जनजातीय कार्य मंत्रालय ने जनजातीय सांस्कृतिक विरासत पर समझौता ज्ञापन किस संस्थान के साथ किया?
- A.इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र
- B.भारतीय मानवविज्ञान सर्वेक्षण
- C.राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय
- D.भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद
सही उत्तर
A. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र
व्याख्या
सही उत्तर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र है, जो संस्कृति मंत्रालय के अधीन काम करने वाला स्वायत्त न्यास है। यह समझौता ज्ञापन 28 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में भारत की मूर्त तथा अमूर्त जनजातीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, दस्तावेजीकरण, डिजिटलीकरण, शोध और प्रचार के लिए हुआ, और यह मंत्रालय के जनजातीय शोध संस्थानों के नेटवर्क को कला केंद्र की शैक्षणिक, अभिलेखीय तथा संग्रह प्रबंधन क्षमता से जोड़ता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि भारतीय मानवविज्ञान सर्वेक्षण समुदायों का अध्ययन करता है, पर इस समझौते का पक्ष नहीं था। विकल्प C गलत है, क्योंकि राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय रंगमंच का प्रशिक्षण देता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद का नाम इसमें नहीं आया। हस्ताक्षर मंत्रालय की सचिव रंजना चोपड़ा की उपस्थिति में हुए।
पूरा लेख पढ़ें: जनजातीय कार्य मंत्रालय और आईजीएनसीए के बीच समझौता ज्ञापन
अभ्यास प्रश्न
समझौता ज्ञापन करने वाला इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र किस मंत्रालय के अधीन स्वायत्त न्यास है?
- A.शिक्षा मंत्रालय
- B.जनजातीय कार्य मंत्रालय
- C.संस्कृति मंत्रालय
- D.पर्यटन मंत्रालय
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सही उत्तर: C. संस्कृति मंत्रालय
व्याख्या
सही उत्तर संस्कृति मंत्रालय है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र उसी मंत्रालय के अधीन स्वायत्त न्यास है, और इसी वजह से यह समझौता एक ही विषय पर दो मंत्रालयों के संसाधनों को जोड़ने वाला बनता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि शिक्षा मंत्रालय विद्यालयी तथा उच्च शिक्षा देखता है और कला केंद्र का प्रशासन उसके पास नहीं है। विकल्प B गलत है, क्योंकि जनजातीय कार्य मंत्रालय इस समझौते का दूसरा पक्ष है, जो अपना जनजातीय शोध तंत्र और जनजातीय शोध संस्थानों का नेटवर्क देता है, न कि कला केंद्र का संचालन करता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि पर्यटन का काम अलग है और उसका कला केंद्र से प्रशासनिक संबंध नहीं है। समझौते में कला केंद्र जनजातीय कलाओं, भाषाओं, मौखिक परंपराओं और हस्तशिल्प के दस्तावेजीकरण के लिए अपनी क्षमता देगा।
इस समझौता ज्ञापन के तहत निम्नलिखित में से कौन सा काम प्रस्तावित है?
- A.वन उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करना
- B.स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय योगदान वाले डिजिटल संग्रहालय
- C.एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में शिक्षक भर्ती
- D.वन अधिकार कानून के तहत पट्टे देना
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सही उत्तर: B. स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय योगदान वाले डिजिटल संग्रहालय
व्याख्या
सही उत्तर स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय योगदान वाले डिजिटल संग्रहालय है। समझौते में सहयोग के प्रमुख क्षेत्र के रूप में ऐसी समर्पित दीर्घाओं और डिजिटल संग्रहालयों का विकास बताया गया है, जिनमें जनजातीय कलाएं, कलाकृतियां और स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समुदायों का ऐतिहासिक योगदान दिखाया जाएगा, साथ ही डिजिटल अभिलेखागार और संवादमूलक दीर्घाएं भी। विकल्प A गलत है, क्योंकि वन उत्पादों का मूल्य निर्धारण अलग खरीद व्यवस्था का विषय है और इस सांस्कृतिक समझौते में नहीं आता। विकल्प C गलत है, क्योंकि विद्यालयों में भर्ती प्रशासनिक काम है और समझौते में उसका जिक्र नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि वन अधिकार कानून के तहत पट्टे देना राज्य अधिकारियों की वैधानिक प्रक्रिया है। अन्य प्रस्तावित क्षेत्र लुप्त होती कलाओं तथा व्यंजनों का दस्तावेजीकरण, लुप्तप्राय भाषाओं का संरक्षण और युवा शिविर हैं।
बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 के समर्पण के साथ किनका शिलान्यास किया गया?
