इस समारोह में राष्ट्रपति ने निम्नलिखित में से कौन सी बात नहीं कही?
- A.दूर-दराज के पारंपरिक कलाकारों को नई तकनीक का प्रशिक्षण मिले
- B.कलाकारों को आर्थिक सहयोग और कला संग्राहकों से जुड़ाव चाहिए
- C.कला विद्यालयों, विश्वविद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों तक पहुंचे
- D.देश भर की कला दीर्घाएं बंद कर दी जानी चाहिए
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर देश भर की कला दीर्घाएं बंद कर दी जानी चाहिए है, ऐसा राष्ट्रपति ने कभी नहीं कहा। उनकी बात इसके उलट थी कि कला केवल दीर्घाओं तक सीमित न रहे बल्कि विद्यालयों, विश्वविद्यालयों, सार्वजनिक स्थलों और समाज के व्यापक वर्गों तक भी पहुंचे, इसलिए विकल्प सी उनका कहा हुआ कथन है। विकल्प ए उत्तर के रूप में गलत है क्योंकि उन्होंने दूर-दराज के पारंपरिक कलाकारों को नई तकनीकों और समकालीन कला शैलियों का प्रशिक्षण देने की आवश्यकता बताई थी। विकल्प बी उत्तर के रूप में गलत है क्योंकि उन्होंने कहा था कि कलाकारों को रचनात्मक अवसरों के साथ आर्थिक सहयोग, व्यापक बाजार और कला संग्राहकों से जुड़ाव भी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कला केवल कैनवास या पत्थर तक सीमित नहीं है, वह समाज का दर्पण है जिसमें अतीत की स्मृतियां, वर्तमान के अनुभव और भविष्य की आकांक्षाएं झलकती हैं।
पूरा लेख पढ़ें: राष्ट्रपति मुर्मु ने प्रदान किए ललित कला अकादमी पुरस्कार
अभ्यास प्रश्न
65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी के चयनित कलाकारों को ललित कला अकादमी पुरस्कार किसने प्रदान किए?
- A.भारत की राष्ट्रपति
- B.भारत के उपराष्ट्रपति
- C.प्रधानमंत्री
- D.केंद्रीय संस्कृति मंत्री
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली में आयोजित समारोह में 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी के लिए चुने गए कलाकारों को ललित कला अकादमी पुरस्कार सौंपे और इसी अवसर पर तृतीय प्रिंट द्विवार्षिकी भारत के ग्रैंड प्राइज विजेताओं तथा सम्माननीय उल्लेख प्राप्त कलाकारों को भी सम्मानित किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ललित कला अकादमी पुरस्कार विजेताओं के साथ किस आयोजन के ग्रैंड प्राइज विजेता सम्मानित किए गए?
- A.कला कुंभ
- B.प्रिंट द्विवार्षिकी भारत
- C.इंडिया आर्ट फेयर
- D.कोच्चि-मुजिरिस द्विवार्षिकी
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राष्ट्रपति ने 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी के कलाकारों को ललित कला अकादमी पुरस्कार देने के साथ ही प्रिंट द्विवार्षिकी भारत के तीसरे संस्करण के ग्रैंड प्राइज विजेताओं और सम्माननीय उल्लेख प्राप्त कलाकारों को भी सम्मानित किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →स्कॉच गोल्ड अवार्ड 2026 पाने वाला खदान पुनरुपयोग उपकरण सुविकल्प किस संगठन ने विकसित किया है?
- A.कोल इंडिया लिमिटेड
- B.कोयला नियंत्रक संगठन
- C.नीति आयोग
- D.केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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कोयला मंत्रालय के अधीन काम करने वाले इस संगठन ने सुविकल्प को एक आंतरिक खदान पुनरुपयोग उपकरण के रूप में तैयार किया है, जो हितधारकों को खनन के बाद बची भूमि के लिए उपयुक्त परियोजना चुनने में मदद करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सुविकल्प को स्कॉच गोल्ड अवार्ड 2026 किस श्रेणी में प्रदान किया गया?
- A.डिजिटल परिचालन दक्षता - डेटा-संचालित निर्णय लेना
- B.पर्यावरण और जलवायु कार्रवाई
- C.कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व
- D.कौशल विकास और आजीविका
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सुविकल्प को इसी श्रेणी में 26 सितंबर 2026 को स्कॉच गोल्ड अवार्ड 2026 मिला। यह श्रेणी उपकरण के स्वरूप से मेल खाती है, क्योंकि सुविकल्प एक संरचित और डेटा आधारित प्रक्रिया के जरिए तकनीकी, पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक मानदंडों पर परियोजनाओं का मूल्यांकन तथा रैंकिंग करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उपयुक्त खदान पुनरुपयोग परियोजना तय होने के बाद प्रिज्म उपयोगकर्ता को क्या उपलब्ध कराता है?
- A.केवल खनन पट्टे की नीलामी की तिथियाँ
- B.परियोजना अवधारणाएँ, केस स्टडी, नमूना डीपीआर और निविदा दस्तावेज
- C.कोयला उत्पादन का मासिक लक्ष्य
- D.श्रमिकों की भर्ती सूची
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सुविकल्प जब उपयुक्त परियोजना की पहचान करा देता है, तब उपयोगकर्ता प्रिज्म के माध्यम से उसे लागू करने के रास्ते तलाश सकता है।
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