ग्रीस के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री ने फरवरी 2026 में भारत आकर किसके साथ बातचीत की थी?
- A.रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
- B.प्रमुख रक्षा अध्यक्ष
- C.विदेश मंत्री
- D.नौसेना प्रमुख
सही उत्तर
A. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
व्याख्या
सही उत्तर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह हैं। रक्षा मंत्रालय ने याद दिलाया है कि ग्रीस के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री फरवरी 2026 में भारत आए थे और उन्होंने रक्षा मंत्री के साथ बातचीत की थी। मंत्रालय इस तरह के उच्च-स्तरीय आदान-प्रदानों को भारत-ग्रीस रक्षा एवं रणनीतिक साझेदारी के बढ़ने का प्रमाण मानता है। रक्षा सचिव की 12 से 15 अक्टूबर 2026 की यात्रा के दूसरे चरण में ग्रीस के वरिष्ठ रक्षा और सैन्य नेतृत्व के साथ होने वाली बातचीत इसी कड़ी को आगे बढ़ाती है। विकल्प B में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष, विकल्प D में नौसेना प्रमुख और विकल्प C में विदेश मंत्री का नाम है, पर उन फरवरी की बातचीतों के मेजबान के रूप में इनमें से किसी का उल्लेख नहीं है। याद रखें कि किसी आने वाले रक्षा मंत्री के भारतीय समकक्ष रक्षा मंत्री ही होते हैं।
पूरा लेख पढ़ें: रक्षा सचिव अक्टूबर में साइप्रस और ग्रीस जाएंगे
अभ्यास प्रश्न
भारत के रक्षा सचिव 12 से 15 अक्टूबर 2026 तक किन दो देशों की यात्रा करेंगे?
- A.साइप्रस और ग्रीस
- B.माल्टा और इटली
- C.साइप्रस और तुर्की
- D.ग्रीस और मिस्र
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व्याख्या
सही उत्तर साइप्रस और ग्रीस है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह 12 से 15 अक्टूबर 2026 तक इन दोनों देशों की आधिकारिक यात्रा करेंगे। साइप्रस का चरण 12 और 13 अक्टूबर को है और ग्रीस यात्रा का दूसरा हिस्सा है। साइप्रस में वे वहां के रक्षा मंत्रालय में अपने समकक्षों से मिलेंगे तथा नेतृत्व से मुलाकात करेंगे, जबकि ग्रीस में वरिष्ठ रक्षा और सैन्य नेतृत्व के साथ बातचीत करेंगे। विकल्प B, C और D में या तो एक सही देश के साथ एक ऐसा नाम जोड़ा गया है जो घोषणा में नहीं है, या दोनों नाम ही इससे बाहर हैं। ध्यान रखें कि यात्रा के दोनों देश यूरोपीय संघ के सदस्य हैं, और इसी कारण यह दौरा भारत-यूरोपीय संघ सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी से जुड़ जाता है।
रक्षा सचिव की साइप्रस और ग्रीस के साथ बातचीत में कौन से दो विषय प्रमुख रहने वाले हैं?
- A.अंतरिक्ष प्रक्षेपण सेवाएं और उपग्रह नौवहन
- B.समुद्री सुरक्षा और रक्षा औद्योगिक सहयोग
- C.आतंकवाद के वित्तपोषण पर रोक और प्रत्यर्पण
- D.पर्यटन को बढ़ावा और विद्यार्थियों का आवागमन
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व्याख्या
सही उत्तर समुद्री सुरक्षा और रक्षा औद्योगिक सहयोग है। घोषणा में कहा गया है कि दोनों देशों के साथ चर्चा में ये दो विषय प्रमुख रहेंगे। समुद्री सुरक्षा का महत्व इसलिए है कि साइप्रस और ग्रीस पूर्वी भूमध्य सागर के जहाजी मार्गों पर स्थित हैं, और मंत्रालय के अनुसार साइप्रस के साथ बातचीत से द्विपक्षीय संबंध विशेष रूप से समुद्री क्षेत्र में गहरे होने की आशा है। रक्षा औद्योगिक सहयोग का अर्थ सैन्य उपकरण बनाने और आपूर्ति करने में साथ काम करना है, जिस क्षेत्र को भारत विदेशी भागीदारों के लिए खोल रहा है। विकल्प A विषय को अंतरिक्ष सहयोग की ओर मोड़ देता है, जिसका कोई उल्लेख नहीं है। विकल्प C में कानून प्रवर्तन से जुड़े विषय हैं, जो किसी दूसरे प्रकार के समझौते में आते हैं। विकल्प D में पर्यटन और शिक्षा हैं, जो रक्षा सचिव की यात्रा का आधार नहीं होते। इन दोनों सही विषयों को जोड़ी के रूप में याद रखें।
मई 2026 में किसकी भारत यात्रा से भारत-साइप्रस रणनीतिक साझेदारी को गति मिली?
