एनआरआईडीए के अध्ययन ढांचे में निर्माण से पहले होने वाला बेसलाइन सर्वेक्षण कितने समय तक चलेगा?
- A.6 माह
- B.14 माह
- C.22 माह
- D.36 माह
सही उत्तर
B. 14 माह
व्याख्या
सही उत्तर 14 माह है। यह आकलन तीन चरणों में बना है। पहले चौदह माह का बेसलाइन यानी निर्माण-पूर्व सर्वेक्षण होगा, फिर लगभग बारह माह की परिवर्तन अवधि, और अंत में बाईस माह का एंडलाइन यानी निर्माण-पश्चात सर्वेक्षण। चूंकि हर चरण में उन्हीं परिवारों और उन्हीं सड़कों के पास लौटा जाएगा, इसलिए इस ढांचे को लॉन्गिट्यूडिनल कहा जाता है और यह अलग-अलग नमूनों की तुलना करने के बजाय समय के साथ आए बदलाव को दिखा सकता है। विकल्प A बताई गई बेसलाइन अवधि से कम है, इसलिए गलत है। विकल्प C निर्माण के बाद होने वाले एंडलाइन सर्वेक्षण की अवधि है, बेसलाइन की नहीं, इसलिए यह आम जाल है। विकल्प D किसी भी एक चरण से लंबा है और योजना से मेल नहीं खाता। पूरा अध्ययन चार वर्ष चलेगा।
पूरा लेख पढ़ें: एनआरआईडीए और आईआईएम कलकत्ता में पीएमजीएसवाई-IV अध्ययन पर एमओयू
अभ्यास प्रश्न
एनआरआईडीए ने पीएमजीएसवाई-IV और पीएम-जनमन सड़कों के चार वर्षीय प्रभाव आकलन के लिए किस संस्थान से एमओयू किया?
- A.आईआईएम अहमदाबाद
- B.आईआईएम कलकत्ता
- C.आईआईटी रुड़की
- D.राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आईआईएम कलकत्ता
व्याख्या
सही उत्तर आईआईएम कलकत्ता है। ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधीन काम करने वाली राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना विकास एजेंसी ने भारतीय प्रबंध संस्थान कलकत्ता के साथ पीएमजीएसवाई-IV और पीएम-जनमन के तहत बनी सड़कों के चार वर्षीय लॉन्गिट्यूडिनल अध्ययन के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। हस्ताक्षर करने वाले थे एनआरआईडीए महानिदेशक अदिति सिंह और आईआईएम कलकत्ता के निदेशक आलोक कुमार राय, जबकि ग्रामीण विकास सचिव रोहित कंसल उपस्थित रहे। विकल्प A यानी आईआईएम अहमदाबाद एक अलग प्रबंध संस्थान है और इस समझौते का पक्ष नहीं था, इसलिए गलत है। विकल्प C यानी आईआईटी रुड़की एक अभियांत्रिकी संस्थान है और यहां शामिल नहीं था। विकल्प D यानी राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान इसी क्षेत्र में काम करता है, इसलिए भ्रम पैदा करता है, पर इस एमओयू में नामित साझेदार नहीं है।
एनआरआईडीए का प्रभाव आकलन अध्ययन कितनी सड़कों को कवर करेगा?
- A.150
- B.200
- C.250
- D.500
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 250
व्याख्या
सही उत्तर 250 है। अध्ययन में इतनी ग्रामीण सड़कें शामिल होंगी, जो दस राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों, पचास जिलों और एक सौ पचास ब्लॉकों में फैली हैं। साथ ही आवागमन, पहुंच और सामाजिक-आर्थिक स्थितियों में बदलाव दर्ज करने के लिए लगभग पांच हजार परिवारों का सर्वेक्षण होगा। विकल्प A सड़कों की नहीं, बल्कि ब्लॉकों की संख्या है, इसलिए यह आकर्षक भ्रम है पर गलत है। विकल्प B और विकल्प D गोल-मटोल आंकड़े हैं जो घोषित दायरे से मेल नहीं खाते, अतः दोनों गलत हैं। परीक्षार्थी चारों आंकड़ों को क्रम में याद रखें, पहले राज्य व केंद्र शासित प्रदेश, फिर जिले, फिर ब्लॉक और अंत में सड़कें, क्योंकि प्रश्नों में अक्सर इनमें से एक को दूसरे से बदल दिया जाता है। अध्ययन में शामिल राज्य आंध्र प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, सिक्किम और उत्तराखंड हैं।
नई दिल्ली में उद्घाटित रिड्यूस, रियूज और रिसाइकल केंद्र किस दृष्टि से पहला ऐसा केंद्र बताया गया है?
