अक्टूबर 2026 में एनएलएमसी ने किस सार्वजनिक उपक्रम की अतिरिक्त भूमि की नीलामी की?
- A.स्टील ऑथोरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड
- B.राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड
- C.रेलटेल कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया
- D.हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड है, जो विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र का संचालन करती है। विशाखापत्तनम में उसकी बेहतर जगह वाली भूमि राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम ने बिक्री के लिए रखी और पहले दिन 150 भूखंड 366.33 करोड़ रुपये में बिके। विकल्प A यानी स्टील ऑथोरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड सार्वजनिक क्षेत्र की दूसरी इस्पात कंपनी है, पर इस नीलामी से उसका कोई संबंध नहीं था। विकल्प C यानी रेलटेल इस कवायद में शामिल रही, लेकिन भूमि की स्वामी के रूप में नहीं - उसके ई-निविदा मंच पर ऑनलाइन बोली हुई, जबकि क्विकर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड लेनदेन सलाहकार रही। विकल्प D यानी हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड भी विशाखापत्तनम में स्थित उपक्रम है, इसलिए वह भ्रम पैदा करता है, पर जमीन इस्पात कंपनी की थी। बोली से पहले सितंबर 2026 में विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा और हैदराबाद में बैठकें हुई थीं।
पूरा लेख पढ़ें: एनएलएमसी की पहली ई-नीलामी में आरआईएनएल के 150 भूखंड बिके
अभ्यास प्रश्न
एनएलएमसी की पहली पूर्णतः ई-नीलामी के पहले दिन आरआईएनएल के भूखंडों पर कितने मूल्य की सफल बोलियां लगीं?
- A.312.48 करोड़ रुपये
- B.366.33 करोड़ रुपये
- C.180.50 करोड़ रुपये
- D.216.00 करोड़ रुपये
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व्याख्या
सही उत्तर 366.33 करोड़ रुपये है। नीलामी के पहले दिन राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड के 150 भूखंड बिके और जीतने वाली बोलियों का कुल मूल्य 366.33 करोड़ रुपये रहा। विकल्प A का 312.48 करोड़ रुपये इन भूखंडों का कुल आरक्षित मूल्य है, यानी वह न्यूनतम सीमा जिससे नीचे बोली स्वीकार नहीं होती; दोनों आंकड़ों के बीच का अंतर ही औसतन 17.23 प्रतिशत के प्रीमियम को दिखाता है। विकल्प C नीलामी में दर्ज सबसे ऊंची दर से गढ़ा गया है, जो 1.80 लाख रुपये प्रति वर्ग गज के पार गई थी; वह प्रति इकाई कीमत है, कुल राशि नहीं। विकल्प D दूसरे चरण के लिए बचे भूखंडों की संख्या 216 को राशि की तरह पेश करता है। यह नीलामी राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम ने लोक उद्यम विभाग के अधीन कराई और बोलियां रेलटेल के ई-निविदा मंच पर लगीं।
आरआईएनएल भूमि ई-नीलामी का दूसरा और अंतिम चरण कब है तथा उसमें कितने भूखंड हैं?
- A.27 अक्टूबर 2026, 150 भूखंड
- B.30 अक्टूबर 2026, 216 भूखंड
- C.13 अक्टूबर 2026, 366 भूखंड
- D.30 नवंबर 2026, 216 भूखंड
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व्याख्या
सही उत्तर 30 अक्टूबर 2026, 216 भूखंड है। पहले चरण को मिली प्रतिक्रिया के बाद दूसरा और अंतिम चरण इसी तारीख के लिए तय किया गया, जिसमें बोली सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक लगेगी और पहले दौर में न बिके भूखंड रखे जाएंगे। विकल्प A दो तारीखों और दो संख्याओं को मिला देता है - 27 अक्टूबर 2026 बोलीदाताओं के पंजीकरण की अंतिम तिथि है, नीलामी का दिन नहीं, और 150 पहले चरण में बिक चुके भूखंडों की संख्या है। विकल्प C उस दिन का नाम लेता है जब पहले चरण का परिणाम सामने आया और उसके साथ 366.33 करोड़ रुपये की बोली राशि से लिया गया आंकड़ा जोड़ देता है। विकल्प D भूखंडों की संख्या सही रखता है, पर नीलामी को एक महीने आगे खिसका देता है, जिसकी पुष्टि घोषणा से नहीं होती। इच्छुक खरीदारों को समय सीमा से पहले पोर्टल पर विवरण और पात्रता देखने की सलाह दी गई है।
सितंबर 2026 में बिजलीघरों को प्रतिदिन औसतन कितनी कोयला रेक भेजी गईं?
