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GK24
राष्ट्रीयमध्यम

दीव में पांच दिवसीय वृद्धजन देखभाल प्रशिक्षण कार्यक्रम कौन-सा संस्थान संचालित कर रहा है?

  1. A.राष्ट्रीय सामाजिक रक्षा संस्थान
  2. B.राष्ट्रीय जन सहयोग एवं बाल विकास संस्थान
  3. C.राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान
  4. D.राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान

सही उत्तर

A. राष्ट्रीय सामाजिक रक्षा संस्थान

व्याख्या

सही उत्तर राष्ट्रीय सामाजिक रक्षा संस्थान है, जो सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अधीन कार्य करता है और यह पाठ्यक्रम कलेक्टर कार्यालय, दीव तथा दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव प्रशासन के सहयोग से चला रहा है। इसका वरिष्ठ नागरिक प्रभाग पाठ्यक्रम संयोजक सुश्री आशा शर्मा तथा कनिष्ठ परामर्शदाता सुश्री रितु दंडरियाल के माध्यम से सत्र संचालित कर रहा है। विकल्प B का कार्यक्षेत्र बाल विकास और महिलाओं से जुड़ा है, इस प्रकार के वृद्धजन देखभाल प्रशिक्षण से नहीं। विकल्प C मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका विज्ञान का संस्थान है तथा विकल्प D शैक्षिक योजना पर काम करता है, अत: दोनों का इस कार्यक्रम से संबंध नहीं है। अभ्यर्थी यह जोड़कर याद रखें कि वृद्धजनों का कल्याण सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत आता है और एनआईएसडी उसका प्रशिक्षण संस्थान है।

पूरा लेख पढ़ें: दीव में एनआईएसडी का पांच दिवसीय वृद्धजन देखभाल प्रशिक्षण

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Q1.राष्ट्रीयआसान

पांच दिवसीय वृद्धजन देखभाल प्रशिक्षण कार्यक्रम किस केंद्र शासित प्रदेश में शुरू किया गया?

  1. A.लक्षद्वीप
  2. B.पुडुचेरी
  3. C.दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव
  4. D.लद्दाख
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव

व्याख्या

सही उत्तर दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव है। कार्यक्रम दीव के केवड़ी स्थित एजुकेशन हब में शुरू हुआ, जो इसी केंद्र शासित प्रदेश का हिस्सा है, और उद्घाटन सत्र में दीव के कलेक्टर श्री राहुल देव बूरा ने अतिथियों तथा प्रतिभागियों का स्वागत किया। विकल्प A, B और D में अन्य केंद्र शासित प्रदेशों के नाम हैं, जिनकी इस कार्यक्रम में कोई भूमिका नहीं है; वे केवल इसलिए संभव लगते हैं कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विभिन्न केंद्र शासित प्रदेशों में होते रहते हैं। यह प्रशिक्षण विशेष रूप से दीव जिले के वरिष्ठ नागरिकों की परिस्थितियों के अनुसार बनाया गया है, जिसमें अकेले रहने वाले बुजुर्ग, दैनिक कार्यों में सहायता चाहने वाले तथा सीमित पारिवारिक सहारे वाले वृद्धजन शामिल हैं, और इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सहायता तंत्र को मजबूत करना है।

Q2.राष्ट्रीयमध्यम

केंद्रीय सचिव ने कार्यक्रम के प्रतिभागियों को कौन-सी शपथ दिलाई?

  1. A.स्वच्छता शपथ
  2. B.वरिष्ठ नागरिक कल्याण शपथ
  3. C.डिजिटल इंडिया शपथ
  4. D.फिट इंडिया शपथ
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. वरिष्ठ नागरिक कल्याण शपथ

व्याख्या

सही उत्तर वरिष्ठ नागरिक कल्याण शपथ है, जो सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के सचिव श्री सुधांश पंत ने उद्घाटन सत्र के बाद प्रशिक्षणार्थियों को दिलाई। शेष तीन शपथ भिन्न अभियानों से जुड़ी हैं और इस कार्यक्रम में नहीं ली गईं, फिर भी वे परिचित होने के कारण भ्रम पैदा करती हैं। शपथ के साथ आयोजन की अन्य बातें भी याद रखने योग्य हैं - संयुक्त सचिव डॉ. संदीप आर. राठौड़ और श्री सजीश कुमार एन. तथा राष्ट्रीय सामाजिक रक्षा संस्थान के निदेशक श्री गौरव सिंह राजावत उपस्थित रहे, और प्रशिक्षण से दीव जिले में लगभग 50 प्रशिक्षित तथा संवेदनशील आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं अग्रिम पंक्ति के कर्मी तैयार होंगे, जो देखभाल की आवश्यकता समय रहते पहचानकर रेफरल सहायता दिला सकें।

Q3.राष्ट्रीयकठिन

33 वर्षों में एनएचआरसी ने मानवाधिकार उल्लंघन के पीड़ितों के लिए कितनी आर्थिक राहत की सिफारिश की है?