- A.एक मेट्रो गलियारा और एक रिंग रोड
- B.मोदी मिल-सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर और लोनी अंडरपास
- C.दो पैदल स्काईवॉक
- D.एक बस रैपिड ट्रांजिट गलियारा
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सही उत्तर: B. मोदी मिल-सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर और लोनी अंडरपास
व्याख्या
सही उत्तर मोदी मिल-सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर और लोनी अंडरपास है। तैयार एलिवेटेड सड़क समर्पित करने के साथ केन्द्रीय गृह मंत्री ने इन दो कार्यों का शिलान्यास किया, जो सड़क के साथ मिलकर 1,941 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का पैकेज बनाते हैं। फ्लाईओवर यातायात को चौराहे के ऊपर से ले जाता है और अंडरपास नीचे से, दोनों व्यस्त चौराहों पर बत्ती हटाने के लिए बनाए जाते हैं। विकल्प क में मेट्रो गलियारा और रिंग रोड बताए गए हैं, जो भिन्न श्रेणी की परियोजनाएं हैं और इस घोषणा का हिस्सा नहीं थीं। विकल्प ग और घ, पैदल स्काईवॉक तथा बस रैपिड ट्रांजिट गलियारा, भी शहरी परिवहन के कार्य हैं, परंतु इनमें से किसी का नाम नहीं लिया गया। इसलिए विकल्प ख सही है।
बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 दिल्ली के किन दो हिस्सों के बीच सिग्नल मुक्त कनेक्टिविटी देता है?
- A.उत्तरी दिल्ली और पश्चिमी दिल्ली
- B.पूर्वी दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली
- C.मध्य दिल्ली और उत्तरी दिल्ली
- D.पश्चिमी दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली
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सही उत्तर: B. पूर्वी दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली
व्याख्या
सही उत्तर पूर्वी दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली है। गृह मंत्री ने कहा कि बारापुला गलियारे का नया समर्पित चरण राजधानी के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों के बीच सिग्नल मुक्त कनेक्टिविटी देगा, जिससे आवागमन सुगम होगा, वाहन चालकों को जाम से राहत मिलेगी और यात्रा का समय बचेगा। सिग्नल मुक्त गलियारा यह काम यातायात को बत्ती पर रोकने के बजाय एलिवेटेड ढांचे से चौराहों के ऊपर निकालकर करता है। विकल्प क, ग और घ शहर के अन्य हिस्सों की जोड़ी बताते हैं, और दिल्ली में उन क्षेत्रों को जोड़ने वाले कई मार्ग हैं, परंतु इस चरण के लिए बताया गया संपर्क वह नहीं है। परीक्षा के लिए दिशाओं की यह विशेष जोड़ी ध्यान में रखें, क्योंकि प्रश्न में एक ही दिशा बदली जाती है।
दिल्ली में बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 कितनी लागत से बना है?
- A.1,235 करोड़ रुपये
- B.1,635 करोड़ रुपये
- C.1,941 करोड़ रुपये
- D.2,350 करोड़ रुपये
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सही उत्तर: B. 1,635 करोड़ रुपये
व्याख्या
सही उत्तर 1,635 करोड़ रुपये है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने इसी लागत से बने बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 को दिल्लीवासियों को समर्पित किया। विकल्प ग सबसे आकर्षक भ्रम है, क्योंकि वह उस पूरे पैकेज का मूल्य है जिसका उद्घाटन तथा शिलान्यास इस अवसर पर हुआ, और उसमें एलिवेटेड सड़क के साथ वे दो कार्य भी शामिल हैं जिनका शिलान्यास किया गया। अभ्यर्थियों को एक परियोजना की लागत और पूरे पैकेज के मूल्य में अंतर रखना चाहिए। विकल्प क और घ की राशियां सड़क या पैकेज, किसी के संबंध में नहीं बताई गईं। याद रखने का सरल तरीका यह है कि कुल राशि का बड़ा हिस्सा एलिवेटेड सड़क का है और शेष फ्लाईओवर तथा अंडरपास के लिए। यह सड़क केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री द्वारा दिल्लीवासियों को समर्पित की गई।