भारत की निजी अंतरिक्ष गतिविधि के लिए एकल खिड़की संस्था इन-स्पेस का मुख्यालय कहां है?
- A.बेंगलुरु
- B.अहमदाबाद
- C.हैदराबाद
- D.तिरुवनंतपुरम
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर B, अहमदाबाद है। भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र यानी इन-स्पेस अंतरिक्ष विभाग के अधीन स्वायत्त निकाय है, जिसका मुख्यालय गुजरात के अहमदाबाद में है, उसी नगर में जहां विक्रम साराभाई द्वारा स्थापित भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला से भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम का आरंभ हुआ था। इन-स्पेस निजी कंपनियों की अंतरिक्ष गतिविधियों को अनुमति देता है और उन्हें इसरो की सुविधाओं का उपयोग करने देता है। विकल्प A गलत है क्योंकि बेंगलुरु इसरो, एंट्रिक्स कॉरपोरेशन और न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड का मुख्यालय है, इसलिए वही सबसे आम गलत उत्तर है। विकल्प C गलत है क्योंकि हैदराबाद प्रक्षेपण यान स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस का नगर है। विकल्प D गलत है क्योंकि तिरुवनंतपुरम में विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र है, जहां प्रक्षेपण यान विकसित होते हैं। ध्यान रखें कि इन-स्पेस कोई कंपनी नहीं है, बल्कि अनुमति देने और प्रोत्साहन देने वाला निकाय है, इसलिए परीक्षा में उसका मुख्यालय, उसका पूरा नाम और उसकी भूमिका तीनों अलग-अलग प्रश्नों के रूप में पूछे जाते हैं।
पूरा लेख पढ़ें: भारत का निजी अंतरिक्ष क्षेत्र: इन-स्पेस और एनएसआईएल
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंअंतरिक्ष विभाग की व्यापारिक शाखा न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड की स्थापना किस वर्ष हुई?
- A.1992
- B.2019
- C.2020
- D.2023
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, 2019 है। न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड की स्थापना 2019 में अंतरिक्ष विभाग के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के रूप में हुई और उसका पंजीकृत कार्यालय बेंगलुरु में है। यह मांग आधारित अभियान चलाती है, उपग्रहों का स्वामित्व रखती और उन्हें संचालित करती है, भारतीय उद्योग से प्रक्षेपण यान बनवाती है और इसरो की प्रौद्योगिकी निजी कंपनियों को हस्तांतरित करती है। विकल्प A गलत है क्योंकि 1992 में विभाग की पुरानी व्यापारिक शाखा एंट्रिक्स कॉरपोरेशन बनी थी; प्रश्न में दोनों वर्ष अक्सर साथ रखे जाते हैं यह देखने के लिए कि अभ्यर्थी दोनों कंपनियों में अंतर जानता है या नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि 2020 में अंतरिक्ष क्षेत्र के सुधारों की घोषणा हुई और इन-स्पेस बना। विकल्प D गलत है क्योंकि 2023 में भारतीय अंतरिक्ष नीति स्वीकृत हुई।
किसी भारतीय निजी कंपनी द्वारा निर्मित पहला प्रक्षेपित रॉकेट कौन सा था?
- A.अग्निबाण
- B.विक्रम-एस
- C.एसएसएलवी-डी1
- D.रोहिणी-75
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, विक्रम-एस है। विक्रम-एस को हैदराबाद की स्काईरूट एयरोस्पेस ने बनाया और वह नवंबर 2022 में श्रीहरिकोटा से मिशन प्रारंभ नाम की उप-कक्षीय उड़ान पर गया, जिसका अर्थ आरंभ होता है। यह किसी भारतीय निजी कंपनी द्वारा डिजाइन और निर्मित पहला उड़ने वाला रॉकेट था और उसका नाम विक्रम साराभाई पर रखा गया। विकल्प A गलत है क्योंकि अग्निकुल कॉसमॉस का अग्निबाण बाद में, 2024 में उड़ा, हालांकि उसकी सॉर्टेड उड़ान ने एक ही टुकड़े में मुद्रित इंजन का अपना अलग कीर्तिमान बनाया। विकल्प C गलत है क्योंकि लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान इसरो का अपना रॉकेट है और उसकी पहली विकासात्मक उड़ान 2022 में श्रीहरिकोटा से हुई। विकल्प D गलत है क्योंकि रोहिणी परिज्ञापी रॉकेट इसरो की अपनी श्रृंखला है, जो कार्यक्रम के आरंभिक वर्षों से उड़ती रही है।
नवंबर 2022 में विक्रम-एस की उड़ान को कौन सा मिशन नाम दिया गया था?
