देखें और खराब हवा वाले दिनों में बाहर रहने का समय घटाएं। यह अपील इसलिए मायने रखती थी, क्योंकि बोर्ड ने राजधानी की हवा को बहुत खराब श्रेणी में रखा था, जबकि वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के पूर्वानुमान के मुताबिक त्योहार के दिनों में यह गंभीर श्रेणी तक जा सकती थी। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एवं निकटवर्ती क्षेत्रों के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग हवा को और बिगड़ने से रोकने के लिए श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना के उपाय लागू कर रहा था। बाकी तीन नामों में से कोई भी रोज का सूचकांक देने वाले ऐप के रूप में नहीं बताया गया है, इसलिए बी, सी तथा डी गलत हैं।
पूरा लेख पढ़ें: ग्रीन दीवाली अभियान 2026: एनसीएपी के 130 शहरों पर जोर
अभ्यास प्रश्न
ग्रीन दीवाली अभियान 2026 का विशेष जोर राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के कितने शहरों पर रहा?
- A.102 शहर
- B.115 शहर
- C.130 शहर
- D.150 शहर
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देशव्यापी ग्रीन दीवाली अभियान 20 अक्तूबर से 8 नवंबर तक मिशन लाइफ के तहत चलाया गया, जिसका पूरा नाम पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली है, और इसका विशेष जोर राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के दायरे में आने वाले शहरों पर रहा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ग्रीन दीवाली अभियान 2026 किस मिशन के तहत चलाया गया?
- A.मिशन लाइफ
- B.राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम
- C.श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना
- D.मिशन अमृत सरोवर
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इस वर्ष का देशव्यापी ग्रीन दीवाली अभियान इसी के तहत 20 अक्तूबर से 8 नवंबर तक चलाया गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना कौन लागू करता है?
- A.केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
- B.एनसीआर एवं निकटवर्ती क्षेत्रों के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग
- C.डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया
- D.पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
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यह आयोग हवा को और बिगड़ने से रोकने के लिए श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना के उपाय पूरे क्षेत्र में लागू कर रहा था, और नागरिकों से इन प्रयासों का साथ देने तथा लागू पाबंदियों का पालन करने को कहा गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एथेनॉल आपूर्ति वर्ष 2014-15 से एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम से कितनी विदेशी मुद्रा बची है?
- A.62,000 करोड़ रुपये से अधिक
- B.1.01 लाख करोड़ रुपये से अधिक
- C.1.66 लाख करोड़ रुपये से अधिक
- D.1.97 लाख करोड़ रुपये से अधिक
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मंत्रालय ने ईएसवाई 2014-15 से कार्यक्रम की चार संचयी उपलब्धियां बताईं - इतनी विदेशी मुद्रा की बचत, लगभग 316 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल का प्रतिस्थापन, लगभग 952 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड में कमी और किसानों को 1.66 लाख करोड़ रुपये से अधिक का हस्तांतरण।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कर्नाटक में जांचे गए नमूनों में एथेनॉल की औसत मात्रा कितनी दर्ज हुई?
- A.19.30 प्रतिशत
- B.21.50 प्रतिशत
- C.26 प्रतिशत
- D.31 प्रतिशत
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कर्नाटक में अलग-अलग स्थानों और तीनों तेल विपणन कंपनियों से लिए गए सभी 56 नमूने निर्धारित विनिर्देश के अनुरूप पाए गए, जिनमें एथेनॉल की मात्रा 19 से 20 प्रतिशत के बीच रही और औसत यही आंकड़ा निकला।
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