इलेक्ट्रॉनिक व्यापार के संदर्भ में ईडीआई का पूर्ण रूप क्या है?
- A.इलेक्ट्रॉनिक डेटा इंटरचेंज
- B.इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल इनवॉइस
- C.एन्क्रिप्टेड डिलीवरी इंटरफेस
- D.इलेक्ट्रॉनिक डायरेक्ट इम्पोर्ट
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर A, इलेक्ट्रॉनिक डेटा इंटरचेंज है। ईडीआई में क्रय-आदेश, बिल, प्रेषण सूचना और भुगतान निर्देश जैसे मानक व्यापारिक दस्तावेज एक सहमत प्रारूप में कंप्यूटर से कंप्यूटर तक जाते हैं, बिना कागज और बिना दूसरे छोर पर किसी व्यक्ति द्वारा आँकड़े फिर टाइप किए जाने। बड़ी कंपनियाँ और उनके आपूर्तिकर्ता 1960 तथा 1970 के दशक से इसका प्रयोग करते रहे हैं, इसीलिए ईडीआई को आधुनिक ई-कॉमर्स का पूर्वज कहा जाता है; प्रायः उद्धृत मानक एएनएसआई एक्स12 और अंतरराष्ट्रीय एडिफैक्ट हैं। इसके लाभ हैं गति, कम लागत और टाइप की भूलों का अंत, तथा दोष यह था कि आरंभ में इसके लिए महँगे निजी नेटवर्क चाहिए थे। विकल्प B, C और D उन्हीं तीन अक्षरों के गढ़े हुए विस्तार हैं, जैसा संक्षिप्ति के प्रश्नों में सामान्यतः किया जाता है, और इनमें कोई भी व्यापार या कंप्यूटर की मान्य शब्दावली नहीं है। ईडीआई के साथ इस अध्याय की अन्य संक्षिप्तियाँ भी याद करें: यूपीआई, एनपीसीआई, ओएनडीसी, जेम, पीसीआई डीएसएस, पीपीआई, एईपीएस और यूएसएसडी।
पूरा लेख पढ़ें: ई-कॉमर्स और एम-कॉमर्स: मॉडल, भुगतान और परीक्षा प्रश्न
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनीलामी अथवा गतिशील मूल्य निर्धारण वाले बाजार किसके उदाहरण हैं?
- A.बी2बी कॉमर्स
- B.सी2बी कॉमर्स
- C.सी2सी कॉमर्स
- D.A और C दोनों
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व्याख्या
सही उत्तर D, A और C दोनों है। नीलामी में मूल्य विक्रेता तय नहीं करता, बल्कि वह इससे निकलता है कि क्रेता कितनी बोली देने को तैयार हैं, और व्यापार का यह ढंग दो स्तरों पर दिखता है। कंपनियों के बीच औद्योगिक विनिमय और खरीद पोर्टल थोक सामग्री के लिए उलटी नीलामी तथा गतिशील मूल्य चलाते हैं, जो बी2बी कॉमर्स है, इसलिए विकल्प A उत्तर का भाग है। व्यक्तियों के बीच वर्गीकृत विज्ञापन और नीलामी मंच एक उपभोक्ता को दूसरे उपभोक्ता के सामान पर बोली लगाने देते हैं, जो सी2सी कॉमर्स है, इसलिए विकल्प C भी उत्तर का भाग है। विकल्प B, सी2बी कॉमर्स, वह है जिसमें व्यक्ति किसी कंपनी को सेवा या सामग्री देता है, जैसे फ्रीलांसर या स्टॉक फोटोग्राफर, और वहाँ मूल्य प्रायः बातचीत से तय होता है, नीलामी से नहीं। चूँकि व्यापार-से-व्यापार और उपभोक्ता-से-उपभोक्ता दोनों स्तर इसमें आते हैं, संयुक्त विकल्प D सही है।
किसी ऑनलाइन वर्गीकृत विज्ञापन मंच से एक व्यक्ति द्वारा दूसरे व्यक्ति को पुरानी मोटरसाइकिल बेचना ई-कॉमर्स के किस मॉडल का उदाहरण है?
- A.बी2बी
- B.बी2सी
- C.सी2सी
- D.जी2सी
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व्याख्या
सही उत्तर C, सी2सी है, जिसका अर्थ है उपभोक्ता से उपभोक्ता। यहाँ सौदे के दोनों पक्ष व्यक्ति हैं और वेबसाइट केवल सूची, खोज तथा कभी-कभी भुगतान और विवाद निपटान की व्यवस्था देती है, जिससे वह व्यापारिक लाभ के बजाय शुल्क या विज्ञापन से कमाती है। ओएलएक्स, क्विकर और ईबे के वर्गीकृत विज्ञापन जैसे मंच इसके मानक उदाहरण हैं। विकल्प A, बी2बी अर्थात व्यापार से व्यापार, कंपनियों के बीच के व्यापार को कहते हैं, जैसे इंडियामार्ट या अलीबाबा पर, जहाँ निर्माता कच्चा माल या कलपुर्जे खरीदता है। विकल्प B, बी2सी अर्थात व्यापार से उपभोक्ता, वह परिचित खुदरा मॉडल है जिसमें कंपनी सीधे ग्राहक को बेचती है, जैसे अमेज़न और फ्लिपकार्ट। विकल्प D, जी2सी अर्थात सरकार से नागरिक, ऑनलाइन दी जाने वाली सार्वजनिक सेवाओं को कहते हैं, जैसे आईआरसीटीसी से रेल टिकट या ऑनलाइन पासपोर्ट आवेदन। मॉडल पहचानने के लिए पहले दोनों पक्षों का नाम लें, फिर अक्षर मिलाएँ।
एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) 2016 में किस संस्था ने आरंभ किया था?
