डीडब्ल्यूबीडीएनसी के शासी निकाय के नवनियुक्त सदस्यों को पद की शपथ किसने दिलाई?
- A.केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री
- B.श्री सुधांश पंत, सचिव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
- C.राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष
- D.मंत्रिमंडल सचिव
सही उत्तर
B. श्री सुधांश पंत, सचिव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
व्याख्या
सही उत्तर श्री सुधांश पंत, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव हैं, जो बोर्ड के अध्यक्ष पद पर भी हैं और इसी हैसियत से उन्होंने मंत्रालय के कार्यालय में दोनों नए सदस्यों को शपथ दिलाई। विकल्प A गलत है क्योंकि शपथ मंत्रालय के प्रमुख केन्द्रीय मंत्री ने नहीं, बल्कि बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में सचिव ने दिलाई। विकल्प C गलत है क्योंकि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग एक पृथक संवैधानिक निकाय है जिसका अपना अधिदेश है और इस बोर्ड के शासी निकाय के गठन में उसकी कोई भूमिका नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि संघ सरकार के सर्वोच्च सिविल अधिकारी होने के नाते मंत्रिमंडल सचिव इस प्रकार के कल्याण बोर्ड के सदस्यों को शपथ नहीं दिलाते। परीक्षार्थी दोहरी भूमिका याद रखें: मंत्रालय के सचिव ही बोर्ड के अध्यक्ष हैं।
पूरा लेख पढ़ें: डीडब्ल्यूबीडीएनसी शासी निकाय के दो नए सदस्यों ने शपथ ली
अभ्यास प्रश्न
डीडब्ल्यूबीडीएनसी, जिसके शासी निकाय में दो नए सदस्य शामिल हुए, किन समुदायों के लिए कार्य करता है?
- A.वन क्षेत्रों में रहने वाली अनुसूचित जनजातियां
- B.विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदाय
- C.ट्रांसजेंडर व्यक्ति और भिक्षावृत्ति में लगे लोग
- D.सफाई कर्मचारी और हाथ से मैला ढोने वाले
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदाय
व्याख्या
सही उत्तर विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदाय है। बोर्ड का नाम ही विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू समुदायों के विकास एवं कल्याण बोर्ड है, और इसके सदस्यों द्वारा ली गई शपथ में बोर्ड की संदर्भ शर्तों के अनुसार इन समूहों के प्रत्येक व्यक्ति के साथ न्याय करने का संकल्प शामिल है। विकल्प A गलत है क्योंकि वनवासियों सहित अनुसूचित जनजातियों का कल्याण एक पृथक मंत्रालय और पृथक संस्थाएं देखती हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए कल्याणकारी उपाय इसी मंत्रालय के अंतर्गत होने पर भी इस विशेष बोर्ड का अधिदेश नहीं हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि सफाई कर्मचारियों के प्रश्न एक अलग राष्ट्रीय आयोग के माध्यम से देखे जाते हैं। ये समुदाय देश के सर्वाधिक गतिशील समूहों में हैं, इसीलिए इनके लिए अलग बोर्ड बनाया गया।
डीडब्ल्यूबीडीएनसी के शासी निकाय के नवनियुक्त सदस्यों की नियुक्ति कितनी अवधि के लिए की गई है?
- A.कार्यग्रहण की तिथि से दो वर्ष
- B.कार्यग्रहण की तिथि से तीन वर्ष अथवा अगले आदेश तक
- C.कार्यग्रहण की तिथि से पांच वर्ष
- D.65 वर्ष की आयु पूरी होने तक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कार्यग्रहण की तिथि से तीन वर्ष अथवा अगले आदेश तक
व्याख्या
सही उत्तर कार्यग्रहण की तिथि से तीन वर्ष अथवा अगले आदेश तक, जो पहले हो है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने दोनों सदस्यों को बोर्ड के शासी निकाय में इसी शर्त पर नियुक्त किया है। विकल्प A में अवधि कम बताई गई है और विकल्प C में अधिक; नियुक्ति आदेश से दोनों मेल नहीं खाते। विकल्प D में आयु आधारित शर्त जोड़ी गई है, जो भारत में कई न्यायिक तथा आयोग के पदों पर लागू होती है, परंतु इन सदस्यों के पद धारण का आधार वह नहीं है। परीक्षार्थी उन तिथियों पर भी ध्यान दें जिन पर दोनों ने कार्यभार संभाला, जिसमें एक ने सितंबर की सत्रह तारीख और दूसरे ने पच्चीस तारीख को पदभार लिया, जबकि शपथ अगले माह मंत्रालय के कार्यालय में बोर्ड के अध्यक्ष सचिव की उपस्थिति में दिलाई गई।
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को वर्ष 2026 में कौन सा सम्मान प्रदान किया गया?