  1. A.174 करोड़ रुपये से अधिक
  2. B.274 करोड़ रुपये से अधिक
  3. C.374 करोड़ रुपये से अधिक
  4. D.474 करोड़ रुपये से अधिक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 274 करोड़ रुपये से अधिक

व्याख्या

सही उत्तर 274 करोड़ रुपये से अधिक है, जिसकी सिफारिश स्थापना के बाद के 33 वर्षों में 9,085 मामलों में की गई। शेष तीन आंकड़े इतने निकट हैं कि भ्रम पैदा करते हैं, परंतु वे दर्ज राशि से मेल नहीं खाते। इस अंक को पूरे लेखे के साथ याद रखें, क्योंकि प्रश्न इन सब पर बनते हैं - आयोग ने कुल 24,33,716 मामले देखे हैं, जिनमें 3,100 स्वत: संज्ञान के थे, और विधवाओं तथा अनौपचारिक श्रमिकों के अधिकार से लेकर मृतकों की गरिमा तक के विषयों पर 35 परामर्श जारी किए हैं। पिछले वर्ष, 1 अक्टूबर 2025 से 30 सितंबर 2026 तक, इसने 54,673 शिकायतें दर्ज कीं, 80 स्थल जांच कीं, 53,733 मामले निपटाए और 157 मामलों में राहत की सिफारिश की।

Q4.राष्ट्रीयमध्यम

एनएचआरसी स्थापना दिवस के साथ होने वाले राष्ट्रीय सम्मेलन का विषय क्या है?

  1. A.'जल ही जीवन का अमृत: जल के अधिकार के माध्यम से मानव गरिमा को आगे बढ़ाना'
  2. B.'जेल बंदियों के मानवाधिकार'
  3. C.'रोजमर्रा की आवश्यकताएं: सभी के लिए सार्वजनिक सेवाएं और गरिमा'
  4. D.'भिक्षावृत्ति पर पुनर्विचार: नीति, व्यवहार और गरिमा के बीच की दूरी'
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 'जल ही जीवन का अमृत: जल के अधिकार के माध्यम से मानव गरिमा को आगे बढ़ाना'

व्याख्या

सही उत्तर जल ही जीवन का अमृत: जल के अधिकार के माध्यम से मानव गरिमा को आगे बढ़ाना है। यह सम्मेलन मुख्य समारोह के बाद होगा और इसके दो तकनीकी सत्र हैं - एक जलस्रोतों की सुरक्षा तथा पुनर्बहाली पर और दूसरा पेयजल स्रोतों के संरक्षण पर, जिससे सभी को सुरक्षित और टिकाऊ जल मिले। विकल्प B और C पिछले वर्ष आयोग द्वारा आयोजित दो राष्ट्रीय सम्मेलनों के विषय हैं, इसलिए वे वास्तविक हैं परंतु पुराने आयोजनों के हैं। विकल्प D उसकी एक खुली चर्चा का विषय था, वह भी पिछले वर्ष का। वर्तमान विषय को आयोग के पुराने सम्मेलनों से अलग पहचानना ही ऐसे प्रश्न की कुंजी है, अत: जल के अधिकार को 33वें स्थापना दिवस से जोड़कर याद रखें।

Q5.राष्ट्रीयमध्यम

एनएचआरसी के 33वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि कौन होंगे?

  1. A.भारत के राष्ट्रपति
  2. B.भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्य कांत
  3. C.आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमण्यन
  4. D.केंद्रीय गृह मंत्री
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्य कांत

व्याख्या

सही उत्तर भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्य कांत है, जो मुख्य अतिथि के रूप में समारोह को संबोधित करेंगे। विकल्प C में आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमण्यन का नाम है, जो सदस्यों न्यायमूर्ति (डॉ.) बिद्युत रंजन सारंगी, श्रीमती विजया भारती सयानी और श्री प्रियांक कानूनगो तथा महासचिव श्री पीयूष गोयल के साथ उपस्थित रहेंगे, परंतु समारोह का आयोजक मुख्य अतिथि नहीं होता। विकल्प A और D में जिन पदों का उल्लेख है, उनका इस कार्यक्रम में कोई नाम नहीं है, फिर भी वे वरिष्ठ पद होने के कारण संभव लगते हैं। अभ्यर्थी इस आयोजन के साथ तीन नाम जोड़कर रखें - मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति सूर्य कांत, अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमण्यन और महासचिव श्री पीयूष गोयल। यह समारोह विज्ञान भवन, नई दिल्ली में होगा और इसके बाद जल के अधिकार पर राष्ट्रीय सम्मेलन रखा गया है, जिसमें विशेषज्ञ, शिक्षाविद और मानवाधिकार रक्षक भाग लेंगे।