एयरोस्पेस पावर एंड स्ट्रैटेजिक स्टडीज केंद्र की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
- A.1991
- B.2001
- C.2011
- D.2021
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 2001 है। CAPSS की स्थापना उसी वर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा, परमाणु और एयरोस्पेस विषयों पर काम करने वाली स्वायत्त शोध एवं विश्लेषण संस्था के रूप में हुई थी, इसी कारण वर्ष 2026 इसका रजत जयंती वर्ष है। रजत जयंती स्थापना के पच्चीस वर्ष बाद आती है, इसलिए यही गणना बाकी तीनों विकल्पों को खारिज कर देती है। विकल्प A के अनुसार संस्था 2026 में पैंतीस वर्ष पुरानी होती, विकल्प C के अनुसार पंद्रह वर्ष और विकल्प D के अनुसार केवल पांच वर्ष, और इनमें से कोई भी रजत जयंती से मेल नहीं खाता। संस्था के महानिदेशक एयर मार्शल नागेश कपूर (सेवानिवृत्त) ने संगोष्ठी में स्वागत भाषण दिया और समकालीन संघर्षों में वायु शक्ति की भूमिका पर बात की तथा इस क्षेत्र में सोच विकसित करने में CAPSS के योगदान को रेखांकित किया।
पूरा लेख पढ़ें: तरंग शक्ति 2026: वायु शक्ति पर CAPSS-वायुसेना संगोष्ठी
अभ्यास प्रश्न
नई दिल्ली में हुई CAPSS-वायुसेना संगोष्ठी किस अभ्यास के समानांतर आयोजित की गई?
- A.अभ्यास तरंग शक्ति-26
- B.अभ्यास वायु शक्ति
- C.अभ्यास गगन शक्ति
- D.अभ्यास डेजर्ट फ्लैग
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व्याख्या
सही उत्तर अभ्यास तरंग शक्ति-26 है। यह संगोष्ठी 9 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के सुब्रतो पार्क स्थित वायुसेना सभागार में उस समय हुई जब यह बहुराष्ट्रीय उड़ान अभ्यास चल रहा था, इसलिए भाग लेने वाले दल उड़ानों से सीधे सिद्धांत पर चर्चा की ओर बढ़े। बाकी तीन विकल्पों में दिए नाम सामान्य अध्ययन में परिचित हवाई अभ्यास हैं, लेकिन इस संगोष्ठी का संदर्भ वे नहीं थे। अभ्यास के साथ संगोष्ठी रखने का उद्देश्य ताजा अभियानगत अनुभव को बहस में लाना था। इसका विषय बदलते युद्धक्षेत्र में वायु शक्ति की केंद्रीय भूमिका था और इसमें सभी महाद्वीपों की साझेदार वायुसेनाओं के प्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षाविद, उद्योग तथा मीडिया शामिल हुए। आयोजक एयरोस्पेस पावर एंड स्ट्रैटेजिक स्टडीज केंद्र और भारतीय वायुसेना थे।
राष्ट्रीय शक्ति के साधन के रूप में वायु शक्ति पर हुए दूसरे कार्य सत्र की अध्यक्षता किसने की?
- A.एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह
- B.एयर चीफ मार्शल वी आर चौधरी
- C.एयर मार्शल नागेश कपूर
- D.एयर मार्शल स्टीफन चैपल
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व्याख्या
सही उत्तर एयर मार्शल स्टीफन चैपल हैं, जो रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स के प्रमुख हैं और जिन्होंने दूसरे सत्र की अध्यक्षता की। उस सत्र में वायु शक्ति को राष्ट्रीय शक्ति के साधन के रूप में देखा गया और प्रतिरोध, दबाव, तनाव नियंत्रण तथा मानव संसाधन विकास पर चर्चा हुई। विकल्प A यानी एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह भारतीय वायुसेना के प्रमुख हैं और संगोष्ठी में उनकी भूमिका उद्घाटन भाषण देने की थी। विकल्प B यानी पूर्व वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी आर चौधरी ने पहले कार्य सत्र की अध्यक्षता की, जो 21वीं सदी में हवाई युद्ध के बदलाव तथा हवाई श्रेष्ठता से युद्धक्षेत्र नियंत्रण की ओर बढ़ाव पर था। विकल्प C यानी एयर मार्शल नागेश कपूर CAPSS के महानिदेशक हैं और उन्होंने स्वागत भाषण दिया।
अग्रिम चौकियों पर ढुलाई आसान बनाने के लिए 'भारत राइस' की खरीद किन आकार के बैग में होगी?