- A.भारतीय रिज़र्व बैंक
- B.भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम
- C.भारतीय स्टेट बैंक
- D.भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड
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व्याख्या
सही उत्तर B, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम है। एनपीसीआई, जो 2008 में देश के खुदरा भुगतानों की शीर्ष संस्था के रूप में बना, यूपीआई का निर्माता और संचालक है; इससे उपयोगकर्ता अपने कई बैंक खाते एक मोबाइल ऐप से जोड़कर, खाता संख्या बताए बिना, आभासी भुगतान पते से तत्काल धन भेज सकता है। एनपीसीआई रुपे, आईएमपीएस, एईपीएस, *99# यूएसएसडी सेवा और 2016 में जारी भीम ऐप भी चलाता है। विकल्प A, भारतीय रिज़र्व बैंक, वह नियामक है जिसने एनपीसीआई तथा भुगतान प्रणालियों को अनुमति दी और जो उनकी निगरानी करता है, पर वह स्वयं यूपीआई नहीं चलाता; नियमन और संचालन का यही अंतर इस प्रश्न का जाल है। विकल्प C, भारतीय स्टेट बैंक, इस नेटवर्क के सदस्य बैंकों में से एक ही है। विकल्प D, सेबी, प्रतिभूति बाजार का नियामक है और खुदरा भुगतान में उसकी कोई भूमिका नहीं। जोड़ी याद रखें: आरबीआई नियमन करता है, एनपीसीआई संचालन।
निम्नलिखित में से कौन एम-कॉमर्स का सर्वोत्तम वर्णन करता है?
- A.बेतार हाथ-उपकरणों के माध्यम से किए गए व्यापारिक लेन-देन
- B.मानक इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में व्यापारिक दस्तावेजों का आदान-प्रदान
- C.दो सरकारी विभागों के बीच का व्यापार
- D.दूरदर्शन पर उत्पादों का विज्ञापन
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व्याख्या
सही उत्तर A, बेतार हाथ-उपकरणों के माध्यम से किए गए व्यापारिक लेन-देन है। एम-कॉमर्स अर्थात मोबाइल कॉमर्स इलेक्ट्रॉनिक व्यापार का वह भाग है जो स्मार्टफोन, टैबलेट और साधारण मोबाइल पर बेतार नेटवर्क से होता है, और इस शब्द का श्रेय 1997 में केविन डफी को दिया जाता है। उपकरण व्यक्तिगत, साथ चलने वाला और स्थान जानने वाला होने के कारण एम-कॉमर्स मोबाइल बैंकिंग, क्यूआर कोड वाले मोबाइल टिकट, काउंटर पर स्कैन कर भुगतान, एनएफसी से संपर्करहित भुगतान, हाइपरलोकल वितरण और ऐप के भीतर खरीद को सँभालता है। विकल्प B इलेक्ट्रॉनिक डेटा इंटरचेंज अर्थात ईडीआई का वर्णन है, वह पुराना मानक जिससे कंपनियाँ अपनी कंप्यूटर प्रणालियों के बीच क्रय-आदेश और बिल बदलती हैं। विकल्प C सरकार से सरकार का लेन-देन है, जिसे जी2जी लिखा जाता है और जो ई-गवर्नेंस का भाग है, मोबाइल कॉमर्स का नहीं। विकल्प D केवल जनमाध्यम पर विज्ञापन है, जिसमें कोई इलेक्ट्रॉनिक लेन-देन नहीं होता।
किसी शॉपिंग वेबसाइट के एचटीटीपीएस पते में आया 's' बताता है कि संबंध किस तकनीक से सुरक्षित है?
- A.एसएसएल या टीएलएस कूटलेखन
- B.सिंपल मेल ट्रांसफर प्रोटोकॉल
- C.स्थिर आईपी पता
- D.स्ट्रक्चर्ड क्वेरी लैंग्वेज
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, एसएसएल या टीएलएस कूटलेखन है। एचटीटीपीएस वस्तुतः एक सुरक्षित माध्यम के भीतर चलता एचटीटीपी है: ब्राउज़र और सर्वर पहले डिजिटल प्रमाणपत्र बदलते हैं और कुंजियों पर सहमत होते हैं, जिसके बाद कार्ड संख्या, पासवर्ड और पते कूटलिपि के रूप में जाते हैं, जिन्हें नेटवर्क पर ताक लगाने वाला पढ़ नहीं सकता। पुराना प्रोटोकॉल सिक्योर सॉकेट्स लेयर (एसएसएल) था और वर्तमान ट्रांसपोर्ट लेयर सिक्योरिटी (टीएलएस) है, इसीलिए पुस्तकों में दोनों नाम आते हैं और पता-पट्टी में ताले का चिह्न दिखता है। विकल्प B, एसएमटीपी, बाहर जाने वाले ई-मेल का प्रोटोकॉल है और वेब सुरक्षा से उसका कोई सम्बन्ध नहीं। विकल्प C, स्थिर आईपी पता, का अर्थ इतना ही है कि उपकरण का नेटवर्क पता नियत रहता है; वह कुछ कूटबद्ध नहीं करता। विकल्प D, एसक्यूएल, डेटाबेस से प्रश्न पूछने की भाषा है, और उसका असावधान प्रयोग स्वयं एसक्यूएल इंजेक्शन नामक सुरक्षा दोष बन जाता है। ऑनलाइन भुगतान के लिए एचटीटीपीएस के साथ ओटीपी न्यूनतम अपेक्षा है।