ब्लैकस्टोन के अध्यक्ष एवं मुख्य परिचालन अधिकारी के रूप में श्री पीयूष गोयल किससे मिले?
- A.श्री प्रकाश मेलवानी
- B.श्री जोनाथन ग्रे
- C.श्री विलियम ई. फोर्ड
- D.श्री जॉर्ज वॉकर
सही उत्तर
B. श्री जोनाथन ग्रे
व्याख्या
सही उत्तर श्री जोनाथन ग्रे हैं, जिन्हें ब्लैकस्टोन के अध्यक्ष एवं मुख्य परिचालन अधिकारी बताया गया है। मंत्री ने उनसे तथा श्री प्रकाश मेलवानी से मुलाकात की और चर्चा भारत के प्रमुख क्षेत्रों में ब्लैकस्टोन के निवेश एवं साझेदारी के विस्तार पर रही। विकल्प A में श्री प्रकाश मेलवानी का नाम है, जो बैठक में मौजूद थे, पर उनकी भूमिका अलग थी - वे ब्लैकस्टोन के इंटरनेशनल प्राइवेट इक्विटी व्यवसाय के अध्यक्ष हैं, इसलिए वे मुख्य परिचालन अधिकारी नहीं हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि श्री विलियम ई. फोर्ड जनरल अटलांटिक के चेयरमैन एवं सीईओ हैं, जिनके साथ अलग बैठक उस कंपनी के भारत में निवेश और कारोबार पर हुई। विकल्प D गलत है क्योंकि श्री जॉर्ज वॉकर न्यूबर्गर बर्मन के चेयरमैन एवं सीईओ हैं, जिनकी बैठक वित्तीय एवं धन प्रबंधन सेवाओं पर थी।
पूरा लेख पढ़ें: पीयूष गोयल ने न्यूयॉर्क में अमेरिकी कंपनियों से बैठकें कीं
अभ्यास प्रश्न
न्यूयॉर्क में अमेरिका की अग्रणी कंपनियों के प्रमुखों से मिलकर भारत में निवेश का न्योता देने वाले केंद्रीय मंत्री कौन थे?
- A.वित्त मंत्री
- B.वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल
- C.विदेश मंत्री
- D.इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री
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सही उत्तर: B. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल
व्याख्या
सही उत्तर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार उन्होंने इस सप्ताह न्यूयॉर्क में अमेरिका की अग्रणी कंपनियों के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकें कीं, जिनका उद्देश्य भारत-अमेरिका व्यापार मजबूत करने के अवसरों पर चर्चा करना और शीर्ष अमेरिकी कंपनियों को भारत में निवेश के अवसर देखने के लिए आमंत्रित करना था। विकल्प A गलत है क्योंकि इन बैठकों के विवरण में वित्त मंत्री का कहीं उल्लेख नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि ऐसी यात्राओं का कूटनीतिक पक्ष होने पर भी यह आयोजन कंपनी प्रमुखों के साथ वाणिज्य और उद्योग से जुड़ा कार्यक्रम था, विदेश मंत्रियों की बैठक नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि आईबीएम के साथ एआई, क्लाउड और क्वांटम कंप्यूटिंग की चर्चा होने पर भी बैठकें करने वाले मंत्री वाणिज्य विभाग के थे।
भारत का '2047 तक सभी के लिए बीमा' विजन किस कंपनी के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष के साथ बैठक में चर्चा का संदर्भ बना?
- A.मेटलाइफ
- B.जनरल अटलांटिक
- C.एआईए ग्रुप
- D.न्यूबर्गर बर्मन
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सही उत्तर: C. एआईए ग्रुप
व्याख्या
सही उत्तर एआईए ग्रुप है। मंत्री ने इस समूह के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष श्री मार्क टकर से मुलाकात की और चर्चा भारत में समूह की भागीदारी तथा बीमा एवं वित्तीय सेवा क्षेत्रों के अवसरों पर रही, जिसमें भारत के 2047 तक सभी के लिए बीमा के विजन का स्पष्ट उल्लेख था। विकल्प A निकट भ्रम है, क्योंकि मंत्री ने मेटलाइफ के अध्यक्ष एवं सीईओ श्री मिशेल ए. खलाफ से मुलाकात की और बढ़ते बीमा एवं वित्तीय सेवा क्षेत्र पर बात भी हुई, पर यह विजन विज्ञप्ति में एआईए की बैठक से जुड़ा है। विकल्प B गलत है क्योंकि जनरल अटलांटिक के चेयरमैन एवं सीईओ श्री विलियम ई. फोर्ड के साथ चर्चा उस कंपनी के निवेश और कारोबारी जुड़ाव को गहरा करने पर थी। विकल्प D गलत है क्योंकि न्यूबर्गर बर्मन की बैठक निवेश संबंध और धन प्रबंधन सेवाओं पर केंद्रित रही।
आईबीएम के चेयरमैन एवं सीईओ श्री अरविंद कृष्णा के साथ किन क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई?