- A.397 रेक
- B.443 रेक
- C.116 रेक
- D.480 रेक
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व्याख्या
सही उत्तर 443 रेक है। भारतीय रेल ने सितंबर 2026 में बिजली संयंत्रों को घरेलू कोयले की आपूर्ति बढ़ाई और प्रतिदिन औसतन 443 कोयला रेक भेजी गईं। विकल्प A का 397 रेक सितंबर 2025 का दैनिक औसत है, इसलिए वह तुलना का आंकड़ा है, चालू महीने का नहीं; 397 से 443 रेक प्रतिदिन तक पहुंचना 11.6 प्रतिशत की वृद्धि बैठता है। विकल्प C में दिया 116 उसी वृद्धि दर 11.6 प्रतिशत से गढ़ा गया भ्रम है और वह रेक की संख्या नहीं है। विकल्प D का 480 रेक रिपोर्ट में कहीं नहीं आता। कोयला रेक की आपूर्ति इसलिए मायने रखती है कि तापीय बिजली संयंत्र अपने ईंधन के बड़े हिस्से के लिए रेल ढुलाई पर निर्भर हैं और सर्दियों से पहले भंडार जुटाने पर नजर रखी जाती है। महीने का कुल लदान 135.35 मिलियन टन रहा, जो 6.14 प्रतिशत अधिक है, और कोयले का लदान स्वयं 9 प्रतिशत बढ़ा।
सितंबर 2026 में रेल माल लदान में प्रतिशत के हिसाब से सबसे अधिक वृद्धि किस वस्तु में दर्ज हुई?
- A.कोयला
- B.क्लिंकर
- C.खाद्यान्न
- D.लौह अयस्क
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व्याख्या
सही उत्तर खाद्यान्न है, जिसका लदान सितंबर 2026 में 25 प्रतिशत बढ़ा और यह रेल मंत्रालय द्वारा गिनाई गई वस्तुओं में सबसे तेज बढ़त रही। विकल्प B यानी क्लिंकर 20 प्रतिशत वृद्धि के साथ दूसरे स्थान पर रहा, इसलिए वह ऊंचा है पर सबसे ऊंचा नहीं; क्लिंकर सीमेंट बनाने में काम आने वाला मध्यवर्ती उत्पाद है और उसकी ढुलाई निर्माण गतिविधि के साथ चलती है। विकल्प A यानी कोयला महीने में 9 प्रतिशत बढ़ा, जो प्रतिशत में कम है, भले मात्रा के हिसाब से कोयला रेल से ढोई जाने वाली सबसे बड़ी वस्तु बना हुआ है। विकल्प D यानी लौह अयस्क 5.2 प्रतिशत बढ़ा, जो गिनाई गई श्रेणियों में सबसे धीमी दर है और तैयार इस्पात के 5.5 प्रतिशत तथा खनिज तेल के 6 प्रतिशत से भी नीचे है। घरेलू कंटेनर 10 प्रतिशत और शेष अन्य वस्तुएं 8.2 प्रतिशत बढ़ीं।
सितंबर 2026 में भारतीय रेल ने कितने मिलियन टन माल का लदान किया?
- A.127.52 मिलियन टन
- B.135.35 मिलियन टन
- C.833.7 मिलियन टन
- D.143.70 मिलियन टन
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व्याख्या
सही उत्तर 135.35 मिलियन टन है। रेल मंत्रालय के अनुसार सितंबर 2026 में लदान 135.35 मिलियन टन रहा, जो एक वर्ष पहले के इसी महीने से 6.14 प्रतिशत अधिक था। विकल्प A में दिया 127.52 मिलियन टन सितंबर 2025 का लदान है, इसलिए वह वृद्धि नापने का आधार है, चालू आंकड़ा नहीं। विकल्प C का 833.7 मिलियन टन अप्रैल से सितंबर 2026 तक छह महीनों का कुल लदान है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि से 4.1 प्रतिशत बढ़ा, इसलिए यह किसी एक महीने का आंकड़ा नहीं हो सकता। विकल्प D रिपोर्ट में कहीं नहीं आता और गढ़ा हुआ है। मात्रा के साथ-साथ महीने की माल ढुलाई आमदनी सितंबर 2025 से 1,266 करोड़ रुपये अधिक रही, यानी 9.3 प्रतिशत की वृद्धि, जबकि खाद्यान्न का लदान 25 प्रतिशत और क्लिंकर का 20 प्रतिशत बढ़ा।