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GK24
राष्ट्रीयआसान

अक्टूबर 2026 में एम्स बिलासपुर के प्रथम दीक्षांत समारोह में उपाधियां किसने प्रदान कीं?

  1. A.प्रधानमंत्री
  2. B.राष्ट्रपति
  3. C.उपराष्ट्रपति
  4. D.हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल

सही उत्तर

B. राष्ट्रपति

व्याख्या

सही उत्तर राष्ट्रपति है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एम्स बिलासपुर के प्रथम दीक्षांत समारोह में पहले बैच के विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान कीं और विभिन्न विषयों के मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक भी दिए। विकल्प A गलत है, क्योंकि प्रधानमंत्री इस समारोह में उपस्थित नहीं थे, यद्यपि संस्थान के औपचारिक उद्घाटन के अवसर पर वे उपस्थित रहे थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि इस दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति की कोई भूमिका नहीं थी। विकल्प D भ्रामक है, पर गलत है: हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता इस अवसर पर उपस्थित थे और उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित भी किया, किंतु उपाधियां राष्ट्रपति ने प्रदान कीं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने भी संबोधन दिया और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुभकामनाएं भेजीं।

पूरा लेख पढ़ें: राष्ट्रपति मुर्मु एम्स बिलासपुर के प्रथम दीक्षांत समारोह में

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Q1.राष्ट्रीयआसान

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में प्रति परिवार प्रति वर्ष कितना स्वास्थ्य कवर मिलता है?

  1. A.1 लाख रुपये
  2. B.3 लाख रुपये
  3. C.5 लाख रुपये
  4. D.10 लाख रुपये
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 5 लाख रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 5 लाख रुपये है। दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को प्रति परिवार प्रति वर्ष इतना स्वास्थ्य कवर मिलता है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर इलाज का बोझ घटता है। उन्होंने यह भी कहा कि योजना के अंतर्गत लाभार्थियों के इलाज पर 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च हो चुका है और ऐसी सुरक्षा की जानकारी दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचनी चाहिए। विकल्प A और B गलत हैं, क्योंकि कवर इन दोनों राशियों से अधिक है। विकल्प D गलत है, क्योंकि प्रति परिवार वार्षिक कवर उस राशि से कम है। परीक्षा के लिए प्रति परिवार वार्षिक कवर और योजना पर कुल व्यय दोनों साथ याद रखें, क्योंकि प्रश्न इन्हें मिलाकर पूछे जाते हैं।

Q2.राष्ट्रीयकठिन

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार देश में स्नातक चिकित्सा सीटों की संख्या कितनी हो गई है?

  1. A.51,348
  2. B.1.42 लाख
  3. C.2.5 लाख
  4. D.75,000
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1.42 लाख

व्याख्या

सही उत्तर 1.42 लाख है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि स्नातक चिकित्सा सीटें बढ़कर इस संख्या तक पहुंच गई हैं, जबकि मेडिकल कॉलेजों की संख्या 384 से बढ़कर 800 से अधिक हो गई है। विकल्प A गलत है, क्योंकि यह वह पुराना आंकड़ा है जहां से सीटें बढ़ीं, यानी आरंभिक संख्या है, वर्तमान नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि वर्तमान सीटों के लिए ऐसा कोई आंकड़ा नहीं दिया गया। विकल्प D भ्रामक है, पर गलत है: यह उन अतिरिक्त स्नातक एवं स्नातकोत्तर सीटों की संख्या है जिन्हें सरकार 2029 तक जोड़ना चाहती है, और इसमें 10,000 अतिरिक्त एमबीबीएस तथा पीजी सीटों के लिए 15,000 करोड़ रुपये का आवंटन शामिल है। मंत्री ने यह भी कहा कि पिछले 12 वर्षों में 16 नए एम्स स्थापित हुए, जबकि उससे पहले दशकों तक देश में एक ही एम्स था।

Q3.राष्ट्रीयमध्यम

डॉ. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र किस मंत्रालय के अधीन काम करता है?

