मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24
विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

भारत में उच्च तुंगता चिकित्सा और जन स्वास्थ्य शोध का पहला समर्पित केंद्र कौन सी संस्था स्थापित कर रही है?

  1. A.रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन
  2. B.अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान
  3. C.भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद
  4. D.वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद

सही उत्तर

C. भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद

व्याख्या

सही उत्तर भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद है। यह केंद्र स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य शोध विभाग के अधीन आईसीएमआर स्थापित कर रहा है, और घोषणा में इसे उच्च तुंगता चिकित्सा तथा जन स्वास्थ्य शोध के लिए परिषद का पहला समर्पित केंद्र बताया गया है। विकल्प A गलत है, क्योंकि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन रक्षा क्षेत्र की शोध संस्था है और यह केंद्र उसकी ओर से नहीं बन रहा, हालांकि सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाएं सहयोगी संस्थान के रूप में शामिल हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एक चिकित्सा संस्थान है और इस परियोजना का प्रवर्तक नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद किसी अन्य विभाग के अधीन काम करती है। मूल विभाग का नाम भी याद रखें।

पूरा लेख पढ़ें: केलांग में बनेगा आईसीएमआर का पहला उच्च तुंगता चिकित्सा केंद्र

Read in English
Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

आईसीएमआर उच्च तुंगता चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य शोध केंद्र (आईसीएमआर-चैंप) किस स्थान पर स्थापित किया जा रहा है?

  1. A.लेह, लद्दाख
  2. B.केलांग, हिमाचल प्रदेश
  3. C.तवांग, अरुणाचल प्रदेश
  4. D.मुनस्यारी, उत्तराखंड
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केलांग, हिमाचल प्रदेश

व्याख्या

सही उत्तर केलांग, हिमाचल प्रदेश है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार यह केंद्र हिमाचल प्रदेश के लाहौल और स्पीति जिले के केलांग में बनेगा और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री वहीं इसकी आधारशिला रखेंगे। यह जिला इसलिए चुना गया कि वह उच्च तुंगता वाला, जनजातीय और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सीमावर्ती क्षेत्र है, जिससे पर्वतीय आबादी पर लंबे समय तक चलने वाले क्षेत्रीय अध्ययन संभव होंगे। विकल्प A यानी लेह गलत है, क्योंकि ऊंचाई पर होने के बावजूद घोषित केंद्र वहां नहीं है। विकल्प C यानी तवांग भी गलत है और विज्ञप्ति में उसका कोई उल्लेख नहीं है। विकल्प D यानी मुनस्यारी भी गलत है, क्योंकि उत्तराखंड में कोई स्थान नहीं चुना गया है। परीक्षा के लिए इस केंद्र को लाहौल और स्पीति से जोड़कर याद रखें।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

आईसीएमआर-चैंप के शिलान्यास कार्यक्रम में स्थानीय हिमालयी पौधे किस पहल के अंतर्गत लगाए जाएंगे?

  1. A.हरित आईसीएमआर परिसर पहल
  2. B.मिशन लाइफ हिमालय
  3. C.नीलगिरि हरित परिसर मिशन
  4. D.स्वच्छ हिमालय अभियान
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. हरित आईसीएमआर परिसर पहल

व्याख्या

सही उत्तर हरित आईसीएमआर परिसर पहल है। मंत्रालय के अनुसार केलांग में भूमि पूजन, औपचारिक खनन और शिलापट्ट के अनावरण के बाद इसी पहल के अंतर्गत स्थानीय हिमालयी पौधे लगाए जाएंगे, तथा कार्यक्रम में एक वैज्ञानिक प्रदर्शनी का उद्घाटन, केंद्र के संस्थागत वीडियो और वेबसाइट का शुभारंभ, भवन के खाके की प्रस्तुति और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री द्वारा स्मारक डाक विशेष आवरण का विमोचन भी होगा। विकल्प B गलत है, क्योंकि इस नाम का कोई कार्यक्रम विज्ञप्ति में नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि वह किसी दूसरे पर्वतीय क्षेत्र से जुड़ा नाम है और इस योजना में उसका स्थान नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि यहां बात एक शोध केंद्र के परिसर में पौधारोपण की है, किसी स्वच्छता अभियान की नहीं। नामों से जुड़े ऐसे छोटे विवरण परीक्षाओं में प्रिय रहते हैं।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

एसएंडटी क्लस्टर कार्यक्रम की कल्पना 2020 में किसकी सिफारिश पर की गई थी?

