जीन चिकित्सा पहली बार 1990 में किस एंजाइम की कमी से पीड़ित रोगी पर आजमाई गई थी?
- A.एडीनोसीन डीएमिनेज
- B.एमिलेज
- C.लाइपेज
- D.ट्रिप्सिन
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर A, एडीनोसीन डीएमिनेज है। एडीनोसीन डीएमिनेज की कमी प्रतिरक्षा तंत्र को नष्ट कर देती है, क्योंकि यह एंजाइम लसीका कोशिकाओं के सामान्य कार्य के लिए आवश्यक है; 1990 में इस विकार से पीड़ित बालिका की लसीका कोशिकाएँ शरीर के बाहर उगाई गईं, उनमें क्रियाशील जीन डाला गया और उन्हें उसके रक्त में लौटाया गया; चूँकि ये कोशिकाएँ स्थायी नहीं होतीं, इसलिए यह प्रक्रिया दोहरानी पड़ी, और स्थायी उपचार के लिए जीन जीवन की आरंभिक अवस्था में डालना पड़ता है। विकल्प B, C और D पाचक एंजाइमों के नाम हैं - एमिलेज मंड पर, लाइपेज वसा पर और ट्रिप्सिन प्रोटीन पर क्रिया करता है, और इनमें किसी की कमी से पाचन की समस्या होती है, प्रतिरक्षा विकार नहीं, इसलिए इस पहले प्रयोग का विषय इनमें कोई नहीं। इस विकार को इसी एक एंजाइम की कमी से होने वाली गंभीर संयुक्त प्रतिरक्षा न्यूनता के रूप में याद रखें।
पूरा लेख पढ़ें: जैव प्रौद्योगिकी और उसके उपयोग: नोट्स और प्रश्न
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंकौन-सा एंजाइम डीएनए को एक विशिष्ट पहचान अनुक्रम पर काटता है और इसीलिए आण्विक कैंची कहलाता है?
- A.डीएनए लाइगेज
- B.प्रतिबंधन एंडोन्यूक्लिएज
- C.डीएनए पॉलिमरेज
- D.प्रतिलोम ट्रांसक्रिप्टेज
उत्तर देखें
प्रतिबंधन एंडोन्यूक्लिएज डीएनए में एक छोटे पैलिंड्रोमिक अनुक्रम को पहचानकर दोनों रज्जुकों को वहीं काटता है और चिपचिपे सिरे छोड़ता है, जो उसी एंजाइम से कटे दूसरे टुकड़े से जुड़ सकते हैं; सबसे पहले खोजा गया ऐसा एंजाइम हिंद दो था और एश्चेरिकिया कोलाई से मिला इको आर वन सबसे…
पूरी व्याख्या पढ़ें →पादप कोशिकाओं में जीन पहुँचाने के लिए प्राकृतिक संवाहक के रूप में किस जीवाणु का उपयोग होता है?
- A.एश्चेरिकिया कोलाई
- B.एग्रोबैक्टीरियम ट्यूमिफेसिएंस
- C.बैसिलस थुरिंजिएंसिस
- D.राइजोबियम लेग्यूमिनोसेरम
उत्तर देखें
यह मृदा जीवाणु अपने ट्यूमर उत्पन्न करने वाले प्लाज्मिड के एक भाग, जिसे टीआई प्लाज्मिड कहते हैं, को द्विबीजपत्री पौधे की कोशिकाओं में स्वयं पहुँचा देता है और क्राउन गॉल रोग करता है; आनुवंशिक अभियंता इस प्लाज्मिड को निरुपद्रवी बनाकर उसमें अभीष्ट जीन डालते हैं और जीवाणु को संवाहक के…
पूरी व्याख्या पढ़ें →बीटी कपास का कीट प्रतिरोधी जीन किस जीव से प्राप्त होता है?
- A.एक विषाणु
- B.एक मृदा जीवाणु
- C.एक कवक
- D.एक शैवाल
उत्तर देखें
क्राई जीन नामक ये जीन बैसिलस थुरिंजिएंसिस से लिए जाते हैं, जो मृदा का जीवाणु है और बीजाणु अवस्था में प्रोटीन के क्रिस्टल बनाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →गोल्डन राइस किस पदार्थ से समृद्ध की गई आनुवंशिक रूप से रूपांतरित किस्म है?
- A.लोहा
- B.बीटा कैरोटीन
- C.लाइसीन
- D.विटामिन सी
उत्तर देखें
गोल्डन राइस में ऐसे जीन डाले गए हैं जो दाने में बीटा कैरोटीन बनने देते हैं, यानी वह नारंगी वर्णक जिसे मानव शरीर विटामिन ए में बदलता है, और दाने का यही रंग इस किस्म को नाम देता है; उद्देश्य उन आबादियों में रतौंधी तथा बाल अंधत्व घटाना है जिनका…
पूरी व्याख्या पढ़ें →पॉलिमरेज श्रृंखला अभिक्रिया में कौन-सा तापसह एंजाइम प्रयुक्त होता है?
- A.टैक पॉलिमरेज
- B.डीएनए लाइगेज
- C.इको आर वन
- D.लाइसोजाइम
उत्तर देखें
पॉलिमरेज श्रृंखला अभिक्रिया तीन चरण दोहराती है - उच्च ताप पर विकृतीकरण, छोटे प्राइमरों का जुड़ना और नए रज्जुक का विस्तार - इसलिए एंजाइम को उबलते जल के निकट ताप सहना पड़ता है; गर्म जलस्रोतों के जीवाणु थर्मस एक्वेटिकस से मिला टैक पॉलिमरेज यही करता है और एक ही डीएनए…
पूरी व्याख्या पढ़ें →