  1. A.विधि एवं न्याय मंत्रालय
  2. B.सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
  3. C.संस्कृति मंत्रालय
  4. D.शिक्षा मंत्रालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय

व्याख्या

सही उत्तर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय है, जिसके अधीन नई दिल्ली का डॉ. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र चलता है और जिसने वहां दूसरे माधव मेनन स्मृति व्याख्यान की जानकारी दी। विकल्प A लुभाता है क्योंकि आयोजन कानून और न्याय पर था तथा उसमें मुख्य न्यायाधीश, उच्चतम न्यायालय के एक न्यायाधीश और महान्यायवादी मौजूद रहे, मगर यह केंद्र उस मंत्रालय के अधीन नहीं है। विकल्प C और D उन मंत्रालयों के नाम हैं जो राजधानी में दूसरे सांस्कृतिक तथा शैक्षिक संस्थान चलाते हैं, इस केंद्र से उनका नाता नहीं है। केंद्र ने यह व्याख्यान कॉमनवेल्थ लीगल एजुकेशन एसोसिएशन के साथ मिलकर कराया, इसके निदेशक कर्नल आकाश पाटिल ने स्वागत भाषण दिया और एसोसिएशन की संयुक्त महासचिव ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा। इसलिए केवल विकल्प B सही है।

Q4.राष्ट्रीयआसान

दूसरे माधव मेनन स्मृति व्याख्यान का विषय क्या था?

  1. A.नए भारत के लिए विधि शिक्षा
  2. B.अंतिम नागरिक तक न्याय की पहुंच
  3. C.जजिंग विद कंपैशन: ह्यूमन अंडरस्टैंडिंग इन द प्रैक्टिस ऑफ लॉ
  4. D.इंडियन पर्सनल लॉ: यूनिटी एंड डाइवर्सिटी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. जजिंग विद कंपैशन: ह्यूमन अंडरस्टैंडिंग इन द प्रैक्टिस ऑफ लॉ

व्याख्या

सही उत्तर जजिंग विद कंपैशन: ह्यूमन अंडरस्टैंडिंग इन द प्रैक्टिस ऑफ लॉ है। डॉ. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र ने कॉमनवेल्थ लीगल एजुकेशन एसोसिएशन के साथ यह व्याख्यान कराया, जिसमें न्यायाधीश, विधि के शिक्षक और वकील जुटे और न्यायिक प्रक्रिया के मानवीय पक्ष तथा न्याय देने में करुणा, सहानुभूति और संवेदनशीलता की जगह पर विचार हुआ। विकल्प D जाल है, क्योंकि वह उसी समारोह में जारी दो पुस्तकों में से एक का नाम है, व्याख्यान का विषय नहीं। विकल्प A और B दूसरे विधि सम्मेलनों तथा विधिक सहायता अभियानों में चलने वाले वाक्य हैं और इस आयोजन का विषय नहीं हैं। यह व्याख्यान श्रृंखला प्रोफेसर एन. आर. माधव मेनन की याद में होती है, जिनके काम ने देश में विधि शिक्षा की शक्ल बदली, इसलिए विषय, स्थान और संस्करण साथ याद रखने चाहिए।

Q5.राष्ट्रीयमध्यम

डॉ. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में दूसरा प्रोफेसर (डॉ.) एन. आर. माधव मेनन स्मृति व्याख्यान किसने दिया?

  1. A.मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्य कांत
  2. B.न्यायमूर्ति विक्रम नाथ
  3. C.महान्यायवादी आर. वेंकटरमणी
  4. D.प्रोफेसर एस. शिवकुमार
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. न्यायमूर्ति विक्रम नाथ

व्याख्या

सही उत्तर न्यायमूर्ति विक्रम नाथ हैं, जो उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश तथा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष हैं। उन्होंने करुणा के साथ न्याय देने के विषय पर व्याख्यान दिया और कहा कि न्याय का मानवीय रुख कानून के सिद्धांतों, निष्पक्षता तथा संवैधानिक मूल्यों में टिका रहना चाहिए। विकल्प A भारत के मुख्य न्यायाधीश का नाम है, जिन्होंने कार्यक्रम का उद्घाटन किया और वहीं दो विधि पुस्तकें जारी कीं, मगर व्याख्यान उन्होंने नहीं दिया। विकल्प C भारत के महान्यायवादी का नाम है, जिन्होंने प्रोफेसर माधव मेनन के जीवन और योगदान पर विशेष विचार रखे। विकल्प D उन दोनों पुस्तकों के लेखक तथा कॉमनवेल्थ लीगल एजुकेशन एसोसिएशन के अध्यक्ष का नाम है, जिन्होंने भी सभा को संबोधित किया। चारों कार्यक्रम में मौजूद थे, इसलिए सवाल इसी पर टिका है कि व्याख्यान किसने दिया।