- A.कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और क्वांटम कंप्यूटिंग
- B.ब्यूटी एंड पर्सनल केयर विनिर्माण और सोर्सिंग
- C.इंफ्रास्ट्रक्चर में प्राइवेट इक्विटी निवेश
- D.बीमा और धन प्रबंधन सेवाएं
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सही उत्तर: A. कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और क्वांटम कंप्यूटिंग
व्याख्या
सही उत्तर कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और क्वांटम कंप्यूटिंग है। विज्ञप्ति के अनुसार आईबीएम के चेयरमैन एवं सीईओ श्री अरविंद कृष्णा के साथ बैठक में भारत में कंपनी की भागीदारी मजबूत करने तथा इन उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग का विस्तार करने पर चर्चा केंद्रित रही। विकल्प B गलत है क्योंकि विनिर्माण, सोर्सिंग और बढ़ते ब्यूटी एंड पर्सनल केयर बाजार का विषय द एस्टी लॉडर कंपनीज़ के अध्यक्ष एवं सीईओ श्री स्टीफ़न डी ला फ़ेवेरी के साथ बैठक में आया। विकल्प C गलत है क्योंकि प्राइवेट इक्विटी तथा प्रमुख क्षेत्रों में साझेदारी की बात ब्लैकस्टोन के साथ हुई, जिसका प्रतिनिधित्व श्री जोनाथन ग्रे और श्री प्रकाश मेलवानी ने किया। विकल्प D गलत है क्योंकि बीमा एवं वित्तीय सेवाओं पर मेटलाइफ तथा एआईए ग्रुप से चर्चा हुई और धन प्रबंधन सेवाएं न्यूबर्गर बर्मन की बैठक का विषय थीं।
ग्वालियर दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र के लिए बनी विशेष प्रयोजन कंपनी में हिस्सेदारी का बंटवारा क्या है?
- A.केंद्र 51 प्रतिशत, राज्य 49 प्रतिशत
- B.राज्य 51 प्रतिशत, दूरसंचार विभाग 49 प्रतिशत
- C.दोनों की बराबर आधी-आधी
- D.राज्य 74 प्रतिशत, केंद्र 26 प्रतिशत
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सही उत्तर: B. राज्य 51 प्रतिशत, दूरसंचार विभाग 49 प्रतिशत
व्याख्या
सही उत्तर राज्य 51 प्रतिशत, दूरसंचार विभाग 49 प्रतिशत है। इस क्षेत्र को बनाने और चलाने के लिए बनी कंपनी में मध्य प्रदेश सरकार के पास नियंत्रण वाली हिस्सेदारी है और शेष दूरसंचार विभाग के पास, जिससे यह परियोजना केंद्र-राज्य साझेदारी का उदाहरण बनती है, जहां जमीन पर राज्य आगे है और पहले चरण का खर्च केंद्र उठा रहा है। विकल्प A गलत है, क्योंकि उसमें दोनों साझेदारों की जगह आपस में बदल दी गई है। विकल्प C गलत है, क्योंकि बराबर बंटवारे में किसी के पास नियंत्रण नहीं रहता और ऐसी व्यवस्था घोषित नहीं हुई। विकल्प D गलत है, क्योंकि ऐसा कोई अनुपात इस योजना में कहीं नहीं है। इसके साथ यह भी याद रखें कि भूमि राज्य ने नि:शुल्क दी, पहले चरण का पूरा ढांचागत खर्च केंद्र दे रहा है और यह क्षेत्र विशेष आर्थिक क्षेत्र जैसी कार्यप्रणाली वाले प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर बन रहा है।
दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र के पहले चरण के बुनियादी ढांचे के लिए केंद्र कितनी सहायता दे रहा है?
- A.493 करोड़ रुपये
- B.349 करोड़ रुपये
- C.934 करोड़ रुपये
- D.439 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 493 करोड़ रुपये
व्याख्या
सही उत्तर 493 करोड़ रुपये है। भारत सरकार इस क्षेत्र के पहले चरण में ढांचा खड़ा करने का पूरा खर्च उठा रही है और यह राशि अनुदान है, न कि ऋण या साझा योगदान। इसके साथ मध्य प्रदेश सरकार ने लगभग 170 एकड़ भूमि बिना शुल्क सौंपी है तथा एक विशेष प्रयोजन कंपनी बनाई गई है, जिसमें राज्य की हिस्सेदारी बड़ी और दूरसंचार विभाग की छोटी है। विकल्प B, C और D गलत हैं, क्योंकि इनमें उन्हीं अंकों को उलट-पलट कर ऐसी राशि बनाई गई है जिसकी घोषणा कभी हुई ही नहीं। परीक्षा में यही जाल बिछाया जाता है, जहां अभ्यर्थी अंक तो याद रखता है पर उनका क्रम भूल जाता है। इनसे अलग आंकड़े भी ध्यान रखें, जैसे 5,500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव और 18,000 से अधिक रोजगार की संभावना, जो उद्योग से आया धन है, केंद्र से नहीं।