AITIGA संयुक्त समिति की अगली बैठक कब और कहां प्रस्तावित है?
- A.दिसंबर 2026, इंडोनेशिया में
- B.जनवरी 2027, भारत में
- C.मार्च 2027, सिंगापुर में
- D.जुलाई 2027, वियतनाम में
सही उत्तर
B. जनवरी 2027, भारत में
व्याख्या
सही उत्तर जनवरी 2027, भारत में है। जकार्ता दौर के समापन पर दोनों पक्षों ने संयुक्त समिति की अगली बैठक जनवरी 2027 में तय की, जो भारत में और फिर हाइब्रिड तरीके से होगी। उस बैठक में इस बीच उप समितियों द्वारा की गई प्रगति की समीक्षा होगी और आगे मार्गदर्शन दिया जाएगा, ताकि बातचीत निर्धारित समय पर पूरी हो। विकल्प A गलत है, क्योंकि इंडोनेशिया ने अभी समाप्त हुए दौर की मेजबानी आसियान सचिवालय में की थी। विकल्प C और विकल्प D में बताए महीने और आसियान मेजबान देश घोषणा में कहीं नहीं हैं, सिंगापुर तथा वियतनाम ने जकार्ता में प्रतिनिधि भेजे थे, पर उन्हें मेजबान नहीं बताया गया। परीक्षा की दृष्टि से मुख्य बिंदु मेजबानी का आसियान से भारत को हस्तांतरण है, जिसमें भारतीय दौर AITIGA समीक्षा को आगे बढ़ाएगा।
पूरा लेख पढ़ें: 15वीं आसियान-भारत वस्तु व्यापार समिति बैठक जकार्ता में
अभ्यास प्रश्न
AITIGA संयुक्त समिति की 15वीं बैठक कहां आयोजित हुई?
- A.आसियान सचिवालय, जकार्ता, इंडोनेशिया
- B.भारत मंडपम, नई दिल्ली
- C.पुत्रजया, मलेशिया
- D.बैंकॉक, थाईलैंड
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर आसियान सचिवालय, जकार्ता, इंडोनेशिया है। आसियान ने आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौते की 15वीं संयुक्त समिति बैठक वहीं 6 से 9 अक्टूबर 2026 तक आयोजित की, साथ में उप समितियों की बैठकें भी हुईं और पूरा दौर हाइब्रिड स्वरूप में चला। विकल्प B यानी भारत मंडपम, नई दिल्ली इस दौर के लिए गलत है, हालांकि संयुक्त समिति की अगली बैठक भारत में ही जनवरी 2027 में होनी है। विकल्प C यानी पुत्रजया, मलेशिया भ्रमित करने वाला है, क्योंकि दूसरी ओर से सह अध्यक्ष मलेशिया के व्यापार विभाग की उप महासचिव थीं, लेकिन मलेशिया ने केवल अध्यक्षता दी, मेजबानी नहीं की। विकल्प D यानी बैंकॉक, थाईलैंड भी एक आसियान राजधानी है, जिसके प्रतिनिधि बैठक में आए थे, पर मेजबानी उसने नहीं की। याद रखने योग्य जोड़ी यही है कि 15वां दौर जकार्ता में और सोलहवां भारत में।
AITIGA संयुक्त समिति के 15वें दौर के साथ उसकी कितनी उप समितियों ने बैठकें कीं?
- A.छह में से दो
- B.आठ में से तीन
- C.आठ में से पांच
- D.सभी आठ
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर आठ में से तीन है। संयुक्त समिति के अंतर्गत आठ उप समितियां हैं और उनमें से तीन ने जकार्ता के 15वें दौर के साथ हाइब्रिड बैठकें कीं। ये थीं विधिक एवं संस्थागत मुद्दों पर उप समिति यानी SC-LII, बाजार पहुंच पर राष्ट्रीय व्यवहार की उप समिति यानी SC-NTMA और उत्पत्ति के नियमों पर उप समिति यानी SC-ROO। विकल्प A में बैठक करने वाली संख्या और कुल संख्या, दोनों गलत हैं, क्योंकि उप समितियां आठ हैं, छह नहीं। विकल्प C में बैठक करने वाली संख्या बढ़ाकर बताई गई है और विकल्प D का अर्थ होगा कि सभी उप समितियां मिलीं, जो नहीं हुआ। परीक्षार्थी दौर के अंत में दिए निर्देश को भी याद रखें, अर्थात सभी उप समितियां AITIGA समीक्षा के लंबित अध्यायों को तेजी से और समयबद्ध लक्ष्यों के साथ पूरा करें।
प्रधानमंत्री ने आसियान पावर ग्रिड के लिए 400 पेशेवरों के प्रशिक्षण की घोषणा किस सम्मेलन में की थी?
