अफ्रो-एशियाई खेलों का अब तक का एकमात्र संस्करण 2003 में भारत के किस नगर में हुआ था?
- A.हैदराबाद
- B.बेंगलुरु
- C.नई दिल्ली
- D.गुवाहाटी
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर A, हैदराबाद है। अफ्रो-एशियाई खेलों की कल्पना अफ्रीका और एशिया के विजेताओं के मिलन के रूप में की गई थी, और पहला संस्करण 2003 में हैदराबाद में हुआ, जिसकी मुख्य स्पर्धाएँ इसी के लिए बने गाचीबावली स्टेडियम परिसर में हुईं। बाद के संस्करणों की घोषणा हुई पर वे कभी न हो सके, इसलिए इस आयोजन के इतिहास में हैदराबाद एकमात्र आयोजक नगर है, और प्रश्न इसी तथ्य पर बना है। विकल्प C, नई दिल्ली, ने 1951 तथा 1982 के एशियाई खेल और 2010 के राष्ट्रमंडल खेल कराए हैं, इसलिए वह सर्वाधिक लुभावना गलत उत्तर है। विकल्प B, बेंगलुरु, और विकल्प D, गुवाहाटी, ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएँ कराई हैं और गुवाहाटी ने 2016 के दक्षिण एशियाई खेल भी, परंतु अफ्रो-एशियाई खेल किसी ने नहीं। भारत के आयोजनों की सूची एक साथ रखें: एशियाई खेल 1951 और 1982, अफ्रो-एशियाई खेल 2003, राष्ट्रमंडल युवा खेल 2008, राष्ट्रमंडल खेल 2010 तथा दक्षिण एशियाई खेल 1987, 1995 और 2016।
पूरा लेख पढ़ें: अन्य बहु-खेल आयोजन: युवा ओलंपिक से विश्वविद्यालय खेल तक
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंपहले ग्रीष्मकालीन युवा ओलंपिक खेल 2010 में किस नगर में हुए थे?
- A.नानजिंग
- B.सिंगापुर
- C.ब्यूनस आयर्स
- D.इंसब्रुक
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, सिंगापुर है। युवा ओलंपिक खेलों का प्रस्ताव अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के तत्कालीन अध्यक्ष जैक्स रोगे ने रखा, 2007 में इन्हें स्वीकृति मिली, और पहला ग्रीष्म संस्करण 2010 में सिंगापुर में पंद्रह से अठारह वर्ष के खिलाड़ियों के लिए हुआ। उस आयोजन में प्रतिस्पर्धाओं के साथ एक संस्कृति और शिक्षा कार्यक्रम भी चला, जो आज भी इसकी पहचान है। विकल्प A, चीन का नानजिंग, 2014 में दूसरा ग्रीष्म संस्करण आयोजित किया और सर्वाधिक चुना जाने वाला भ्रमक विकल्प है। विकल्प C, ब्यूनस आयर्स, ने 2018 में तीसरा ग्रीष्म संस्करण कराया, जो दक्षिण अमेरिका में किसी भी प्रकार का पहला ओलंपिक आयोजन था। विकल्प D, ऑस्ट्रिया का इंसब्रुक, इसलिए अलग है कि उसने 2012 में पहले शीतकालीन युवा ओलंपिक खेल कराए, ग्रीष्म संस्करण नहीं। क्रम याद रखें: ग्रीष्म में सिंगापुर 2010, नानजिंग 2014 और ब्यूनस आयर्स 2018, तथा शीत श्रृंखला का आरंभ इंसब्रुक 2012 से।
युवा ओलंपिक खेलों में किस आयु वर्ग के खिलाड़ी भाग लेते हैं?
- A.12 से 15 वर्ष
- B.15 से 18 वर्ष
- C.18 से 21 वर्ष
- D.23 वर्ष से कम
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, पंद्रह से अठारह वर्ष है। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने युवा ओलंपिक खेल बनाते समय यह सीमा इसलिए रखी कि आयोजन किशोरों तक उस अवस्था में पहुँचे जब वे तय कर रहे होते हैं कि खेल में आगे बढ़ना है या नहीं, और आयु खेलों के वर्ष के अनुसार गिनी जाती है। प्रतिस्पर्धाएँ ओलंपिक की तुलना में जान-बूझकर छोटी रखी जाती हैं, कई स्पर्धाओं में भिन्न देशों के खिलाड़ियों की मिश्रित टीमें उतरती हैं, और खेल के साथ एक संस्कृति तथा शिक्षा कार्यक्रम भी चलता है। विकल्प A, बारह से पंद्रह, प्रवेश आयु से नीचे है और किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन का वर्ग नहीं है। विकल्प C, अठारह से इक्कीस, कुछ आयु वर्ग विश्व चैंपियनशिप में चलता है, यहाँ नहीं। विकल्प D, तेईस वर्ष से कम, ओलंपिक फुटबॉल तथा अन्य अंडर-23 प्रतियोगिताओं का परिचित नियम है, इसीलिए उसे भ्रमक विकल्प बनाया जाता है। इसके विपरीत विश्व विश्वविद्यालय खेल विद्यार्थी होने का नियम लगाते हैं, जिसमें आयु लगभग सत्रह से पच्चीस वर्ष रहती है।
पहले दक्षिण एशियाई खेल, जो तब दक्षिण एशियाई फेडरेशन खेल कहलाते थे, 1984 में कहाँ हुए थे?
