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GK24
विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

चौथी अखिल एसएंडटी क्लस्टर बैठक में देश के कितने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्लस्टर शामिल हुए?

  1. A.पांच
  2. B.छह
  3. C.आठ
  4. D.ग्यारह

सही उत्तर

C. आठ

व्याख्या

सही उत्तर है आठ। बैठक में देश के आठों विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्लस्टरों के प्रतिनिधि शामिल हुए और दो दिनों में हर क्लस्टर ने अपने काम पर प्रस्तुति दी। ये क्लस्टर हैं पुणे नॉलेज क्लस्टर फाउंडेशन, जोधपुर सिटी नॉलेज एंड इनोवेशन फाउंडेशन, भुवनेश्वर सिटी नॉलेज एंड इनोवेशन क्लस्टर, दिल्ली रिसर्च इंप्लीमेंटेशन एंड इनोवेशन, एएमटीजेड-विजाग क्लस्टर, बेंगलुरु विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्लस्टर, हैदराबाद का रिसर्च एंड इनोवेशन सर्कल और मेजबान पीआई-राही। विकल्प A तथा B में संख्या कम बताई गई है और विकल्प D में अधिक, इसलिए तीनों गलत हैं। ये क्लस्टर क्षेत्रीय नवाचार तंत्र के रूप में बने हैं, जो शिक्षा जगत, शोध संस्थान, उद्योग, स्टार्टअप और सरकार को एक मंच पर लाते हैं, और अध्यक्ष ने इन्हें राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी त्वरक कहा। अतः केवल विकल्प C सही है।

पूरा लेख पढ़ें: चौथी अखिल विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्लस्टर बैठक चंडीगढ़ में

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Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

चंडीगढ़ में हुई चौथी अखिल विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्लस्टर बैठक की अध्यक्षता किसने की?

  1. A.केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री
  2. B.भारत सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार
  3. C.आईआईटी रोपड़ के निदेशक
  4. D.पंजाब विश्वविद्यालय की कुलपति
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भारत सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार

व्याख्या

सही उत्तर है भारत सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार। इस पद पर रहने वाले प्रो. अजय कुमार सूद ने 9 और 10 अक्टूबर 2026 को पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में हुई इस बैठक की अध्यक्षता की। पूरा क्लस्टर कार्यक्रम भी प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय ही चलाता है। उनके साथ वैज्ञानिक सचिव डॉ. परविंदर मैनी और उसी कार्यालय के वैज्ञानिक-एफ डॉ. विशाल चौधरी मौजूद रहे। विकल्प A गलत है, क्योंकि केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री को इस बैठक के अध्यक्ष के रूप में नहीं बताया गया। विकल्प C गलत है, क्योंकि आईआईटी रोपड़ के निदेशक बैठक में प्रतिभागी के रूप में शामिल हुए, अध्यक्ष के रूप में नहीं; यही बात आईआईटी जोधपुर के निदेशक पर भी लागू होती है। विकल्प D भी इसी कारण गलत है, क्योंकि पंजाब विश्वविद्यालय की कुलपति मेजबान परिसर की प्रमुख होने के नाते शामिल हुईं। इसलिए केवल विकल्प B सही है।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

एसएंडटी क्लस्टर कार्यक्रम की कल्पना 2020 में किसकी सिफारिश पर की गई थी?

  1. A.नीति आयोग
  2. B.प्रधानमंत्री विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सलाहकार परिषद
  3. C.विश्वविद्यालय अनुदान आयोग
  4. D.वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. प्रधानमंत्री विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सलाहकार परिषद

व्याख्या

सही उत्तर है प्रधानमंत्री विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सलाहकार परिषद, जिसे संक्षेप में पीएम-एसटीआईएसी कहा जाता है। प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय के इस क्लस्टर कार्यक्रम की कल्पना 2020 में इसी परिषद की सिफारिश के बाद की गई थी। यह कार्यक्रम शिक्षा जगत, शोध संस्थानों, उद्योग, स्टार्टअप और सरकार को साथ लाकर विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा नवाचार के जरिये क्षेत्रीय चुनौतियों का हल खोजता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि सरकार के नीति थिंक टैंक नीति आयोग को इस सिफारिश का श्रेय नहीं दिया गया। विकल्प C गलत है, क्योंकि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग उच्च शिक्षा के मानकों और अनुदान से जुड़ा है, इस तरह के नवाचार क्लस्टरों से नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद अपनी राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं की श्रृंखला चलाती है और वह यह सिफारिश करने वाली संस्था नहीं है। इसलिए केवल विकल्प B सही है।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

मंत्री ने रणनीतिक आत्मनिर्भरता के राष्ट्रीय लक्ष्य किस वर्ष के लिए बताए?

