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GK24
पर्यावरणमध्यम

अंतरराष्ट्रीय बिग कैट अलायंस की सात बड़ी बिल्लियों में इनमें से कौन शामिल नहीं है?

  1. A.जगुआर
  2. B.प्यूमा
  3. C.धूमिल तेंदुआ
  4. D.हिम तेंदुआ

सही उत्तर

C. धूमिल तेंदुआ

व्याख्या

सही उत्तर धूमिल तेंदुआ है। गठबंधन की स्थापना सात बड़ी बिल्लियों के संरक्षण के लिए हुई है और यह सूची शेर, बाघ, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर तथा प्यूमा की है। धूमिल तेंदुआ पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण पूर्व एशिया के हिस्सों में पाई जाने वाली जंगली बिल्ली है, लेकिन इन सात के नामों में वह नहीं आता। विकल्प A और विकल्प B सूची में हैं और ये दोनों अमेरिका महाद्वीप की बिल्लियां हैं, इसी कारण गठबंधन की सदस्यता एशिया और अफ्रीका से आगे तक फैली है। विकल्प D भी सूची में है और सात में हिमालय की ऊंचाई पर रहने वाली बिल्ली यही है। परीक्षार्थी को सातों नाम एक साथ याद रखने चाहिए, क्योंकि प्रश्न उलटकर भी पूछा जाता है कि कौन सी बिल्ली इसमें शामिल है।

पूरा लेख पढ़ें: आईबीसीए मुख्यालय नई दिल्ली के 55 लोधी एस्टेट में शुरू

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Q1.पर्यावरणआसान

अंतरराष्ट्रीय बिग कैट अलायंस के नए कार्यालय परिसर का उद्घाटन कहां हुआ?

  1. A.देहरादून, उत्तराखंड
  2. B.55 लोधी एस्टेट, नई दिल्ली
  3. C.गांधीनगर, गुजरात
  4. D.भोपाल, मध्य प्रदेश
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 55 लोधी एस्टेट, नई दिल्ली

व्याख्या

सही उत्तर 55 लोधी एस्टेट, नई दिल्ली है, जो अब गठबंधन के मुख्यालय का पता बन गया है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री ने इस परिसर का उद्घाटन किया और गठबंधन के महानिदेशक ने अतिथियों का स्वागत करते हुए इसकी गतिविधियों तथा कार्यक्रमों का ब्योरा दिया। विकल्प A उस शहर का नाम है, जो भारत में वन अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थानों के लिए जाना जाता है, लेकिन गठबंधन का कार्यालय वहां नहीं है। विकल्प C गलत है, हालांकि वहां एक अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठन का मुख्यालय है, इसी कारण परीक्षार्थी दोनों में भ्रम कर जाते हैं। विकल्प D भी गलत है; वह राज्य की राजधानी है और आसपास बाघ अभयारण्य हैं, पर इस समाचार से उसका कोई संबंध नहीं। यह गठबंधन संधि आधारित अंतर-सरकारी संगठन है, जिसका मुख्यालय भारत में है और जो दुनिया की सात बड़ी बिल्लियों के संरक्षण के लिए बना है।

Q2.पर्यावरणमध्यम

भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय बिग कैट अलायंस के लिए कितने शुरुआती अंशदान की घोषणा की है?

  1. A.तीन वर्ष के लिए 100 करोड़ रुपये
  2. B.पांच वर्ष के लिए 150 करोड़ रुपये
  3. C.पांच वर्ष के लिए 250 करोड़ रुपये
  4. D.दस वर्ष के लिए 500 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पांच वर्ष के लिए 150 करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर पांच वर्ष के लिए 150 करोड़ रुपये है, जो 2023-24 से 2027-28 की अवधि के लिए है। यह भारत सरकार द्वारा गठबंधन को दिया जाने वाला शुरुआती अंशदान है। इस गठबंधन का मुख्यालय भारत में है और यह सात बड़ी बिल्लियों के संरक्षण पर काम करता है। बाकी विकल्पों में या तो राशि गलत है या अवधि, और परीक्षार्थी को दोनों बातें साथ याद रखनी चाहिए, क्योंकि परीक्षा में राशि सही रखकर वर्षों की संख्या बदल दी जाती है। अंशदान के साथ ये आंकड़े भी याद रखने लायक हैं कि भारत सहित 29 देश सदस्य हैं, पांच देशों ने पर्यवेक्षक बनना चुना है और ग्यारह अन्य देशों ने सदस्य बनने की सहमति दी है। शुरुआती कामकाज में आईटीईसी कार्यक्रम के तहत दो क्षमता निर्माण कार्यक्रम तथा बीस देशों के पशु चिकित्सकों के लिए प्राइम कैट हेल्थ कार्यक्रम शामिल हैं।

Q3.पर्यावरणमध्यम

आईएफएस प्रशिक्षण कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने निम्नलिखित में से किसे नागरिकों को जोड़ने वाली संरक्षण पहल के रूप में गिनाया?