- A.किसी रेलवे स्टेशन में
- B.किसी केंद्रीय मंत्रालय के कार्यालय में
- C.किसी नगर निगम भवन में
- D.किसी केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर में
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. किसी केंद्रीय मंत्रालय के कार्यालय में
व्याख्या
सही उत्तर किसी केंद्रीय मंत्रालय के कार्यालय में है। स्वच्छता ही सेवा 2026 के अंतर्गत केंद्रीय मंत्री ने नई दिल्ली के संकल्प भवन में रिड्यूस, रियूज और रिसाइकल केंद्र का उद्घाटन किया और इसे किसी केंद्रीय मंत्रालय के कार्यालय में स्थापित पहला ऐसा केंद्र बताया गया। इसका उद्देश्य सरकारी कार्यस्थलों में सतत उपभोग, पुनः उपयोग, संसाधन पुनर्प्राप्ति तथा चक्रीय कार्यप्रणाली को बढ़ावा देना है, जिससे नीति बनाने वाले कार्यालय स्वयं भी उसका पालन करें। विकल्प क, रेलवे स्टेशन, तथा विकल्प ग और घ, नगर निगम भवन और केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर, ऐसे स्थान हैं जहां संग्रहण केंद्र संभव हैं और आरआरआर केंद्र व्यापक रूप से लोकप्रिय भी हुए हैं, परंतु यहां दावा विशेष रूप से केंद्रीय मंत्रालय कार्यालय से जुड़ा है। इसलिए विकल्प ख सही है।
स्वच्छता स्टार्टअप का तीसरा समूह किस संस्थान के सहयोग से शुरू किया गया?
- A.आईआईटी दिल्ली
- B.आईआईटी कानपुर
- C.आईआईटी मद्रास
- D.आईआईएससी बेंगलुरु
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आईआईटी कानपुर
व्याख्या
सही उत्तर आईआईटी कानपुर है। मंत्रालय ने स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन पर काम करने वाले स्टार्टअप के तीसरे समूह का शुभारंभ आईआईटी कानपुर के स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर के सहयोग से किया। इस समूह में 13 स्टार्टअप जुड़ने से अपशिष्ट मूल्य शृंखला में 75 स्टार्टअप को शामिल करने तथा उन्हें विकसित करने का राष्ट्रीय लक्ष्य पूरा हो गया। राज्य मंत्री ने इस अवसर पर यह भी कहा कि भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। विकल्प क, ग और घ देश के अन्य प्रमुख तकनीकी संस्थान हैं, जिनके अपने इनक्यूबेशन केंद्र भी हैं, इसलिए वे संभावित लगते हैं, परंतु इस समूह के साझेदार के रूप में उनका नाम नहीं है। अतः विकल्प ख सही है।
आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया स्वच्छ भारत परीक्षण केंद्र एवं नवाचार केंद्र कहां स्थित है?
- A.दुर्गापुर
- B.कानपुर
- C.इंदौर
- D.पुणे
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. दुर्गापुर
व्याख्या
सही उत्तर दुर्गापुर है। मंत्रालय ने सीएसआईआर सीएमईआरआई के सहयोग से दुर्गापुर में स्वच्छ भारत परीक्षण केंद्र एवं नवाचार केंद्र स्थापित किया है, जो स्वच्छता तकनीक में अनुसंधान, उत्पाद विकास, परीक्षण, सत्यापन, प्रमाणन तथा क्षमता निर्माण की राष्ट्रीय सुविधा के रूप में काम करेगा। विकल्प ख, कानपुर, भ्रम पैदा करता है क्योंकि स्वच्छता स्टार्टअप का तीसरा समूह आईआईटी कानपुर के स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर के साथ शुरू हुआ, परंतु वह परीक्षण केंद्र से अलग गतिविधि है। विकल्प ग, इंदौर, शहरी स्वच्छता रैंकिंग से जुड़ा नाम है, पर उसे परीक्षण केंद्र का स्थान नहीं बताया गया। विकल्प घ, पुणे, का उल्लेख ही नहीं है। यह केंद्र इसलिए बनाया गया क्योंकि मिशन ने अनुसंधान तथा नवाचार को स्वच्छता कार्य की प्रेरक शक्ति के रूप में लगातार स्थापित किया है। इसलिए विकल्प क सही है।