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GK24
अंतरराष्ट्रीयमध्यम

भारत-स्विस अनुसंधान साझेदारी को मजबूत करने के लिए स्विट्जरलैंड ने कितनी राशि निर्धारित की है?

  1. A.25 मिलियन स्विस फ्रैंक
  2. B.45 मिलियन स्विस फ्रैंक
  3. C.90 मिलियन स्विस फ्रैंक
  4. D.150 मिलियन स्विस फ्रैंक

सही उत्तर

B. 45 मिलियन स्विस फ्रैंक

व्याख्या

सही उत्तर 45 मिलियन स्विस फ्रैंक है। राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन ने नई दिल्ली में डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान इस अतिरिक्त आवंटन की घोषणा की और कहा कि संयुक्त अनुसंधान ढांचे को मजबूत करने के लिए भारत से भी इसी प्रकार की प्रतिबद्धता की अपेक्षा है। उन्होंने भारत को तेजी से उभरती वैश्विक अनुसंधान एवं विकास शक्ति भी बताया और कहा कि स्विट्जरलैंड शिक्षा, अनुसंधान तथा नवाचार में उसका पसंदीदा दीर्घकालिक भागीदार बनना चाहता है। विकल्प A, C और D मिलती-जुलती राशियां हैं, जो ठीक आंकड़ा याद होने की जांच करती हैं, और इनमें से कोई भी घोषित राशि नहीं है, इसलिए तीनों गलत हैं। यह राशि उस व्यवस्था के नाम के साथ याद रखनी चाहिए जिसे इससे सहारा मिलेगा - भारत-स्विट्जरलैंड अनुसंधान ढांचा।

पूरा लेख पढ़ें: भारत-स्विट्जरलैंड अनुसंधान ढांचे पर नई दिल्ली में बैठक

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Q1.अंतरराष्ट्रीयआसान

नई दिल्ली में डॉ. जितेंद्र सिंह से मिलने वाले गाइ पार्मेलिन कौन हैं?

  1. A.स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति
  2. B.भारत और भूटान में स्विस राजदूत
  3. C.स्विस राष्ट्रीय विज्ञान फाउंडेशन के अध्यक्ष
  4. D.शिक्षा एवं अनुसंधान के स्विस राज्य सचिव
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति

व्याख्या

सही उत्तर स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति है। गाइ पार्मेलिन ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ द्विपक्षीय बातचीत की, जिसका विषय इस साझेदारी को दीर्घकालिक चरण में ले जाना था। विकल्प B किसी अन्य व्यक्ति की ओर संकेत करता है - माया तिस्साफी भारत और भूटान में स्विट्जरलैंड की राजदूत हैं और बैठक में मौजूद रहीं। विकल्प D भी किसी अन्य का उल्लेख है, डॉ. मार्टिना हिरायामा, जो शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचार की राज्य सचिव हैं। विकल्प C स्विस राष्ट्रीय विज्ञान फाउंडेशन के प्रमुख की ओर इशारा करता है, जो वह वित्तपोषण एजेंसी है जिसने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के साथ आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए। इन चारों पदों को अलग-अलग याद रखना उपयोगी रहता है।

Q2.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

भारत-स्विट्जरलैंड वैज्ञानिक सहयोग की औपचारिक शुरुआत करने वाला अंतर-सरकारी समझौता किस वर्ष हुआ?

  1. A.1998
  2. B.2003
  3. C.2005
  4. D.2011
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 2003

व्याख्या

सही उत्तर 2003 है। भारत और स्विट्जरलैंड के बीच विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहयोग की औपचारिक नींव इसी वर्ष हुए अंतर-सरकारी समझौते से पड़ी और राष्ट्रपति पार्मेलिन ने यह बताते हुए इसका उल्लेख किया कि साझेदारी तब से लगातार बढ़ी है। विकल्प C यानी 2005 बहुत निकट का भ्रम है - उस वर्ष भारत-स्विस संयुक्त अनुसंधान कार्यक्रम शुरू हुआ था, जिसने दोनों देशों के शिक्षकों तथा युवा शोधकर्ताओं को एक मंच पर लाया, पर वह समझौते का वर्ष नहीं है। विकल्प A और D इन दोनों पड़ावों से नहीं जुड़े हैं। परीक्षार्थी यह भी ध्यान रखें कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर भारत-स्विस संयुक्त समिति की अब तक सात बैठकें हुई हैं, जिनमें सबसे हाल की सितंबर 2025 में बर्न में हुई थी।

Q3.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

किस स्विस वित्तपोषण एजेंसी ने भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के साथ आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए?