  1. A.2030
  2. B.2035
  3. C.2040
  4. D.2047
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 2047

व्याख्या

सही उत्तर 2047 है। मंत्री ने उद्योग जगत से कहा कि वह नवाचार की रफ्तार बढ़ाए और तकनीकी क्षमता का विस्तार करे, जिससे भारत 2047 के राष्ट्रीय लक्ष्यों तक पहुँच सके और रणनीतिक आत्मनिर्भरता मज़बूत हो। यह वर्ष देश की आज़ादी के सौ साल का प्रतीक है। विकल्प A यानी 2030 इस संदर्भ में गलत है, क्योंकि उसी भाषण में वह वर्ष जैव-अर्थव्यवस्था के 300 अरब डॉलर के लक्ष्य से जुड़ा है और दोनों को मिला देना यहाँ सबसे आम गलती है। विकल्प B और C में दिए वर्ष इस संबोधन में नहीं आते। मंत्री ने 2047 के लक्ष्य को व्यावहारिक शर्तों से भी जोड़ा: स्वदेशी तकनीक, भरोसेमंद ऊर्जा आपूर्ति, आरडीआई पहल के तहत शोध में निजी भागीदारी और सरकार, उद्योग, शिक्षा जगत तथा स्टार्टअप के बीच साझेदारी।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह बातें किस उद्योग संगठन के वार्षिक सत्र में कहीं?

  1. A.फिक्की
  2. B.पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री
  3. C.सीआईआई
  4. D.एसोचैम
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री

व्याख्या

सही उत्तर पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री है। मंत्री ने नई दिल्ली में पीएचडीसीसीआई के 121वें वार्षिक सत्र को संबोधित किया, जिसमें उद्योग जगत के अग्रणी लोग, उद्यमी और अन्य हितधारक भारत की वृद्धि और नवाचार की प्राथमिकताओं पर चर्चा के लिए जुटे थे। उन्होंने कहा कि ऐसे संगठन शोधकर्ताओं और कारोबार के बीच पुल का काम कर सकते हैं, निवेश जुटा सकते हैं और किसी नवाचार को प्रयोगशाला से प्रोटोटाइप और फिर बाज़ार के लिए तैयार उत्पाद तक पहुँचाने में मदद कर सकते हैं। विकल्प A, C और D में फिक्की, सीआईआई और एसोचैम के नाम हैं, जो भारत के बड़े उद्योग संगठन हैं, लेकिन यह संबोधन पीएचडीसीसीआई के सत्र में हुआ और 121वाँ संस्करण इसी संगठन का है। नाम के साथ संस्करण संख्या भी याद रखें।

Q5.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

2030 तक भारत की जैव-अर्थव्यवस्था के लिए कितना लक्ष्य रखा गया है?

  1. A.150 अरब डॉलर
  2. B.196 अरब डॉलर
  3. C.300 अरब डॉलर
  4. D.500 अरब डॉलर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 300 अरब डॉलर

व्याख्या

सही उत्तर 300 अरब डॉलर है। भारत की जैव-अर्थव्यवस्था 2014 के करीब 10 अरब डॉलर से बढ़कर लगभग 196 अरब डॉलर पर पहुँच गई है और 195 अरब डॉलर का आंकड़ा पार कर चुकी है, जबकि घोषित लक्ष्य 2030 तक इसे 300 अरब डॉलर तक ले जाना है। विकल्प B यानी 196 अरब डॉलर मौजूदा आकार है, लक्ष्य नहीं, इसलिए यही सबसे आकर्षक गलत उत्तर है, क्योंकि जो उम्मीदवार केवल एक आंकड़ा याद रखता है वह आम तौर पर अभी पढ़ा हुआ आंकड़ा चुन लेता है। विकल्प A मौजूदा आकार से भी कम है, इसलिए वह आगे का लक्ष्य नहीं हो सकता। विकल्प D में दिया गोल आंकड़ा इस दशक के लिए तय नहीं हुआ है। मंत्री ने इस वृद्धि को जैव प्रौद्योगिकी स्टार्टअप के विस्तार से जोड़ा।