- A.2025 के 22वें आसियान भारत शिखर सम्मेलन में
- B.2023 के 18वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में
- C.नई दिल्ली के जी-20 शिखर सम्मेलन में
- D.2024 के 21वें आसियान भारत शिखर सम्मेलन में
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 2025 के 22वें आसियान भारत शिखर सम्मेलन है, जहां प्रधानमंत्री ने घोषणा की थी कि भारत ग्रिड कनेक्टिविटी पर चार सौ पेशेवरों को प्रशिक्षण देकर आसियान पावर ग्रिड पहल का सहयोग करेगा। राज्य मंत्री ने मनीला में आसियान भारत कार्य योजना के तहत गहरे सहयोग की बात रखते हुए इसी प्रतिबद्धता को याद किया। विकल्प B गलत है, क्योंकि यह घोषणा भारत-आसियान शृंखला की है, उस वर्ष के पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन की नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह घोषणा को उसी शृंखला के पिछले संस्करण में खिसका देता है, जो क्रमांकित सम्मेलनों के प्रश्नों में आम जाल है। विकल्प C गलत है, क्योंकि भारत की मेजबानी वाले जी-20 शिखर सम्मेलन का एजेंडा बहुत व्यापक था और उसमें यह विशेष प्रशिक्षण वादा शामिल नहीं था। याद रखें कि मंत्री ने आसियान पावर ग्रिड, क्षेत्रीय पारेषण और बहुपक्षीय विद्युत व्यापार को प्रमुख क्षेत्र बताया।
भारत ने जिस 20वीं पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन ऊर्जा मंत्री बैठक में भाग लिया, वह किस शहर में हुई?
- A.जकार्ता, इंडोनेशिया
- B.मनीला, फिलीपींस
- C.कुआलालंपुर, मलेशिया
- D.बैंकॉक, थाईलैंड
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर मनीला, फिलीपींस है, जहां भारत का प्रतिनिधित्व विद्युत एवं नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक ने किया। विकल्प A यानी जकार्ता इस बैठक के लिए गलत है, हालांकि वहां आसियान सचिवालय है, इसलिए इस समूह से जुड़े किसी भी प्रश्न में वह भरोसेमंद लगता है। विकल्प C यानी कुआलालंपुर यहां गलत है, क्योंकि मलेशिया का नाम इस खबर में दूसरी वजह से आता है, वह इंफाल से सिंगापुर तक प्रस्तावित भूमि गलियारे के रास्ते में पड़ने वाले देशों में है। विकल्प D यानी बैंकॉक भी इसी कारण गलत है, क्योंकि म्यांमार के साथ थाईलैंड भी उसी प्रस्तावित मार्ग का हिस्सा है। परीक्षा के लिए संस्करण संख्या यानी बीसवीं, मेजबान शहर तथा मंत्री द्वारा स्वागत की गई दोनों योजनाओं, आसियान ऊर्जा सहयोग कार्य योजना और आसियान भारत कार्य योजना को 2026 से 2030 की अवधि के साथ जोड़कर याद रखें।
बैठक में बताए अनुसार 30 सितंबर 2026 तक भारत की स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता कितनी थी?
- A.458.8 गीगावाट
- B.508.8 गीगावाट
- C.558.8 गीगावाट
- D.608.8 गीगावाट
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 558.8 गीगावाट है। मंत्री के अनुसार इसमें 308 गीगावाट गैर-जीवाश्म स्रोतों से है, जो स्थापित क्षमता का पचपन प्रतिशत बैठता है और यही हिस्सा ऊर्जा परिवर्तन का मुख्य पैमाना माना जाता है। बाकी विकल्प गलत हैं, क्योंकि उनमें आंकड़ा बदल दिया गया है और ये वही निकट मान हैं जो किसी पिछली तिमाही से याद रह सकते हैं, क्योंकि क्षमता हर महीने बढ़ती है। दो जुड़े तथ्य बराबर ध्यान मांगते हैं। पहला, भारत ने गैर-जीवाश्म क्षमता का आधा पड़ाव जून 2025 में पार कर लिया, जो राष्ट्रीय निर्धारित योगदान में 2030 के लिए तय तारीख से पूरे पांच वर्ष पहले है। दूसरा, पीएम सूर्य घर के तहत 29 सितंबर 2026 तक लगभग 5.01 मिलियन छत पर सौर संयंत्र लग चुके थे, जिनसे 5.95 मिलियन परिवारों को लाभ मिला।