भारत 2047 तक कितनी परमाणु बिजली क्षमता की दिशा में बढ़ रहा है?
- A.50 गीगावाट
- B.75 गीगावाट
- C.100 गीगावाट
- D.150 गीगावाट
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 100 गीगावाट है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि देश की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को उसके लंबे विकास लक्ष्यों और स्वच्छ ऊर्जा के वादों के साथ मिलाकर देखा जाना चाहिए, और इसी क्रम में उन्होंने यह आंकड़ा बताया जिसे भारत 2047 तक हासिल करना चाहता है। विकल्प A और B यानी 50 गीगावाट तथा 75 गीगावाट गलत हैं, क्योंकि ये कम आंकड़े हैं और इनका कोई जिक्र नहीं हुआ। विकल्प D यानी 150 गीगावाट लक्ष्य से ज्यादा बताता है, इसलिए वह भी गलत है। इस आंकड़े के पीछे का तर्क भी साथ याद रखने लायक है कि परमाणु बिजली ऊर्जा के बाकी स्रोतों की पूरक बनकर लगातार और भरोसेमंद साफ बिजली देगी, रुक-रुक कर नहीं। परीक्षार्थियों को इसे उसी बातचीत की दूसरी तारीख यानी 2070 तक नेट जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य के साथ जोड़कर याद करना चाहिए, क्योंकि प्रश्नपत्र में क्षमता का आंकड़ा और जलवायु का वर्ष आपस में बदलकर पूछे जाते हैं।
पूरा लेख पढ़ें: भारत का लक्ष्य: 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु बिजली क्षमता
अभ्यास प्रश्न
इस बातचीत के अनुसार भारत किस वर्ष तक नेट जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य रखता है?
- A.2037
- B.2047
- C.2060
- D.2070
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केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह बताते हुए कि देश की ऊर्जा योजनाओं में परमाणु बिजली क्यों मायने रखती है, नेट जीरो उत्सर्जन के लिए इसी वर्ष का नाम लिया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मंत्री ने भारत के परमाणु कार्यक्रम के शिल्पकार के रूप में किसे याद किया?
- A.डॉ. विक्रम साराभाई
- B.डॉ. होमी भाभा
- C.डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम
- D.डॉ. राजा रमन्ना
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सही उत्तर डॉ. होमी भाभा है, जिन्हें डॉ. जितेंद्र सिंह ने भारत के परमाणु कार्यक्रम के शिल्पकार के रूप में याद किया और कहा कि उनकी सोच आज भी उस यात्रा को दिशा देती है जो शांतिपूर्ण उपयोग और राष्ट्रीय विकास पर टिकी है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →डॉ. जितेंद्र सिंह ने परमाणु ऊर्जा और एआई पर यह बात किस आयोजन के इतर कही?
- A.विश्व आर्थिक मंच
- B.रायसीना संवाद
- C.ब्लूमबर्ग इकोनॉमी फोरम 2026
- D.इंडिया एनर्जी वीक
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सही उत्तर ब्लूमबर्ग इकोनॉमी फोरम 2026 है, जिसके इतर केंद्रीय मंत्री ने एक विशेष बातचीत में भारत के परमाणु कार्यक्रम के शांतिपूर्ण स्वरूप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ओर बढ़ती अर्थव्यवस्था की बिजली जरूरतों पर बात रखी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →इस साझेदारी के तहत मंत्रालय के संस्थान में शोध करने वाले छात्र को डॉक्टरेट की डिग्री कौन देगा?
- A.मेजबान संस्थान स्वयं
- B.एसीएसआईआर
- C.विश्वविद्यालय अनुदान आयोग
- D.जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय
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अकादमी के पीएचडी कार्यक्रम में चुना गया छात्र भू-विज्ञान मंत्रालय के किसी संस्थान में शोध करता है और उसका मार्गदर्शन वे वैज्ञानिक करते हैं जिन्हें अकादमी के संकाय के रूप में मान्यता मिली है, लेकिन डिग्री अकादमी ही देती है और प्रमाणपत्र पर मेजबान संस्थान का नाम स्पष्ट रूप से…
पूरी व्याख्या पढ़ें →भू-विज्ञान मंत्रालय और एसीएसआईआर के समझौते की औपचारिक घोषणा कहां हुई?
- A.विज्ञान भवन, नई दिल्ली
- B.पृथ्वी भवन, नई दिल्ली
- C.कृषि भवन, नई दिल्ली
- D.शास्त्री भवन, नई दिल्ली
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समझौता ज्ञापन इससे पहले 21 अगस्त 2026 को निष्पादित हो चुका था, इसलिए समारोह में हस्ताक्षर नहीं, बल्कि औपचारिक घोषणा और दस्तावेजों का आदान-प्रदान हुआ।
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