एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन 2026 के उद्घाटन पर इनमें से कौन-सा दस्तावेज जारी किया गया?
- A.राष्ट्रीय सौर मिशन रिपोर्ट
- B.एमएनआरई की एग्री-पीवी पॉलिसी हैंडबुक
- C.वार्षिक नवीकरणीय ऊर्जा सर्वेक्षण
- D.वैश्विक खाद्य सुरक्षा सूचकांक
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर एमएनआरई की एग्री-पीवी पॉलिसी हैंडबुक है। सम्मेलन के उद्घाटन पर औपचारिक रूप से तीन ज्ञान संसाधन सामने रखे गए — इंडिया एग्रीवोल्टाइक्स एलायंस द्वारा विकसित डिसीजन-मेकिंग टूल, इंटरनेशनल वाटर मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट द्वारा तैयार बुक ऑफ एब्सट्रैक्ट्स, तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की एग्री-पीवी पॉलिसी हैंडबुक। विकल्प ए यानी राष्ट्रीय सौर मिशन रिपोर्ट इनमें शामिल नहीं थी। विकल्प सी इस अवसर के लिए गढ़ा गया शीर्षक है। विकल्प डी वैश्विक खाद्य सुरक्षा सूचकांक का नाम लेता है, जो पूरी तरह अलग प्रकाशन है और इस सूची में नहीं आता। परीक्षा के लिए उपयोगी आदत यह है कि हर जारी दस्तावेज को उसे तैयार करने वाली संस्था के साथ जोड़कर याद किया जाए, क्योंकि प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि बुक ऑफ एब्सट्रैक्ट्स किसने तैयार की।
पूरा लेख पढ़ें: एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन 2026 भारत मंडपम में शुरू
अभ्यास प्रश्न
नई दिल्ली में आयोजित सातवें एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन 2026 का विषय क्या है?
- A.सबके लिए भोजन, सबके लिए बिजली
- B.पावरिंग द ग्लोबल साउथ
- C.पावर से एम्पावर
- D.जलवायु अनुकूल कृषि
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एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन का सातवाँ संस्करण, जो नई दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू हुआ, इसी विषय के अंतर्गत नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा कोनेक्सियो-पीएसई की साझेदारी में आयोजित किया गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन 2026 की मेजबानी किस मंत्रालय ने की और किस देश का सहयोग रहा?
- A.कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, जापान के सहयोग से
- B.नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, जर्मनी के सहयोग से
- C.पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, फ्रांस के सहयोग से
- D.विद्युत मंत्रालय, डेनमार्क के सहयोग से
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सम्मेलन की मेजबानी इसी मंत्रालय ने की और इसमें जर्मनी के पर्यावरण, जलवायु कार्रवाई, प्रकृति संरक्षण और परमाणु सुरक्षा संघीय मंत्रालय, जिसे संक्षेप में बीएमयूवी कहा जाता है, का सहयोग रहा; आयोजन कोनेक्सियो-पीएसई की साझेदारी में हुआ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारतीय रसायन उद्योग के वर्ष 2030 तक कितना बड़ा होने का अनुमान है?
- A.150 अरब डॉलर
- B.300 अरब डॉलर
- C.500 अरब डॉलर
- D.एक ट्रिलियन डॉलर
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यही अनुमान भारतीय रसायन उद्योग के लिए वर्ष 2030 का है, और इस वृद्धि की संभावना के पीछे घरेलू मांग में बढ़ोतरी, निर्यात के बढ़ते अवसर, बड़ी युवा आबादी, प्रति व्यक्ति अपेक्षाकृत कम खपत तथा सरकार की सहायक पहलें बताई गई हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →इंडिया केम 2026 में साझेदार देश के रूप में कौन सा देश जुड़ा है?
- A.जर्मनी
- B.जापान
- C.दक्षिण कोरिया
- D.अमरीका
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वह इस संस्करण का साझेदार देश बना है, और इस कदम को भारत के साथ आर्थिक सहयोग मजबूत करने तथा रसायन और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में सहयोग के नए अवसर खोलने वाला बताया गया है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मुंबई में आयोजित 14वें इंडिया केम 2026 का विषय क्या है?
- A.सतत भविष्य के लिए रसायन
- B.एडवांटेज भारत: उभरता वैश्विक रसायन केंद्र
- C.दुनिया के लिए मेक इन इंडिया
- D.आत्मनिर्भर रसायन भारत
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यह विषय आयोजन को ऐसे मंच के रूप में प्रस्तुत करता है जहां घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हितधारक जानकारी साझा करें, साझेदारियां बनाएं तथा निवेश के अवसर तलाशें, और मंत्री ने आयोजन का उद्देश्य बताते हुए इसे दोहराया भी।
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