दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप का कोई चरण लागू करने का निर्णय कौन-सी संस्था लेती है?
- A.केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
- B.ग्रैप पर सीएक्यूएम उप-समिति
- C.भारत मौसम विज्ञान विभाग
- D.दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर ग्रैप पर सीएक्यूएम उप-समिति है। उप-समिति 21 अक्टूबर 2026 को बैठी, उसने दिल्ली और क्षेत्र की वायु गुणवत्ता तथा सामने रखे गए पूर्वानुमानों की समीक्षा की और योजना का चरण-1 तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्णय लिया। विकल्प ए यानी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड वह संस्था है जो दैनिक एक्यूआई बुलेटिन प्रकाशित करती है और जिससे 244 तथा 245 के आँकड़े लिए गए, इसलिए वह आँकड़े देती है, चरण लागू नहीं करती। विकल्प सी यानी भारत मौसम विज्ञान विभाग मौसम संबंधी पूर्वानुमान देता है, जो निर्णय का आधार होता है, निर्णय नहीं। विकल्प डी यानी दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति राज्य स्तरीय संस्था है, जिसकी एजेंसियाँ जमीन पर उपाय लागू करती हैं। मापने वाली, पूर्वानुमान देने वाली, निर्णय लेने वाली और क्रियान्वयन करने वाली संस्थाओं को अलग-अलग याद रखना ऐसे प्रश्नों का सबसे पक्का उत्तर देता है।
पूरा लेख पढ़ें: दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप का चरण-1 लागू, एक्यूआई 245 पर
अभ्यास प्रश्न
श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना का चरण-1 दिल्ली की वायु गुणवत्ता किस श्रेणी में आने पर लागू किया जाता है?
- A.मध्यम, एक्यूआई 101 से 200
- B.खराब, एक्यूआई 201 से 300
- C.बहुत खराब, एक्यूआई 301 से 400
- D.गंभीर, एक्यूआई 400 से अधिक
उत्तर देखें
ग्रैप का चरण-1 खराब हवा के लिए नियत चरण है, और इसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में तब लागू किया गया जब दिल्ली का दैनिक औसत सूचकांक दोपहर 2 बजे 244 और शाम 4 बजे 245 दर्ज हुआ, जो दोनों इसी दायरे में आते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →21 अक्टूबर 2026 को एनसीआर में ग्रैप चरण-1 लागू करते समय कितने कार्य बिंदु प्रभावी किए गए?
- A.11
- B.16
- C.25
- D.32
उत्तर देखें
ग्रैप पर उप-समिति ने तत्कालीन प्रभावी योजना के चरण-1 के अंतर्गत सूचीबद्ध सभी कार्य बिंदु लागू करने का निर्णय लिया और वह सूची पच्चीस बिंदुओं की है, जो पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में तत्काल प्रभाव से लागू हुई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संसाधनों के विनाशकारी उपभोग के बजाय सोच-समझकर उपयोग की अपील करने वाली किस पहल का मंत्री ने उल्लेख किया?
- A.स्वच्छ भारत मिशन
- B.लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट (LiFE)
- C.मिशन अमृत सरोवर
- D.राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम
उत्तर देखें
मंत्री ने इसका उल्लेख ठीक यह बात कहने के लिए किया कि केवल नियमों से सर्कुलर इकोनॉमी नहीं बनती, क्योंकि मांग का पक्ष इस पर टिका है कि व्यक्ति उपभोग कैसे करता है, और LiFE संसाधनों के विनाशकारी उपभोग के स्थान पर सोच-समझकर तथा सचेत उपयोग की अपील करती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (ईपीआर) ढांचे में कितने रीसाइकलर पंजीकृत हैं?
- A.4,880
- B.8,604
- C.48,800
- D.86,043
उत्तर देखें
ईपीआर ढांचे में पंजीकृत रीसाइकलरों की संख्या इतनी है, जबकि पंजीकृत उत्पादक इससे कहीं अधिक हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →केंद्रीय पर्यावरण मंत्री के अनुसार भारत की विनियमित अपशिष्ट श्रेणियों में कितने कचरे का प्रसंस्करण हुआ है?
- A.299.60 लाख मीट्रिक टन
- B.399.60 लाख मीट्रिक टन
- C.499.60 लाख मीट्रिक टन
- D.599.60 लाख मीट्रिक टन
उत्तर देखें
अपने-अपने नियमों वाली अपशिष्ट श्रेणियों में अब तक इतने कचरे का प्रसंस्करण हुआ है, और मंत्री ने इसे इस बात के प्रमाण के रूप में रखा कि नीतिगत इरादे मापी जा सकने वाली कार्रवाई में बदल रहे हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →