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GK24
पर्यावरणमध्यम

जनवरी से अक्टूबर 2026 के बीच दिल्ली में 'अच्छी से मध्यम' श्रेणी के कितने दिन दर्ज हुए?

  1. A.200 दिन
  2. B.206 दिन
  3. C.220 दिन
  4. D.224 दिन

सही उत्तर

C. 220 दिन

व्याख्या

सही उत्तर 220 दिन है। जनवरी से अक्टूबर 2026 के दस महीनों में राजधानी में 220 ऐसे दिन रहे, जिनका दैनिक औसत सूचकांक 200 से नीचे ठहरा; इसी श्रेणी को 'अच्छी से मध्यम' कहा गया है। लॉकडाउन वाले वर्ष को अलग रख दें, तो यह 2018 के बाद की सबसे बड़ी संख्या है। विकल्प A 2025 की इसी अवधि का आंकड़ा है, जब ऐसे 200 दिन थे। विकल्प B 2023 का है, जिसमें 206 दिन दर्ज हुए। विकल्प D ही इस प्रश्न को कठिन बनाता है, क्योंकि 2020 में ऐसे 224 दिन थे, जो 2026 से अधिक हैं; पर उस वर्ष को लॉकडाउन के कारण अलग गिना जाता है, इसलिए 2018 के बाद सर्वाधिक होने का दावा 2020 को छोड़कर किया गया है। इसी अवधि में 'खराब से गंभीर+' श्रेणी के दिन 84 रहे, जबकि 2025 और 2024 में ये 104 थे।

पूरा लेख पढ़ें: दिल्ली में अक्टूबर का औसत एक्यूआई 166, आठ वर्षों में सबसे कम

Q1.पर्यावरणआसान

अक्टूबर 2026 में दिल्ली का मासिक औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक कितना रहा?

  1. A.143
  2. B.166
  3. C.189
  4. D.223
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 166

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली का अक्टूबर 2026 का मासिक औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 166 रहा, जो पिछले आठ वर्षों में अक्टूबर महीने का सबसे कम औसत है।

Q2.पर्यावरणमध्यम

1 जनवरी से 29 अक्टूबर 2026 के बीच दिल्ली में पीएम 2.5 का औसत स्तर कितना रहा?

  1. A.69 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर
  2. B.72 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर
  3. C.83 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर
  4. D.93 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 69 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर

1 जनवरी से 29 अक्टूबर 2026 की अवधि में दिल्ली की हवा में महीन कणों यानी पीएम 2.5 का औसत स्तर 69 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर मापा गया, जो तुलना में शामिल सभी वर्षों में सबसे कम है।

Q3.पर्यावरणमध्यम

पवन एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र किस सिद्धांत पर काम करता है?

  1. A.पहचानो, विश्लेषण करो, कार्रवाई करो
  2. B.मापो, रिपोर्ट करो, सत्यापित करो
  3. C.निगरानी, चेतावनी, जुर्माना
  4. D.देखो, पूर्वानुमान लगाओ, सूचित करो
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. पहचानो, विश्लेषण करो, कार्रवाई करो

मंत्री ने बताया कि यह केंद्र इसी सिद्धांत पर चलता है और कई एजेंसियों के आंकड़े एक साझा मंच पर लाकर प्रदूषण के स्तर का तत्काल तथा पुराना विश्लेषण, स्रोतों की पहचान, रुझानों का आकलन और मैदान में अनुपालन की निगरानी संभव बनाता है।

Q4.पर्यावरणमध्यम

पवन मंच में कितने सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों के आंकड़े जुड़े हैं?

  1. A.88
  2. B.96
  3. C.111
  4. D.134
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 111

यह मंच दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में काम कर रहे 111 सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों के आंकड़े जोड़ता है, जिन्हें केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, भारत मौसम विज्ञान विभाग तथा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों ने लगाया है।

Q5.पर्यावरणमध्यम

सीएक्यूएम के नए कमान केंद्र के नाम पवन का पूरा अर्थ क्या है?

  1. A.प्रदूषण चेतावनी और निगरानी एजेंसी नेटवर्क
  2. B.एनसीआर के लिए वायु गुणवत्ता निगरानी और विश्लेषण मंच
  3. C.वायु संचार और वायुमंडलीय पूर्वानुमान कार्यक्रम
  4. D.परिवेशी सत्यापन और वायु आंकड़ा मंच
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. एनसीआर के लिए वायु गुणवत्ता निगरानी और विश्लेषण मंच

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने नई दिल्ली में इस एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र को राजधानी क्षेत्र के लिए एकल खिड़की वाले डिजिटल तंत्रिका केंद्र के रूप में तैयार किया है, और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने इसकी तकनीकी व्यवस्था तथा तैयारी की समीक्षा की।