भारत में आनुवंशिक रूप से रूपांतरित जीवों को छोड़ने की स्वीकृति कौन-सी संस्था देती है?
- A.भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद
- B.आनुवंशिक अभियांत्रिकी मूल्यांकन समिति
- C.भारतीय खाद्य संरक्षा और मानक प्राधिकरण
- D.केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर B, आनुवंशिक अभियांत्रिकी मूल्यांकन समिति है। यह समिति पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अधीन काम करती है और आनुवंशिक रूप से अभियंत्रित जीवों तथा उत्पादों के बड़े पैमाने पर उपयोग एवं पर्यावरण में छोड़ने के प्रस्तावों का मूल्यांकन करती है, इसलिए उसकी अनुमति के बिना कोई पारजीवी फसल व्यापारिक रूप से नहीं उगाई जा सकती। विकल्प A, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, कृषि अनुसंधान करती है तथा संस्थानों और विश्वविद्यालयों का जाल चलाती है, पर वह छोड़ने की नियामक नहीं है। विकल्प C, भारतीय खाद्य संरक्षा और मानक प्राधिकरण, खाद्य के मानक तय करता है, इसलिए लेबल और सुरक्षा पर उसकी भूमिका है, पर्यावरण में छोड़ने पर नहीं। विकल्प D, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, अपने अधिनियमों के अंतर्गत वायु और जल प्रदूषण देखता है। 1986 में बना जैव प्रौद्योगिकी विभाग इस विषय को बढ़ावा देता है, छोड़ने का नियंत्रण नहीं करता।
पूरा लेख पढ़ें: जैव प्रौद्योगिकी और उसके उपयोग: नोट्स और प्रश्न
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंकौन-सा एंजाइम डीएनए को एक विशिष्ट पहचान अनुक्रम पर काटता है और इसीलिए आण्विक कैंची कहलाता है?
- A.डीएनए लाइगेज
- B.प्रतिबंधन एंडोन्यूक्लिएज
- C.डीएनए पॉलिमरेज
- D.प्रतिलोम ट्रांसक्रिप्टेज
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प्रतिबंधन एंडोन्यूक्लिएज डीएनए में एक छोटे पैलिंड्रोमिक अनुक्रम को पहचानकर दोनों रज्जुकों को वहीं काटता है और चिपचिपे सिरे छोड़ता है, जो उसी एंजाइम से कटे दूसरे टुकड़े से जुड़ सकते हैं; सबसे पहले खोजा गया ऐसा एंजाइम हिंद दो था और एश्चेरिकिया कोलाई से मिला इको आर वन सबसे…
पूरी व्याख्या पढ़ें →पादप कोशिकाओं में जीन पहुँचाने के लिए प्राकृतिक संवाहक के रूप में किस जीवाणु का उपयोग होता है?
- A.एश्चेरिकिया कोलाई
- B.एग्रोबैक्टीरियम ट्यूमिफेसिएंस
- C.बैसिलस थुरिंजिएंसिस
- D.राइजोबियम लेग्यूमिनोसेरम
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यह मृदा जीवाणु अपने ट्यूमर उत्पन्न करने वाले प्लाज्मिड के एक भाग, जिसे टीआई प्लाज्मिड कहते हैं, को द्विबीजपत्री पौधे की कोशिकाओं में स्वयं पहुँचा देता है और क्राउन गॉल रोग करता है; आनुवंशिक अभियंता इस प्लाज्मिड को निरुपद्रवी बनाकर उसमें अभीष्ट जीन डालते हैं और जीवाणु को संवाहक के…
पूरी व्याख्या पढ़ें →बीटी कपास का कीट प्रतिरोधी जीन किस जीव से प्राप्त होता है?
- A.एक विषाणु
- B.एक मृदा जीवाणु
- C.एक कवक
- D.एक शैवाल
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क्राई जीन नामक ये जीन बैसिलस थुरिंजिएंसिस से लिए जाते हैं, जो मृदा का जीवाणु है और बीजाणु अवस्था में प्रोटीन के क्रिस्टल बनाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →गोल्डन राइस किस पदार्थ से समृद्ध की गई आनुवंशिक रूप से रूपांतरित किस्म है?
- A.लोहा
- B.बीटा कैरोटीन
- C.लाइसीन
- D.विटामिन सी
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गोल्डन राइस में ऐसे जीन डाले गए हैं जो दाने में बीटा कैरोटीन बनने देते हैं, यानी वह नारंगी वर्णक जिसे मानव शरीर विटामिन ए में बदलता है, और दाने का यही रंग इस किस्म को नाम देता है; उद्देश्य उन आबादियों में रतौंधी तथा बाल अंधत्व घटाना है जिनका…
पूरी व्याख्या पढ़ें →पॉलिमरेज श्रृंखला अभिक्रिया में कौन-सा तापसह एंजाइम प्रयुक्त होता है?
- A.टैक पॉलिमरेज
- B.डीएनए लाइगेज
- C.इको आर वन
- D.लाइसोजाइम
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पॉलिमरेज श्रृंखला अभिक्रिया तीन चरण दोहराती है - उच्च ताप पर विकृतीकरण, छोटे प्राइमरों का जुड़ना और नए रज्जुक का विस्तार - इसलिए एंजाइम को उबलते जल के निकट ताप सहना पड़ता है; गर्म जलस्रोतों के जीवाणु थर्मस एक्वेटिकस से मिला टैक पॉलिमरेज यही करता है और एक ही डीएनए…
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