  1. A.नीति आयोग
  2. B.प्रधानमंत्री विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सलाहकार परिषद
  3. C.विश्वविद्यालय अनुदान आयोग
  4. D.वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. प्रधानमंत्री विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सलाहकार परिषद

व्याख्या

सही उत्तर है प्रधानमंत्री विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सलाहकार परिषद, जिसे संक्षेप में पीएम-एसटीआईएसी कहा जाता है। प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय के इस क्लस्टर कार्यक्रम की कल्पना 2020 में इसी परिषद की सिफारिश के बाद की गई थी। यह कार्यक्रम शिक्षा जगत, शोध संस्थानों, उद्योग, स्टार्टअप और सरकार को साथ लाकर विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा नवाचार के जरिये क्षेत्रीय चुनौतियों का हल खोजता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि सरकार के नीति थिंक टैंक नीति आयोग को इस सिफारिश का श्रेय नहीं दिया गया। विकल्प C गलत है, क्योंकि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग उच्च शिक्षा के मानकों और अनुदान से जुड़ा है, इस तरह के नवाचार क्लस्टरों से नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद अपनी राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं की श्रृंखला चलाती है और वह यह सिफारिश करने वाली संस्था नहीं है। इसलिए केवल विकल्प B सही है।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

चौथी अखिल एसएंडटी क्लस्टर बैठक में देश के कितने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्लस्टर शामिल हुए?

  1. A.पांच
  2. B.छह
  3. C.आठ
  4. D.ग्यारह
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. आठ

व्याख्या

सही उत्तर है आठ। बैठक में देश के आठों विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्लस्टरों के प्रतिनिधि शामिल हुए और दो दिनों में हर क्लस्टर ने अपने काम पर प्रस्तुति दी। ये क्लस्टर हैं पुणे नॉलेज क्लस्टर फाउंडेशन, जोधपुर सिटी नॉलेज एंड इनोवेशन फाउंडेशन, भुवनेश्वर सिटी नॉलेज एंड इनोवेशन क्लस्टर, दिल्ली रिसर्च इंप्लीमेंटेशन एंड इनोवेशन, एएमटीजेड-विजाग क्लस्टर, बेंगलुरु विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्लस्टर, हैदराबाद का रिसर्च एंड इनोवेशन सर्कल और मेजबान पीआई-राही। विकल्प A तथा B में संख्या कम बताई गई है और विकल्प D में अधिक, इसलिए तीनों गलत हैं। ये क्लस्टर क्षेत्रीय नवाचार तंत्र के रूप में बने हैं, जो शिक्षा जगत, शोध संस्थान, उद्योग, स्टार्टअप और सरकार को एक मंच पर लाते हैं, और अध्यक्ष ने इन्हें राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी त्वरक कहा। अतः केवल विकल्प C सही है।

Q5.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

चंडीगढ़ में हुई चौथी अखिल विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्लस्टर बैठक की अध्यक्षता किसने की?

  1. A.केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री
  2. B.भारत सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार
  3. C.आईआईटी रोपड़ के निदेशक
  4. D.पंजाब विश्वविद्यालय की कुलपति
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भारत सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार

व्याख्या

सही उत्तर है भारत सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार। इस पद पर रहने वाले प्रो. अजय कुमार सूद ने 9 और 10 अक्टूबर 2026 को पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में हुई इस बैठक की अध्यक्षता की। पूरा क्लस्टर कार्यक्रम भी प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय ही चलाता है। उनके साथ वैज्ञानिक सचिव डॉ. परविंदर मैनी और उसी कार्यालय के वैज्ञानिक-एफ डॉ. विशाल चौधरी मौजूद रहे। विकल्प A गलत है, क्योंकि केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री को इस बैठक के अध्यक्ष के रूप में नहीं बताया गया। विकल्प C गलत है, क्योंकि आईआईटी रोपड़ के निदेशक बैठक में प्रतिभागी के रूप में शामिल हुए, अध्यक्ष के रूप में नहीं; यही बात आईआईटी जोधपुर के निदेशक पर भी लागू होती है। विकल्प D भी इसी कारण गलत है, क्योंकि पंजाब विश्वविद्यालय की कुलपति मेजबान परिसर की प्रमुख होने के नाते शामिल हुईं। इसलिए केवल विकल्प B सही है।