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GK24
पर्यावरणआसान

गंगा पुनरुद्धार संबंधी अधिकार प्राप्त कार्यबल की 20वीं बैठक की अध्यक्षता किसने की?

  1. A.केंद्रीय पर्यावरण मंत्री
  2. B.केंद्रीय जल शक्ति मंत्री
  3. C.एनएमसीजी के महानिदेशक
  4. D.केंद्रीय शहरी कार्य मंत्री

सही उत्तर

B. केंद्रीय जल शक्ति मंत्री

व्याख्या

सही उत्तर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल हैं, जिन्होंने नई दिल्ली में इस बैठक की अध्यक्षता की। विकल्प A गलत है, क्योंकि नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत नदी पुनरुद्धार का काम जल शक्ति मंत्रालय के पास है, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के पास नहीं, भले विषय पर्यावरण से जुड़ा हो। विकल्प C गलत है, क्योंकि राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के महानिदेशक राजीव कुमार मित्तल बैठक में शामिल हुए और कार्यक्रम की प्रगति रखी, पर कार्यबल की अध्यक्षता मंत्री करते हैं। विकल्प D भी गलत है, हालांकि सीवेज के काम और शहर स्वच्छता कार्य योजनाओं में शहरी निकायों की बड़ी भूमिका रहती है। यह भी याद रखें कि बैठक में जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी मौजूद थे और यह कार्यबल गंगा बेसिन की सर्वोच्च समीक्षा संस्था है।

पूरा लेख पढ़ें: गंगा अधिकार प्राप्त कार्यबल की 20वीं बैठक पाटिल की अध्यक्षता में

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Q1.पर्यावरणमध्यम

बैठक की समीक्षा के अनुसार नमामि गंगे कार्यक्रम में कितनी परियोजनाएं और कितनी लागत स्वीकृत हुई है?

  1. A.33,266 करोड़ रुपये की 427 परियोजनाएं
  2. B.43,266 करोड़ रुपये की 527 परियोजनाएं
  3. C.53,266 करोड़ रुपये की 627 परियोजनाएं
  4. D.23,266 करोड़ रुपये की 327 परियोजनाएं
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 43,266 करोड़ रुपये की 527 परियोजनाएं

व्याख्या

सही उत्तर 43,266 करोड़ रुपये की 527 परियोजनाएं है, जो अगस्त 2026 तक की स्थिति है और इनमें 368 परियोजनाएं पहले ही पूरी हो चुकी हैं। बाकी विकल्प गलत हैं, क्योंकि उनमें परियोजनाओं की संख्या या लागत बदल दी गई है और ऐसे भ्रमित करने वाले विकल्प पहला अंक बदलकर बनाए जाते हैं। दोहराते समय मुख्य आंकड़ों के साथ सीवरेज के उप-आंकड़े भी रखें, यानी 219 स्वीकृत सीवरेज परियोजनाओं में 147 पूरी हुईं, स्वीकृत 6,603 एमएलडी उपचार क्षमता में से अब तक 4,339 एमएलडी बनी और स्वीकृत 5,245 किलोमीटर सीवर नेटवर्क में से 4,615 किलोमीटर जमीन पर तैयार हुआ। मंत्री ने इसी समीक्षा में एजेंसियों तथा राज्य सरकारों से कहा कि लंबित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और भूमि संबंधी अड़चनें दूर करें, ताकि चल रही परियोजनाएं समय पर पूरी हों।

Q2.पर्यावरणकठिन

बैठक का मुख्य केंद्र रहा गोमती उद्गम स्थल किस जिले में स्थित है?

  1. A.पीलीभीत, उत्तर प्रदेश
  2. B.गया, बिहार
  3. C.इटावा, उत्तर प्रदेश
  4. D.प्रयागराज, उत्तर प्रदेश
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. पीलीभीत, उत्तर प्रदेश

व्याख्या

सही उत्तर पीलीभीत, उत्तर प्रदेश है, जहां गोमती का उद्गम है और जिसके पुनरुद्धार तथा समेकित विकास का मास्टर प्लान राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की 68वीं कार्यकारी समिति की बैठक में दिसंबर 2025 में मंजूर हुआ था। विकल्प B यानी गया, बिहार इस प्रश्न के लिए गलत है, हालांकि बिहार का उल्लेख बैठक में निरंजना या फल्गु नदी के प्रस्तावित पुनरुद्धार के संदर्भ में आया। विकल्प C यानी इटावा गलत है, पर यह समीक्षा में उन उत्तर प्रदेश के शहरों में शामिल है जहां यमुना के लिए परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं, जैसे मथुरा-वृंदावन, कोसी-छाता, आगरा और फिरोजाबाद। विकल्प D यानी प्रयागराज यहां गलत है, क्योंकि उसका नाम विश्व नदी दिवस पर चले स्वच्छता अभियानों के शहरों में आया। यह भी याद रखें कि गोमती स्थल के लिए 1 एमएलडी का प्रकृति आधारित संयंत्र मंजूर हुआ है।

Q3.पर्यावरणआसान

प्री-कॉप31 की राजनीतिक लैंडिंग जोन और नतीजों पर हुई पूर्ण सत्र चर्चा में भारत का प्रतिनिधित्व किसने किया?

  1. A.विदेश मंत्री
  2. B.पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री
  3. C.विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री
  4. D.नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री

व्याख्या

सही उत्तर पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री है, यानी श्री भूपेंद्र यादव, जिनका मंत्रालय भारत की जलवायु वार्ताओं को संभालता है। राजनीतिक लैंडिंग जोन और नतीजों पर हुई पूर्ण सत्र चर्चा में उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के बढ़ते असर के चलते भाषणबाजी से आगे बढ़कर अमल और सहमति की दिशा में जाना जरूरी है, और पक्षकार देशों के बीच सहमति का दायरा मतभेदों से कहीं बड़ा है। उन्होंने यह भी बताया कि वैश्विक तापवृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखने के आकांक्षात्मक लक्ष्य से जुड़े रहने पर व्यापक सहमति है। बाकी विकल्पों में विदेश मामलों, वैज्ञानिक अनुसंधान और नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़े मंत्रालय आते हैं, जिनका काम अहम है, लेकिन जलवायु सम्मेलन की वार्ता पर्यावरण मंत्रालय संभालता है और इनमें से किसी मंत्री ने नाडी में भारत का वक्तव्य नहीं दिया।

Q4.पर्यावरणकठिन

भारत ने प्री-कॉप31 के पूर्ण सत्र में जलवायु व्यवस्था के किन दो प्रावधानों का विशेष उल्लेख किया?

  1. A.अनुच्छेद 9.1 और अनुच्छेद 6
  2. B.अनुच्छेद 4 और अनुच्छेद 12
  3. C.अनुच्छेद 2 और अनुच्छेद 8
  4. D.अनुच्छेद 5 और अनुच्छेद 14
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अनुच्छेद 9.1 और अनुच्छेद 6

व्याख्या

सही उत्तर अनुच्छेद 9.1 और अनुच्छेद 6 है। भारत ने अनुच्छेद 9.1 को अस्थायी एजेंडे में शामिल किए जाने का स्वागत किया और इसे वित्त को देशों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने का महत्वपूर्ण औपचारिक अवसर बताया। इसके साथ ही भारत ने अनुच्छेद 6 के सहयोगात्मक तरीकों के रणनीतिक उपयोग पर जोर दिया, जिनसे वित्त तथा अमल के अन्य साधनों की गंभीर कमी पूरी की जा सकती है और टिकाऊ विकास के लिए बाजार आधारित संसाधन जुटाए जा सकते हैं। बाकी विकल्पों में बताए गए प्रावधान इस पूर्ण सत्र में भारत के वक्तव्य का विषय नहीं थे। मंत्री ने इन दोनों को अपनी बड़ी बात से जोड़ा, यानी ऊंचे लक्ष्यों के साथ बढ़ा हुआ जलवायु वित्त, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और क्षमता निर्माण जुड़ना चाहिए तथा अमल राष्ट्रीय स्तर पर तय रास्तों का सम्मान करे।

Q5.पर्यावरणमध्यम

यूएनएफसीसीसी कॉप31 का आयोजन कहां होना है?

  1. A.नाडी, फिजी
  2. B.अंताल्या, तुर्किये
  3. C.बेलेम, ब्राजील
  4. D.नई दिल्ली, भारत
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अंताल्या, तुर्किये

व्याख्या

सही उत्तर अंताल्या, तुर्किये है। सालाना संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन यानी कॉप31 नवंबर में अंताल्या में होगा और उससे कुछ सप्ताह पहले हुई प्री-कॉप बैठक उसी की तैयारी थी। विकल्प A यानी फिजी का नाडी वह जगह है जहां प्री-कॉप हुई, इसलिए वह तैयारी बैठक का स्थान है, सम्मेलन का नहीं। विकल्प C यानी ब्राजील का बेलेम और विकल्प D यानी नई दिल्ली इस सत्र के स्थान नहीं हैं। भारतीय मंत्री ने दोनों जगहों का संबंध साफ किया, जब उन्होंने कहा कि फिजी की चर्चाओं के रचनात्मक पहलुओं को अंताल्या तक ले जाना चाहिए और लैंडिंग जोन ऐसा नतीजा हो जो महत्वाकांक्षी तथा संतुलित दोनों हो, जिसमें शमन और अनुकूलन आगे बढ़ें और विकासशील देशों को अमल के जरूरी साधन मिलें।