- A.साइप्रस के प्रधानमंत्री
- B.साइप्रस के राष्ट्रपति
- C.साइप्रस के रक्षा मंत्री
- D.साइप्रस की संसद के अध्यक्ष
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व्याख्या
सही उत्तर साइप्रस के राष्ट्रपति हैं। रक्षा मंत्रालय के अनुसार मई 2026 में साइप्रस के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के बाद भारत-साइप्रस रणनीतिक साझेदारी ने और गति पकड़ी, और 12 तथा 13 अक्टूबर 2026 को रक्षा सचिव की यात्रा से इस बात के रेखांकित होने की आशा है कि दोनों पक्ष संबंधों को, विशेष रूप से समुद्री क्षेत्र में, मजबूत और व्यापक बनाना चाहते हैं। विकल्प A में प्रधानमंत्री का उल्लेख है, जो यहां वर्णित व्यवस्था में कार्यपालिका का नेतृत्व नहीं करते। विकल्प C में रक्षा मंत्री हैं, जो साइप्रस के रक्षा मंत्रालय में रक्षा सचिव के समकक्ष होंगे, पर जिनकी भारत यात्रा का यहां जिक्र नहीं है। विकल्प D में संसद के अध्यक्ष हैं, जिनकी इस प्रसंग में कोई भूमिका नहीं है। याद रखने योग्य कड़ी है — साइप्रस के राष्ट्रपति और मई 2026।
153वीं आईपीयू सभा में आपात मद के रूप में स्वीकार किया गया प्रस्ताव मुख्य रूप से किस विषय पर था?
- A.जलवायु आपदाओं और हिमालयी क्षेत्र में सहनशीलता पर संसदीय कार्रवाई
- B.संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार
- C.चुनावों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का नियमन
- D.अल्प विकसित देशों के लिए ऋण राहत
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व्याख्या
सही उत्तर विकल्प A है। आपात मद के रूप में लिए गए पाठ में जलवायु से जुड़ी आपदाओं से निपटने तथा हिमालयी क्षेत्र और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में सहनशीलता मजबूत करने के लिए तत्काल संसदीय कार्रवाई की मांग की गई थी, और यह विषय भारत तथा उसके पड़ोसियों के लिए स्वाभाविक रूप से चिंता का है। विकल्प B यानी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार गलत है; वह संयुक्त राष्ट्र में सरकारों के बीच चलने वाली बहस का बार-बार उठने वाला विषय है, इस सभा का आपात मद नहीं। विकल्प C यानी चुनावों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का नियमन गलत है और यहां स्वीकार किए गए दस्तावेजों में उसका कोई स्थान नहीं है। विकल्प D यानी अल्प विकसित देशों के लिए ऋण राहत भी गलत है। परीक्षार्थियों को सभा के तीन परिणामों को अलग-अलग याद रखना चाहिए — अरुषा विज्ञप्ति, लोकतंत्र और मानवाधिकार संबंधी स्थायी समिति का दिव्यांगजनों के अधिकारों और सशक्तीकरण वाला प्रस्ताव, तथा जलवायु आपदाओं पर आपात मद।
153वीं आईपीयू सभा में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किसने किया?
- A.लोकसभा अध्यक्ष
- B.राज्यसभा के उपसभापति
- C.लोकसभा के उपाध्यक्ष
- D.विदेश मंत्री
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व्याख्या
सही उत्तर राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश हैं, जिन्होंने अरुषा में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया और आईपीयू अध्यक्ष पद के लिए भारत के मत डालने वाले तीन सदस्यों में से एक रहे। विकल्प A यानी लोकसभा अध्यक्ष गलत है, हालांकि इस आयोजन से उनका संबंध दूसरे रूप में है — नवनिर्वाचित अध्यक्ष को दिया गया बधाई पत्र लोकसभा अध्यक्ष का था, जिसे राज्यसभा सदस्य सस्मित पात्रा ने सौंपा। विकल्प C यानी लोकसभा के उपाध्यक्ष गलत है और यह दोनों सदनों तथा उनके पीठासीन अधिकारियों के बीच भ्रम मात्र है। विकल्प D यानी विदेश मंत्री एक सिद्धांत के कारण गलत है जिसे याद रखना उपयोगी है — अंतर-संसदीय संघ सरकारों का नहीं, राष्ट्रीय संसदों का मंच है, इसलिए वहां किसी देश का प्रतिनिधित्व उसकी विधायिका के सदस्यों का संसदीय प्रतिनिधिमंडल करता है, विदेश मंत्रालय नहीं। भारत के अन्य दो मत लोकसभा सदस्यों अनुराग सिंह ठाकुर और कमलजीत सहरावत ने डाले।