कारवार में आधुनिक नौसैनिक अवसंरचना किस परियोजना के अंतर्गत विकसित की जा रही है?
- A.प्रोजेक्ट वर्षा
- B.प्रोजेक्ट सीबर्ड
- C.सागरमाला परियोजना
- D.प्रोजेक्ट डॉल्फिन
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर प्रोजेक्ट सीबर्ड है। कारवार के रणनीतिक महत्व पर बात करते हुए उपराष्ट्रपति ने प्रोजेक्ट सीबर्ड के तहत चल रहे आधुनिक नौसैनिक अवसंरचना के विकास का उल्लेख किया। इससे नौसेना की जहाजों और पनडुब्बियों को तैनात करने तथा उनका रखरखाव करने की क्षमता बढ़ रही है और क्षेत्र के लिए व्यापक आर्थिक अवसर भी बन रहे हैं। विकल्प A प्रोजेक्ट वर्षा इस संदर्भ में कारवार के लिए नामित परियोजना नहीं है। विकल्प C सागरमाला बंदरगाह आधारित विकास से जुड़ी है, यहां चर्चा की गई नौसैनिक अड्डे की सुविधाओं से नहीं, इसलिए वह उत्तर नहीं है। विकल्प D प्रोजेक्ट डॉल्फिन का नौसैनिक अवसंरचना से कोई संबंध नहीं है। परीक्षार्थियों को कारवार के तीन तथ्य जोड़कर याद रखने चाहिए: गहरा प्राकृतिक बंदरगाह, अरब सागर से निकटता और प्रोजेक्ट सीबर्ड के तहत हो रहा निर्माण।
पूरा लेख पढ़ें: आईएनएस समर्थक नौसेना का पहला स्वदेशी बहुउद्देशीय पोत बना
अभ्यास प्रश्न
भारतीय नौसेना के पहले स्वदेशी बहुउद्देशीय पोत के रूप में किस जहाज को शामिल किया गया?
- A.आईएनएस निस्तार
- B.आईएनएस समर्थक
- C.आईएनएस अर्नाला
- D.आईएनएस संध्याक
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उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने कर्नाटक के कारवार में इस पोत का शुभारंभ किया और इसे भारतीय नौसेना का पहला स्वदेशी बहुउद्देशीय पोत बताया गया है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →आईएनएस समर्थक को भारतीय नौसेना में कहां शामिल किया गया?
- A.विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश
- B.कोच्चि, केरल
- C.कारवार, कर्नाटक
- D.मुंबई, महाराष्ट्र
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शुभारंभ समारोह कारवार में हुआ और उपराष्ट्रपति ने इस स्थान के रणनीतिक महत्व को समझाया। कारवार का गहरा प्राकृतिक बंदरगाह और अरब सागर से निकटता इसे भारत की समुद्री सुरक्षा संरचना का महत्वपूर्ण घटक बनाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने मंगोलिया के राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय में भारत की सहायता से बने किस केंद्र की समीक्षा की?
- A.उपग्रह ट्रैकिंग केंद्र
- B.साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण केंद्र
- C.नौसैनिक गोदी
- D.मिसाइल परीक्षण रेंज
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संयुक्त कार्य समूह की बैठक से जुड़ी यात्रा के दौरान भारतीय दल मंगोलिया के राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय गया और वहां भारत के सहयोग से स्थापित इस केंद्र के कामकाज को परखा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →इस बैठक में भारत और मंगोलिया के किस संयुक्त सैन्य अभ्यास की सराहना की गई?
- A.नोमैडिक एलीफेंट
- B.मित्र शक्ति
- C.सूर्य किरण
- D.गरुड़ शक्ति
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उलानबातार में हुई चौदहवीं संयुक्त कार्य समूह बैठक में दोनों प्रतिनिधिमंडलों ने इस अभ्यास के सफल समापन की सराहना की और इसे द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की मजबूती का प्रमाण बताया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत-मंगोलिया रक्षा संयुक्त कार्य समूह की 14वीं बैठक कहां हुई?
- A.नई दिल्ली
- B.उलानबातार
- C.काठमांडू
- D.अस्ताना
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भारत और मंगोलिया के रक्षा मंत्रालयों के संयुक्त कार्य समूह की चौदहवीं बैठक मंगोलिया की राजधानी उलानबातार में 16 अक्टूबर 2026 को आयोजित हुई।
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