भारत संयुक्त समुद्री बल का पूर्ण सदस्य किस वर्ष बना?
- A.2020
- B.2021
- C.2022
- D.2023
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 2023 है। संयुक्त समुद्री बल के साथ भारत का जुड़ाव दो चरणों में हुआ, पहले वह 2022 में सहयोगी भागीदार के रूप में शामिल हुआ और इसके बाद 2023 में उसने पूर्ण सदस्यता ली। इस प्रश्न में विकल्प 2022 ही सबसे बड़ा जाल है, क्योंकि वह सहयोगी भागीदार बनने का वर्ष है, पूर्ण सदस्यता का नहीं, और जिन उम्मीदवारों को केवल एक तारीख याद रहती है वे अक्सर इसी को चुन लेते हैं। विकल्प 2020 और 2021 केवल पहले के वर्ष हैं और भारत के इस समूह में प्रवेश से उनका कोई लेना-देना नहीं है। यह भी देखें कि पूर्ण सदस्यता के बाद आगे की राह कितनी तेज रही, क्योंकि कुछ ही वर्षों में भारतीय नौसेना ने 11 फरवरी 2026 को सीटीएफ 154 की कमान संभाली और 14 अक्टूबर 2026 को बहरीन के मनामा में सौंप दी।
पूरा लेख पढ़ें: भारतीय नौसेना ने संयुक्त कार्य बल 154 की कमान सौंपी
अभ्यास प्रश्न
भारतीय नौसेना ने संयुक्त कार्य बल 154 की कमान किस शहर में सौंपी?
- A.दोहा
- B.मनामा
- C.मस्कट
- D.जिबूती
उत्तर देखें
जिस समारोह में भारतीय नौसेना ने संयुक्त कार्य बल 154 की कमान सौंपी, वह 14 अक्टूबर 2026 को बहरीन के मनामा में आयोजित हुआ और इसी के साथ वह कार्यकाल पूरा हुआ जिसमें पहली बार भारत ने संयुक्त समुद्री बल के किसी कार्य बल का नेतृत्व किया था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सीटीएफ 154 जिस संयुक्त समुद्री बल साझेदारी के लिए काम करता है, उसमें कितने देश शामिल हैं?
- A.27
- B.37
- C.47
- D.57
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संयुक्त समुद्री बल 47 देशों की साझेदारी है और इसके भीतर सीटीएफ 154 वही एक कार्य बल है जो पूरी तरह प्रशिक्षण के लिए समर्पित है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारतीय नौसेना की कमान के दौरान सीटीएफ 154 की गतिविधियों से लगभग कितने प्रशिक्षण घंटे तैयार हुए?
- A.4,800 से अधिक
- B.5,800 से अधिक
- C.6,800 से अधिक
- D.7,800 से अधिक
उत्तर देखें
भारतीय नौसेना के पूरे कार्यकाल में सीटीएफ 154 की गतिविधियों से 7,800 घंटे से अधिक प्रशिक्षण तैयार हुआ और इसमें 39 देशों के कर्मियों ने हिस्सा लिया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →आसियान-भारत रक्षा थिंक टैंक मंच की स्थापना की घोषणा किस बैठक में की गई थी?
- A.नई दिल्ली में पहली आसियान-भारत रक्षा मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक
- B.वियनतियाने में पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन
- C.कुआलालंपुर में दूसरी आसियान-भारत रक्षा मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक
- D.सिंगापुर में शांगरी-ला संवाद
उत्तर देखें
रक्षा मंत्री ने यह घोषणा वहीं 31 अक्टूबर 2025 को, 12वें एडीएमएम-प्लस के अवसर पर की थी, और नई दिल्ली में हुआ मंच उसी प्रतिबद्धता का क्रियान्वयन है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →वर्ष 2026 को आसियान-भारत के किस प्रकार के सहयोग वर्ष के रूप में घोषित किया गया है?
- A.डिजिटल सहयोग
- B.समुद्री सहयोग
- C.पर्यटन सहयोग
- D.हरित ऊर्जा सहयोग
उत्तर देखें
मंच पर रक्षा मंत्री ने बताया कि इस वर्ष को आसियान-भारत समुद्री सहयोग वर्ष घोषित किया गया है और इसे साझा हित को व्यावहारिक कदमों में बदलने का अवसर माना: समुद्री सूचनाओं का बेहतर आदान-प्रदान, नौसेनाओं एवं तटरक्षक बलों के बीच निकट सहयोग, तथा आपात स्थितियों में मिलकर प्रतिक्रिया देने…
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