चट्टानों की संरचना के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. संगुटिकाश्म (कांग्लोमरेट) खंडज अवसादी चट्टानें हैं। 2. स्लेट एक अखंडज अवसादी चट्टान है। 3. ग्रेनाइट एक पातालीय आग्नेय चट्टान है। 4. बेसाल्ट एक बहिर्वेधी आग्नेय चट्टान है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A.केवल 1, 2 और 3
- B.केवल 3 और 4
- C.केवल 1 और 2
- D.केवल 1, 3 और 4
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, केवल 1, 3 और 4। कथन 2 गलत है, क्योंकि स्लेट कायांतरित चट्टान है, जो शेल पर दाब और ताप पड़ने से बनती है; यह अवसादी चट्टान नहीं है।
चट्टानें तीन वर्गों में बंटती हैं। अवसादी चट्टानें तलछट की परतों से बनती हैं; खंडज अवसादी चट्टानें टूटे टुकड़ों से बनती हैं, जैसे संगुटिकाश्म (गोल कंकड़ जो आपस में जुड़ गए), बलुआ पत्थर और शेल। आग्नेय चट्टानें ठंडे हुए मैग्मा से बनती हैं: ग्रेनाइट जैसी पातालीय या अंतर्वेधी चट्टानें गहराई में धीरे ठंडी होती हैं और इनके क्रिस्टल बड़े होते हैं, जबकि बेसाल्ट जैसी बहिर्वेधी या ज्वालामुखीय चट्टानें सतह पर जल्दी ठंडी होती हैं और महीन कणों वाली होती हैं। दक्कन ट्रैप बेसाल्ट से बना है। कायांतरित चट्टानें पुरानी चट्टानों पर ताप और दाब से बनती हैं: शेल से स्लेट, चूना पत्थर से संगमरमर और बलुआ पत्थर से क्वार्ट्ज़ाइट।
बाकी विकल्प गलत क्यों हैं: A और C दोनों में कथन 2 है, जो गलत है। B में कथन 1 छूट जाता है, जो संगुटिकाश्म को सही ढंग से खंडज अवसादी चट्टान बताता है।
परीक्षा टिप: शेल से स्लेट, चूना पत्थर से संगमरमर, बलुआ पत्थर से क्वार्ट्ज़ाइट, ग्रेनाइट से नीस; ग्रेनाइट अंतर्वेधी, बेसाल्ट बहिर्वेधी।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन-सी नदी पहले "वितस्ता" के नाम से जानी जाती थी?
- A.तीस्ता
- B.झेलम
- C.तुंगभद्रा
- D.भरतपुझा
उत्तर देखें
ऋग्वेद और बाद के संस्कृत ग्रंथों में झेलम को वितस्ता कहा गया है। पंजाब क्षेत्र की नदियों के वैदिक नाम थे: झेलम के लिए वितस्ता, चिनाब के लिए असिक्नी, रावी के लिए परुष्णी, ब्यास के लिए विपाशा और सतलुज के लिए शुतुद्री।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी नदी पश्चिम की ओर बहने वाली नहीं है?
- A.पेरियार
- B.भरतपुझा
- C.पंबा
- D.ताम्रपर्णी
उत्तर देखें
ताम्रपर्णी पश्चिमी घाट की अगस्त्यमलै पहाड़ियों से निकलकर तमिलनाडु के तिरुनेलवेली और तूतुकुडी ज़िलों से पूर्व की ओर बहती हुई मन्नार की खाड़ी में गिरती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. उत्तरी ध्रुव और दक्षिणी ध्रुव पर देशांतर रेखाओं के बीच की दूरी शून्य हो जाती है। 2. देशांतर रेखाओं के बीच की दूरी भूमध्य रेखा पर अधिकतम होती है। 3. देशांतर रेखाओं की संख्या अक्षांश रेखाओं की संख्या से अधिक है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.केवल 1 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
तीनों कथन सही हैं। देशांतर रेखाएँ (याम्योत्तर) उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव तक जाने वाले अर्धवृत्त हैं, इसलिए भूमध्य रेखा पर वे सबसे दूर होती हैं, लगभग 111 किमी प्रति अंश, और ध्रुवों की ओर पास आते-आते वहाँ मिल जाती हैं, जहाँ दूरी शून्य हो जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी ठंडी महासागरीय धारा/धाराएँ है/हैं? 1. अलास्का धारा 2. उत्तर अटलांटिक प्रवाह 3. पछुआ पवन प्रवाह नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए:
- A.केवल 1
- B.1 और 2
- C.2 और 3
- D.केवल 3
उत्तर देखें
तीनों में केवल पछुआ पवन प्रवाह ठंडी धारा है; अलास्का धारा और उत्तर अटलांटिक प्रवाह गर्म धाराएँ हैं। पछुआ पवन प्रवाह, जिसे अंटार्कटिक परिध्रुवीय धारा भी कहते हैं, पछुआ पवनों के नीचे अंटार्कटिका के चारों ओर पूर्व दिशा में बहता है और उप-अंटार्कटिक ठंडा जल लाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वे क्षेत्र जहाँ वर्षा 250 सेमी से अधिक होती है 2. वार्षिक तापमान 25°C - 27°C 3. औसत आर्द्रता 75% से अधिक 4. वृक्ष अपनी पत्तियाँ नहीं गिराते उपर्युक्त विशेषताएँ निम्नलिखित में से किस प्रकार की वनस्पति को दर्शाती हैं?
- A.उष्णकटिबंधीय आर्द्र सदाबहार
- B.उष्णकटिबंधीय अर्ध-सदाबहार
- C.उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती
- D.उष्णकटिबंधीय शुष्क सदाबहार
उत्तर देखें
बहुत भारी वर्षा, ऊँचा और स्थिर तापमान, 75 प्रतिशत से अधिक आर्द्रता और साल भर हरे रहने वाले वृक्ष उष्णकटिबंधीय आर्द्र सदाबहार वनों की पहचान हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →