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GK24
राजस्थानकठिन

गवरी, जिसे राई भी कहा जाता है, मेवाड़ के किस समुदाय का नृत्य-नाट्य है?

  1. A.भील
  2. B.कालबेलिया
  3. C.कामड़
  4. D.नट

सही उत्तर

A. भील

व्याख्या

सही उत्तर है A, भील। मेवाड़ के भील रक्षाबंधन के बाद लगभग चालीस दिन तक देवी के सम्मान में गवरी करते हैं और गाँव-गाँव घूमते हैं, जिसमें निश्चित पात्र तथा प्रसंग होते हैं और कलाकार पूरी अवधि कठोर नियम पालते हैं; इसी से यह राजस्थान का सबसे लंबा और विस्तृत लोक प्रदर्शन बनता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि कालबेलिया समुदाय, जिसके गीत-नृत्य 2010 की यूनेस्को सूची में हैं, अपना नृत्य करता है, गवरी नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि कामड़ समुदाय बाबा रामदेव की भक्ति में तेरह ताली करता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि नट तथा भाट समुदाय राजस्थान के कठपुतली कलाकार हैं, जो धागा कठपुतली के खेल प्रस्तुत करते हैं। इस प्रश्न का जाल गवरी को साधारण नृत्य मान लेना है, जबकि उसका सही वर्णन कथा सहित नृत्य-नाट्य है।

पूरा लेख पढ़ें: राजस्थान के लोक नृत्य और लोक नाट्य: परीक्षा नोट्स

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Q1.राजस्थानआसान

राजस्थान का कौन सा लोक नृत्य 2010 में यूनेस्को की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल किया गया?

  1. A.घूमर
  2. B.कालबेलिया
  3. C.चरी
  4. D.तेरह ताली
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कालबेलिया

राजस्थान के परंपरागत सँपेरा कालबेलिया समुदाय के गीत और नृत्य 2010 में यूनेस्को की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में जोड़े गए; स्त्रियाँ चाँदी की गोटे वाला बहता काला घाघरा पहनकर बीन और खंजरी पर ऐसे अंग संचालन के साथ नृत्य करती हैं जो सर्प की स्मृति…

Q2.राजस्थानमध्यम

तेरह ताली, जिसमें शरीर पर तेरह मंजीरे बाँधे जाते हैं, किस समुदाय की स्त्रियाँ करती हैं?

  1. A.कंजर
  2. B.गुर्जर
  3. C.कामड़
  4. D.गरासिया
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. कामड़

कामड़ समुदाय की स्त्रियाँ तेरह ताली भूमि पर बैठकर बाबा रामदेव की भक्ति के रूप में करती हैं, जिसमें तेरह छोटी पीतल की झाँझें अर्थात मंजीरे कलाई, कोहनी, कमर तथा टखनों पर बाँधकर ताल में बजाई जाती हैं, और मंडली के पुरुष तंदूरा बजाते हैं।

Q3.राजस्थानमध्यम

सिर पर जलती पीतल की चरी साधकर किया जाने वाला चरी नृत्य मुख्यतः किस क्षेत्र का है?

  1. A.किशनगढ़ और अजमेर
  2. B.बीकानेर और चूरू
  3. C.जैसलमेर और बाड़मेर
  4. D.कोटा और बारां
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. किशनगढ़ और अजमेर

चरी नृत्य इस पट्टी की गुर्जर स्त्रियाँ करती हैं, जो सिर पर पीतल का पात्र अर्थात चरी साधती हैं, जिसमें तेल में भिगोए कपास के बीज भरकर जलाए जाते हैं, इसलिए नृत्य ज्वाला के नीचे चलता है; यह विवाह तथा पुत्र जन्म के अवसरों पर होता है।

Q4.राजस्थानकठिन

राजस्थान का अग्नि नृत्य किस संप्रदाय के अनुयायी करते हैं?

  1. A.विश्नोई संप्रदाय
  2. B.जसनाथी संप्रदाय
  3. C.दादू संप्रदाय
  4. D.रामस्नेही संप्रदाय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. जसनाथी संप्रदाय

जसनाथ के अनुयायी, जिनके केंद्र बीकानेर और चूरू क्षेत्र में हैं, अग्नि नृत्य करते हैं, जिसमें वे ढोल की ताल पर दहकते अंगारों के बिछौने पर पैर रखकर नृत्य करते हैं, और यह नृत्य उनके मेलों में आस्था का कार्य माना जाता है।

Q5.राजस्थानआसान

मेवाड़ और मारवाड़ में पुरुषों का जोशीला वृत्ताकार नृत्य गैर मुख्यतः किस त्योहार पर किया जाता है?

  1. A.गणगौर
  2. B.तीज
  3. C.होली
  4. D.दीपावली
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सही उत्तर: C. होली

मेवाड़ और मारवाड़ के भील तथा अन्य समुदायों के पुरुष होली के दिनों में बड़े घेरे में गैर करते हैं और ढोल तथा थाली की ताल पर लंबी लाठियाँ टकराते हैं; जहाँ स्त्रियाँ भी घेरे में सम्मिलित होती हैं, उस रूप को गैर घूमर कहा जाता है।