आयुष सेवा क्षेत्र के कुल कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी कितनी है?
- A.33 प्रतिशत
- B.43 प्रतिशत
- C.53 प्रतिशत
- D.63 प्रतिशत
सही उत्तर
B. 43 प्रतिशत
व्याख्या
सही उत्तर 43 प्रतिशत है। आयुष सेवा क्षेत्र के आकलन में कुल कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी 43 प्रतिशत बताई गई है, और यह भी कहा गया है कि कई संगठित क्षेत्रों में यह आधे से ऊपर चली गई है। विकल्प C यानी 53 प्रतिशत सिर्फ अस्पतालों का आंकड़ा है, पूरे क्षेत्र का नहीं, इसलिए वह क्षेत्रवार संख्या है। विकल्प D यानी 63 प्रतिशत किसी भी हिस्से से मेल नहीं खाता, क्योंकि सबसे ऊंची हिस्सेदारी स्पा और वेलनेस रिसॉर्ट में दर्ज हुई है, जो 60 प्रतिशत से अधिक है। विकल्प A यानी 33 प्रतिशत आकलन में कहीं नहीं आता और वह इस निष्कर्ष को कम करके बताता है। परीक्षा के लिहाज से कुल आंकड़े और क्षेत्रवार आंकड़ों को अलग-अलग याद रखना जरूरी है, यानी अस्पतालों में 53, डे-केयर केंद्रों में 57 और शैक्षणिक संस्थानों में 58 प्रतिशत, जबकि पूरे क्षेत्र के लिए 43 प्रतिशत।
पूरा लेख पढ़ें: आयुष सेवा कार्यबल में 43 प्रतिशत महिलाएं: आरआईएस रिपोर्ट
अभ्यास प्रश्न
आयुष सेवा क्षेत्र में सबसे अधिक राजस्व किस हिस्से से आता है?
- A.अस्पताल
- B.डे-केयर केंद्र
- C.स्वतंत्र और स्थानीय क्लीनिक
- D.स्पा और वेलनेस रिसॉर्ट
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व्याख्या
सही उत्तर स्वतंत्र और स्थानीय क्लीनिक है। ये क्लीनिक आयुष सेवा क्षेत्र में सबसे अधिक राजस्व देने वाला हिस्सा बने हुए हैं और इनसे लगभग 16.21 अरब अमेरिकी डॉलर आता है, जो कुल राजस्व का 43.9 प्रतिशत है। विकल्प B यानी डे-केयर केंद्र दूसरे स्थान पर हैं, जिनसे करीब 10.13 अरब डॉलर मिलते हैं। दोनों को मिलाकर कुल राजस्व का 70 प्रतिशत से अधिक हिस्सा बनता है, पर अकेले डे-केयर केंद्र क्लीनिकों से पीछे हैं। विकल्प A यानी अस्पतालों का जिक्र कार्यबल के संदर्भ में है, जहां महिलाओं की हिस्सेदारी 53 प्रतिशत है, और विदेशी मरीजों के योगदान के संदर्भ में भी, लेकिन उन्हें सबसे बड़ा कमाई वाला हिस्सा नहीं बताया गया। विकल्प D यानी स्पा और वेलनेस रिसॉर्ट में महिलाओं की हिस्सेदारी सबसे ऊंची है, जो 60 प्रतिशत से अधिक है, पर यह कार्यबल का आंकड़ा है, राजस्व का नहीं। पद्धतियों में आयुर्वेद सबसे बड़ा है, जिससे 17.73 अरब डॉलर आते हैं।
आयुष सेवा क्षेत्र रिपोर्ट किस संस्था ने तैयार की है?
- A.नीति आयोग
- B.आरआईएस
- C.भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद
- D.वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद
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व्याख्या
सही उत्तर आरआईएस है। आयुष सेवा क्षेत्र रिपोर्ट आरआईएस का अध्ययन है और इसे आयुर्वेद दिवस 2026 के अवसर पर जारी किया गया। इसी रिपोर्ट से क्षेत्र के मुख्य आंकड़े आते हैं, यानी वित्त वर्ष 2024-25 में 36.92 अरब अमेरिकी डॉलर का आकार, 2022-23 के बाद 16.91 प्रतिशत की वार्षिक औसत वृद्धि दर, करीब 17.6 लाख आजीविकाओं को सहारा और वर्ष 2047 तक 216 से 318 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान। विकल्प A यानी नीति आयोग सरकार का नीति आयोग है और कई सूचकांक जारी करता है, पर यह अध्ययन उसका नहीं है। विकल्प C यानी भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद जैव-चिकित्सा अनुसंधान की शीर्ष संस्था है और इस रिपोर्ट से जुड़ी नहीं है। विकल्प D यानी वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद राष्ट्रीय प्रयोगशालाएं चलाती है और इसका भी इस रिपोर्ट से कोई संबंध नहीं है।
वित्त वर्ष 2024-25 में आयुष सेवा अर्थव्यवस्था का अनुमानित आकार कितना था?