  1. A.स्विस राष्ट्रीय विज्ञान फाउंडेशन (एसएनएसएफ)
  2. B.ज्यूरिख एप्लाइड साइंसेज विश्वविद्यालय (जेडएचएडब्ल्यू)
  3. C.फाउंडेशन स्विट्जरलैंड इनोवेशन
  4. D.स्विस विकास एवं सहयोग एजेंसी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. स्विस राष्ट्रीय विज्ञान फाउंडेशन (एसएनएसएफ)

व्याख्या

सही उत्तर स्विस राष्ट्रीय विज्ञान फाउंडेशन (एसएनएसएफ) है, जिसने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के साथ आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए। विकल्प B यानी ज्यूरिख एप्लाइड साइंसेज विश्वविद्यालय ने उसी विभाग के साथ एक भिन्न दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए, यानी कार्यान्वयन समझौता, इसलिए इस प्रश्न में यही सबसे आम भ्रम है। विकल्प C यानी फाउंडेशन स्विट्जरलैंड इनोवेशन का प्रतिनिधित्व बैठक में था, पर उसने आशय पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए। विकल्प D हस्ताक्षर करने वालों में नामित नहीं है। स्विस राष्ट्रीय विज्ञान फाउंडेशन वही एजेंसी है जो पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के साथ पर्वत तथा हिमनद अनुसंधान में और जैव प्रौद्योगिकी विभाग तथा भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के साथ वन हेल्थ में काम कर रही है। हर स्विस संस्था को उसके हस्ताक्षरित दस्तावेज के साथ जोड़कर याद रखें, क्योंकि द्विपक्षीय यात्राओं पर प्रश्न अक्सर इसी अंतर पर टिकते हैं।

Q4.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

153वीं आईपीयू सभा के उद्घाटन समारोह में सभा के शुभारंभ की घोषणा किसने की?

  1. A.तंजानिया की संसद के अध्यक्ष
  2. B.संयुक्त गणराज्य तंजानिया की राष्ट्रपति
  3. C.अंतर-संसदीय संघ के महासचिव
  4. D.ऑस्ट्रेलिया की प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. संयुक्त गणराज्य तंजानिया की राष्ट्रपति

व्याख्या

सही उत्तर संयुक्त गणराज्य तंजानिया की राष्ट्रपति डॉ. सामिया सुलुहू हसन हैं। तंजानिया की संसद ने सभा का औपचारिक उद्घाटन समारोह आयोजित किया, उन्होंने समारोह को संबोधित किया और 153वीं सभा के शुभारंभ की घोषणा की। विकल्प A गलत है और सबसे भ्रमित करने वाला है: तंजानिया की संसद के अध्यक्ष मूसा अज़ान ज़ुंगु कार्यवाही में शामिल थे, परंतु उन गणमान्य व्यक्तियों में, जिनसे भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने द्विपक्षीय भेंट की; शुभारंभ की घोषणा उन्होंने नहीं की। विकल्प C गलत है क्योंकि उद्घाटन के इस विवरण में ऐसी किसी भूमिका का उल्लेख नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि ऑस्ट्रेलिया की प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष मिल्टन डिक भी द्विपक्षीय वार्ता के साथी थे, सभा का शुभारंभ करने वाले नहीं। इन तीनों नामों को अलग-अलग याद रखें।

Q5.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

अंतर-संसदीय संघ की 153वीं सभा किस शहर में हो रही है?

  1. A.नैरोबी, केन्या
  2. B.अरुशा, तंजानिया
  3. C.कंपाला, युगांडा
  4. D.अदिस अबाबा, इथियोपिया
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अरुशा, तंजानिया

व्याख्या

सही उत्तर अरुशा, तंजानिया है। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश के नेतृत्व में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल अरुशा में इस सभा में भाग ले रहा है और संयुक्त गणराज्य तंजानिया की संसद ने वहीं औपचारिक उद्घाटन समारोह आयोजित किया। राष्ट्रपति डॉ. सामिया सुलुहू हसन ने उस समारोह को संबोधित किया और सभा के शुभारंभ की घोषणा की, तथा प्रतिनिधिमंडल ने तंजानिया की संसद के अध्यक्ष मूसा अज़ान ज़ुंगु और तंजानिया सरकार के कई मंत्रियों से भी भेंट की। विकल्प A, C और D पूर्वी अफ्रीका की अन्य राजधानियाँ हैं और इसलिए दिए गए हैं क्योंकि परीक्षार्थी को अक्सर केवल इतना याद रहता है कि सभा पूर्वी अफ्रीका में हुई थी। ध्यान रहे कि मेज़बान शहर तंजानिया की राजधानी नहीं, अरुशा है; देश और शहर दोनों तथा सभा का क्रमांक साथ याद रखना आवश्यक है।