- A.वायु सेना मेडल
- B.विशिष्ट सेवा मेडल
- C.अति विशिष्ट सेवा मेडल
- D.परम विशिष्ट सेवा मेडल
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. परम विशिष्ट सेवा मेडल
व्याख्या
सही उत्तर परम विशिष्ट सेवा मेडल है, जो उनके चार विशिष्ट सेवा सम्मानों में सर्वोच्च है और उनकी अनुकरणीय सेवा के सम्मान में वर्ष 2026 में प्रदान किया गया। विकल्प A गलत है क्योंकि वायु सेना मेडल उन्हें अपने सेवाकाल में बहुत पहले, वर्ष 2006 में मिला था। विकल्प B गलत है क्योंकि विशिष्ट सेवा मेडल वर्ष 2011 में प्रदान किया गया था। विकल्प C गलत है क्योंकि अति विशिष्ट सेवा मेडल, जो परम विशिष्ट सेवा मेडल से एक स्तर नीचे आता है, उन्हें वर्ष 2023 में मिला था। अभ्यर्थियों को इन सेवा सम्मानों का क्रम याद रखना चाहिए, क्योंकि प्रश्नपत्रों में अक्सर यह पूछा जाता है कि किसी अधिकारी को सबसे हाल में कौन सा सम्मान मिला। साथ ही यह भी याद रखें कि यही अधिकारी लगभग चार दशक के सेवाकाल में ऑपरेशन सटेड सागर, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों तथा अभ्यासों में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं।
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित भारतीय वायुसेना के कौन से वायुसेना प्रमुख नियुक्त किए गए हैं?
- A.27वें
- B.28वें
- C.29वें
- D.30वें
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 29वें
व्याख्या
सही उत्तर 29वें है। सरकार ने एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित, पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएम, वीएसएम को भारतीय वायुसेना की कमान संभालने वाला उनतीसवां अधिकारी नियुक्त किया है और वे एयर चीफ मार्शल के पद पर 31 अक्टूबर 2026 को कार्यभार ग्रहण करेंगे। विकल्प A और B गलत हैं क्योंकि ये वायुसेना प्रमुखों की श्रृंखला में पहले की क्रम संख्याएं हैं, जबकि निवर्तमान प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह उसी तिथि को सेवानिवृत्त हो रहे हैं और एयर मार्शल दीक्षित सीधे उनके बाद पदभार संभालेंगे। विकल्प D गलत है क्योंकि यह क्रम संख्या इस नियुक्ति के बाद आने वाले प्रमुख की होगी। परीक्षा में नाम, क्रम संख्या और एयर चीफ मार्शल के पद का यह मेल ही सबसे अधिक पूछा जाता है, इसलिए इसे एक साथ याद रखें।
अगला वायुसेना प्रमुख नामित किए जाने के समय एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित किस पद पर कार्यरत थे?
- A.वायुसेना उपप्रमुख
- B.एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, सेंट्रल एयर कमांड
- C.चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ टू द चेयरमैन, चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी
- D.कमांडेंट, राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. वायुसेना उपप्रमुख
व्याख्या
सही उत्तर वायुसेना उपप्रमुख है। जब सरकार ने उन्हें एयर चीफ मार्शल के पद पर अगला वायुसेना प्रमुख नामित किया, तब वे इसी पद पर कार्यरत थे। विकल्प B और C भ्रमित कर सकते हैं क्योंकि ये दोनों पद उन्होंने वास्तव में संभाले हैं, परंतु ये उनके सेवाकाल में पहले आए थे। वे सेंट्रल एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रहे और मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ में चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ टू द चेयरमैन, चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी भी रहे, इसके बाद ही वे वायुसेना उपप्रमुख बने। विकल्प D गलत है क्योंकि राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज उनके रिकॉर्ड में एक प्रशिक्षण संस्थान के रूप में आता है, जहां से वे पूर्व छात्र रहे हैं, किसी कमान के रूप में नहीं।