- A.5 किलो और 25 किलो
- B.10 किलो और 30 किलो
- C.20 किलो और 50 किलो
- D.15 किलो और 40 किलो
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व्याख्या
सही उत्तर 10 किलो और 30 किलो है। इन दो आकारों में खरीद का उद्देश्य अनाज को उठाने, लादने और ले जाने में आसानी देना है, जो लद्दाख तथा पूर्वोत्तर जैसे दुर्गम इलाकों में राशन पहुंचाते समय सबसे अधिक मायने रखता है। बाकी तीनों विकल्पों में दिए गए वजन अनाज की पैकिंग के लिए संभव लग सकते हैं, पर इस पहल का हिस्सा नहीं हैं। इसके पीछे व्यावसायिक नहीं, अभियानगत कारण है। रक्षा मंत्री ने कहा कि सुविधाजनक पैकिंग छोटा कदम लग सकता है, लेकिन अग्रिम चौकियों तक राशन पहुंचाने वाले जवानों को इससे वास्तविक राहत मिलती है। पैकिंग के साथ ही चावल रक्षा मानकों के अनुसार मिल किया जाएगा और उसमें बाहरी तत्व या मिलावट नहीं रहेगी, तथा टूटे व खराब दाने न्यूनतम रहेंगे।
वित्त वर्ष 2026-27 में सशस्त्र बलों को 'भारत राइस' की आपूर्ति कौन करेगा?
- A.भारतीय खाद्य निगम
- B.नेफेड
- C.सेना क्रय संगठन
- D.राज्य नागरिक आपूर्ति निगम
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व्याख्या
सही उत्तर नेफेड यानी भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ लिमिटेड है। रक्षा मानकों के अनुसार मिल किए जाने और गुणवत्ता जांच से गुजरने के बाद वित्त वर्ष 2026-27 में चावल की आपूर्ति नेफेड के माध्यम से होगी। विकल्प A यानी भारतीय खाद्य निगम इसी घोषणा के दूसरे हिस्से, अर्थात भंडारण और सामग्री प्रबंधन से जुड़े लॉजिस्टिक्स समझौते का साझेदार है, इसलिए उसकी भूमिका अलग है। विकल्प C यानी सेना क्रय संगठन का इस व्यवस्था में नाम नहीं है। विकल्प D यानी राज्य नागरिक आपूर्ति निगम भी इसमें शामिल नहीं हैं; बदलाव यही है कि चावल सीधे सेना आपूर्ति डिपो तक जाएगा, नजदीकी केंद्रों से उठाया नहीं जाएगा। इस पहल का नेतृत्व आपूर्ति एवं परिवहन महानिदेशालय कर रहा है और यह सैनिकों से लगातार मिले सुझावों पर आधारित है। इसके पीछे सेना, FCI, नेफेड तथा खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के बीच लगभग 18 महीने का समन्वय रहा है।
अभियानगत परिस्थितियों में भंडारण और सामग्री प्रबंधन संसाधनों के उपयोग के लिए भारतीय सेना ने किस संस्था से समझौता किया?
- A.नेफेड
- B.भारतीय खाद्य निगम
- C.सीमा सड़क संगठन
- D.केंद्रीय भंडारण निगम
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व्याख्या
सही उत्तर भारतीय खाद्य निगम है। भारत राइस की शुरुआत के साथ हुए इस समझौते से सेना को चिह्नित FCI गोदामों, श्रमिकों और सामग्री प्रबंधन उपकरणों के उपयोग का औपचारिक ढांचा मिलता है। यह समझौता पांच वर्ष तक प्रभावी रहेगा और आपसी सहमति से बढ़ाया जा सकेगा। विकल्प A यानी नेफेड का उल्लेख है, लेकिन उसकी भूमिका वित्त वर्ष 2026-27 में चावल की आपूर्ति करना है, गोदाम देना नहीं। विकल्प C यानी सीमा सड़क संगठन का जिक्र केवल दोहरे उपयोग के उदाहरण के रूप में हुआ, क्योंकि उसकी बनाई सड़कों और पुलों का उपयोग स्थानीय लोग भी करते हैं। विकल्प D यानी केंद्रीय भंडारण निगम इस व्यवस्था का हिस्सा नहीं है। रक्षा मंत्री ने FCI समझौते को अभियानगत तैयारी के लिए शक्ति बढ़ाने वाला कदम बताया।