- A.ढाका
- B.काठमांडू
- C.कोलंबो
- D.नई दिल्ली
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, काठमांडू है। उपमहाद्वीप के क्षेत्रीय खेल 1984 में नेपाल की राजधानी से दक्षिण एशियाई फेडरेशन खेल, संक्षेप में सैफ खेल, के नाम से आरंभ हुए, और छोटा नाम दक्षिण एशियाई खेल 2004 में अपनाया गया। इन्हें 1983 में बनी दक्षिण एशियाई खेल परिषद चलाती है, और संस्थापक सदस्य थे भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, भूटान तथा मालदीव, जिनमें 2004 में अफगानिस्तान जुड़ा। विकल्प A, ढाका, ने बाद के संस्करण कराए, पहला नहीं। विकल्प C, कोलंबो, ने भी ये खेल कराए हैं, परंतु पहला संस्करण नहीं। विकल्प D, नई दिल्ली, ने यह आयोजन कभी नहीं कराया; भारत के तीन अवसर थे 1987 में कोलकाता, 1995 में चेन्नई और 2016 में गुवाहाटी तथा शिलांग, और दिल्ली का भ्रमक विकल्प केवल इसलिए चलता है कि राजधानी ने एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेल कराए थे। आरंभिक जोड़ी याद रखें: काठमांडू और 1984।
2016 के 12वें दक्षिण एशियाई खेल भारत में कहाँ आयोजित हुए थे?
- A.कोलकाता
- B.चेन्नई
- C.गुवाहाटी और शिलांग
- D.पुणे और मुंबई
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, गुवाहाटी और शिलांग है। दक्षिण एशियाई खेलों का बारहवाँ संस्करण 2016 में पूर्वोत्तर के दो नगरों में हुआ, जिसमें असम का गुवाहाटी मुख्य स्थल रहा और मेघालय का शिलांग कार्यक्रम का एक भाग आयोजित किया; भारत पदक तालिका में शीर्ष पर रहा, जैसा वह लगभग हर संस्करण में रहता है। विकल्प A और B भारत के दो पुराने अवसर हैं और स्वाभाविक जाल हैं: कोलकाता ने 1987 में दूसरा संस्करण कराया और चेन्नई, तब मद्रास, ने 1995 में छठा। विकल्प D, पुणे और मुंबई, ने यह आयोजन नहीं कराया, हालाँकि पुणे ने 2008 में राष्ट्रमंडल युवा खेल कराए थे, इसीलिए यह नाम संभव लगता है। परीक्षा के लिए तीन जोड़ियाँ याद रखें: कोलकाता 1987, चेन्नई 1995 और गुवाहाटी-शिलांग 2016, तथा यह भी कि तेरहवाँ संस्करण 2019 में नेपाल के काठमांडू, पोखरा और जनकपुर में हुआ।
विश्व विश्वविद्यालय खेल, जो पहले यूनिवर्सियाड कहलाते थे, किसके द्वारा आयोजित किए जाते हैं?
- A.फिसू
- B.फीफा
- C.आईएएएफ
- D.फीबा
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, फिसू है, अर्थात अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय खेल महासंघ, जो विश्व भर में अपने फ्रांसीसी आद्यक्षरों से जाना जाता है। फिसू की स्थापना 1949 में हुई, उसका मुख्यालय स्विट्जरलैंड के लुसाने में है, और वह ग्रीष्म तथा शीत विश्व विश्वविद्यालय खेलों के साथ विश्व विश्वविद्यालय चैंपियनशिप की लंबी सूची भी चलाता है। यह आयोजन 2020 में फिसू विश्व विश्वविद्यालय खेल नाम पाने तक यूनिवर्सियाड कहलाता था, जो यूनिवर्सिटी और ओलंपियाड का मिला हुआ शब्द है, और इसमें प्रवेश विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों तथा हाल के स्नातकों तक सीमित है, जिनकी आयु लगभग सत्रह से पच्चीस वर्ष होती है। विकल्प B, फीफा, विश्व फुटबॉल का संचालन करता है और इसके अतिरिक्त कुछ नहीं। विकल्प C, आईएएएफ, एथलेटिक्स की विश्व संस्था का पुराना नाम है, जो अब वर्ल्ड एथलेटिक्स कहलाती है और विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप कराती है। विकल्प D, फीबा, बास्केटबॉल का अंतरराष्ट्रीय महासंघ है। इन खेलों को प्रायः ओलंपिक के बाद सबसे बड़ा बहु-खेल आयोजन कहा जाता है।