  1. A.नमामि गंगे मिशन
  2. B.एक पेड़ मां के नाम
  3. C.अटल भूजल योजना
  4. D.जल जीवन मिशन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. एक पेड़ मां के नाम

व्याख्या

सही उत्तर एक पेड़ मां के नाम है। अधिकारियों को संबोधित करते हुए मंत्री ने उन पहलों की ओर ध्यान दिलाया जो नागरिकों को संरक्षण के काम से जोड़ती हैं और इस वृक्षारोपण मुहिम का नाम मिष्टी, अरावली ग्रीन वॉल तथा नगर वन योजना के साथ लिया, जब वे वन और वृक्ष आवरण की वृद्धि, कार्बन संचय, वनों एवं आर्द्रभूमियों के संरक्षण तथा भूदृश्य की बहाली में भारत की प्रगति गिना रहे थे। विकल्प A नदी पुनर्जीवन कार्यक्रम है और इस अवसर पर गिनाई गई पहलों में नहीं था। विकल्प C भूजल से जुड़ी योजना है और विकल्प D पेयजल से जुड़ा मिशन है, और दोनों में समुदाय की भागीदारी होते हुए भी इनका नाम यहां नहीं लिया गया। इन चार वानिकी पहलों को एक साथ याद रखना ऐसे प्रश्न का सबसे सुरक्षित उत्तर है, और इन्हें विकसित भारत@2047 के लक्ष्य से जोड़कर रखना चाहिए, जिसमें मंत्री के अनुसार आर्थिक विकास और पारिस्थितिक सुरक्षा एक साथ आनी चाहिए।

Q4.पर्यावरणमध्यम

मध्य-कैरियर प्रशिक्षण चरण-तीन कार्यक्रम में कितने अधिकारी शामिल हैं और वे कितने कैडरों से आए हैं?

  1. A.12 कैडरों से 48 अधिकारी
  2. B.18 कैडरों से 68 अधिकारी
  3. C.21 कैडरों से 86 अधिकारी
  4. D.24 कैडरों से 108 अधिकारी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 18 कैडरों से 68 अधिकारी

व्याख्या

सही उत्तर 18 कैडरों से 68 अधिकारी है। इस पाठ्यक्रम में इतने ही प्रतिभागी हैं और वे अठारह अलग-अलग राज्य कैडरों से आए हैं, इसीलिए मंत्रालय ने इस समूह को मैदानी तथा नीतिगत अनुभव का मिश्रण बताया, जिसकी रुचियां वन्यजीव संरक्षण प्रशासन से लेकर जलवायु-सहिष्णु वानिकी, आवास बहाली और पर्यावरण नीति के क्रियान्वयन तक फैली हैं। विकल्प A दोनों आंकड़े घटा देता है और किसी विवरण से मेल नहीं खाता। विकल्प C में प्रतिभागियों की संख्या के अंक उलट दिए गए हैं और कैडर की संख्या बढ़ा दी गई है, जो उस अभ्यर्थी के लिए जाल है जिसे संख्या का आकार याद है पर क्रम नहीं। विकल्प D दोनों में अधिक है। सेवा की अवधि भी याद रखनी चाहिए, क्योंकि यह पाठ्यक्रम सात से नौ वर्ष की सेवा पूरी कर चुके अधिकारियों के लिए है, और यह बारह अक्टूबर से छह नवंबर तक चलेगा।

Q5.पर्यावरणमध्यम

12 अक्टूबर 2026 को आरंभ हुआ भारतीय वन सेवा अधिकारियों का मध्य-कैरियर प्रशिक्षण चरण-तीन कार्यक्रम किस संस्थान द्वारा कराया जा रहा है?

  1. A.लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी
  2. B.इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी
  3. C.वन अनुसंधान संस्थान
  4. D.भारतीय वन्यजीव संस्थान
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी

व्याख्या

सही उत्तर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी है, जिसे संक्षेप में आईजीएनएफए कहा जाता है और जो चरण-तीन का उन्नीसवां पाठ्यक्रम बारह अक्टूबर से छह नवंबर तक अठारह कैडरों के अड़सठ अधिकारियों के लिए करा रही है। विकल्प A उस अकादमी का नाम है जहां प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को प्रशिक्षण मिलता है और वह इस वानिकी पाठ्यक्रम को नहीं करा रही। विकल्प C का वन अनुसंधान संस्थान एक शोध संस्था है, वह इस कार्यक्रम के लिए नामित प्रशिक्षण अकादमी नहीं है। विकल्प D का भारतीय वन्यजीव संस्थान वन्यजीव शोध और भिन्न प्रकार के प्रशिक्षण पर काम करता है, और यद्यपि वन्यजीव प्रबंधन इस पाठ्यक्रम के दौरों का एक विषय है, फिर भी आयोजक अकादमी ही है। श्री राजेंद्र प्रसाद खजूरिया इसके निदेशक हैं और नई दिल्ली में जब केंद्रीय पर्यावरण, वन तथा जलवायु परिवर्तन मंत्री ने प्रतिभागियों से संवाद किया तब वे उपस्थित थे।