- A.प्रारंभ
- B.सॉर्टेड
- C.प्रज्ञान
- D.प्रथमा
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, प्रारंभ है। स्काईरूट एयरोस्पेस ने विक्रम-एस की पहली उड़ान को मिशन प्रारंभ नाम दिया, क्योंकि यह किसी निजी भारतीय रॉकेट की पहली उड़ान थी। यान सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के एक प्रक्षेपण मंच से उप-कक्षीय पथ पर उठा और तीन छोटे ग्राहक नीतभार ले गया। विकल्प B गलत है क्योंकि सॉर्टेड, जिसका पूरा रूप उप-कक्षीय प्रौद्योगिकी प्रदर्शक है, अग्निकुल कॉसमॉस की 2024 की अग्निबाण उड़ान का नाम है, जो दूसरी कंपनी और दूसरा वर्ष है। विकल्प C गलत है क्योंकि प्रज्ञान भारत के चंद्रयान अभियानों में भेजे गए रोवर का नाम है। विकल्प D गलत है क्योंकि प्रथमा किसी भारतीय अंतरिक्ष अभियान का नाम नहीं है और उसे केवल विश्वसनीय लगने वाले विकल्प के रूप में रखा गया है। परीक्षा की दृष्टि से विक्रम-एस और अग्निबाण के नाम, उनकी कंपनियां, उनके नगर और उनके मिशन नाम एक साथ याद रखने चाहिए, क्योंकि प्रश्न इनमें से किसी भी जोड़ी को आपस में बदलकर पूछा जाता है।
2024 में उड़ाया गया अग्निबाण सॉर्टेड किस तकनीकी उपलब्धि के लिए जाना जाता है?
- A.ठोस नोदक का उपयोग करने वाला पहला भारतीय रॉकेट
- B.एक ही टुकड़े में त्रिआयामी मुद्रित अर्ध-क्रायोजेनिक इंजन के साथ पहली उड़ान
- C.कक्षा में पहुंचने वाला पहला भारतीय रॉकेट
- D.वापस उतरने वाला पहला भारतीय पुनः प्रयोज्य बूस्टर
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B है। चेन्नई की अग्निकुल कॉसमॉस द्वारा 2024 में उड़ाए गए अग्निबाण सॉर्टेड में अग्निलेट इंजन लगा था, जो एक ही टुकड़े में मुद्रित अर्ध-क्रायोजेनिक इंजन है, और उसने उस प्रक्षेपण मंच से उड़ान भरी जो कंपनी ने सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में अपने लिए बनाया था। मुद्रित इंजन और निजी प्रक्षेपण मंच दोनों भारत के लिए पहली उपलब्धियां थीं। विकल्प A गलत है क्योंकि ठोस नोदक का उपयोग रोहिणी परिज्ञापी रॉकेटों और एसएलवी-3 से होता आया है; अग्निबाण तो द्रव और गैसीय संयोजन का उपयोग करता है। विकल्प C गलत है क्योंकि सॉर्टेड उप-कक्षीय प्रौद्योगिकी प्रदर्शन था और उसने कक्षा का प्रयास नहीं किया; कक्षा में पहुंचने वाला पहला भारतीय रॉकेट 1980 का एसएलवी-3 था। विकल्प D गलत है क्योंकि अब तक कोई भारतीय बूस्टर पुनः उपयोग के लिए वापस नहीं उतरा है।
अंतरिक्ष विभाग की पहली व्यापारिक शाखा एंट्रिक्स कॉरपोरेशन की स्थापना किस वर्ष हुई?
- A.1969
- B.1972
- C.1992
- D.2003
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, 1992 है। एंट्रिक्स कॉरपोरेशन लिमिटेड की स्थापना 1992 में बेंगलुरु में अंतरिक्ष विभाग के अधीन पूर्ण सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी के रूप में हुई, जिसका काम भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के उत्पादों और सेवाओं का विदेश में विपणन करना था, जिसमें प्रक्षेपण सेवाएं, उपग्रह क्षमता और दूर संवेदन आंकड़े सम्मिलित हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि 1969 में, पंद्रह अगस्त को, इसरो का गठन हुआ था। विकल्प B गलत है क्योंकि 1972 में अंतरिक्ष आयोग और अंतरिक्ष विभाग बने, जिससे कार्यक्रम प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करने वाले विभाग के अधीन आ गया। विकल्प D गलत है क्योंकि 2003 में कोई उल्लेखनीय अंतरिक्ष संस्था नहीं बनी; एंट्रिक्स के बाद अगली व्यापारिक संस्था 2019 में न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड थी, और परीक्षक का जाल इन दोनों कंपनियों तथा उनके वर्षों को मिला देना है।