- A.16.21 अरब अमेरिकी डॉलर
- B.26.92 अरब अमेरिकी डॉलर
- C.36.92 अरब अमेरिकी डॉलर
- D.46.92 अरब अमेरिकी डॉलर
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व्याख्या
सही उत्तर 36.92 अरब अमेरिकी डॉलर है। वित्त वर्ष 2024-25 में आयुष सेवा अर्थव्यवस्था का अनुमानित आकार इतना ही था। यह आंकड़ा 2022-23 के बाद 16.91 प्रतिशत की वार्षिक औसत वृद्धि दर के बाद सामने आया और यही वह आधार है जहां से वर्ष 2047 तक 216 से 318 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। विकल्प A यानी 16.21 अरब डॉलर केवल एक हिस्से का राजस्व है, यानी स्वतंत्र और स्थानीय क्लीनिकों का, जो कुल राजस्व का 43.9 प्रतिशत है, इसलिए वह पूरे क्षेत्र का आकार नहीं हो सकता। विकल्प B और D यानी 26.92 और 46.92 अरब डॉलर असली आंकड़े के आसपास रखे गए विकल्प हैं और आकलन में कहीं नहीं आते। साथ में ये आंकड़े भी याद रखें - डे-केयर केंद्रों से 10.13 अरब डॉलर, आयुर्वेद से 17.73 अरब डॉलर और मेडिकल वैल्यू ट्रैवल से 1.77 अरब डॉलर।
नई रणनीति में पर्यावरण लेखांकन का महत्व बढ़ाने वाला कौन सा घटनाक्रम बताया गया है?
- A.राष्ट्रीय लेखा प्रणाली 2025 में प्राकृतिक संसाधन लेखांकन को मान्यता
- B.राष्ट्रीय कार्बन क्रेडिट एक्सचेंज की शुरुआत
- C.आर्थिक सर्वेक्षण में हरित विकास पर नया अध्याय
- D.राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय का केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय में विलय
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व्याख्या
सही उत्तर राष्ट्रीय लेखा प्रणाली 2025 में प्राकृतिक संसाधन लेखांकन को मान्यता है। विज्ञप्ति कहती है कि इस प्रणाली के तहत हुए घटनाक्रम, विशेष रूप से राष्ट्रीय लेखा ढांचे के भीतर प्राकृतिक संसाधन लेखांकन की मान्यता, पर्यावरण लेखांकन का महत्व बढ़ाते हैं, और रूपरेखा में शामिल विषय प्राकृतिक संसाधन, अर्थव्यवस्था तथा पर्यावरण के बीच संबंध समझने और आंकड़ों की कमी पहचानने में मदद करेंगे। विकल्प B गलत है क्योंकि दस्तावेज में किसी कार्बन क्रेडिट एक्सचेंज का उल्लेख नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि इस विज्ञप्ति में आर्थिक सर्वेक्षण की चर्चा नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि किसी विलय की बात नहीं कही गई; राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय का नाम केवल पुरानी रणनीति जारी करने वाली संस्था के रूप में आया है।
'भारत में पर्यावरण आर्थिक लेखा रणनीति 2026-2030' दस्तावेज किस मंत्रालय ने जारी किया?
- A.पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
- B.सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय
- C.पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय
- D.नीति आयोग
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व्याख्या
सही उत्तर सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय है, जिसे संक्षेप में एमओएसपीआई कहा जाता है। यह दस्तावेज उसी का संकलन है और उस पुरानी रणनीति के बाद आया है जिसकी अवधि 2026 में समाप्त हो रही थी। विकल्प A यानी पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय स्वाभाविक अनुमान लगता है क्योंकि विषय पर्यावरण से जुड़ा है, पर पर्यावरण लेखांकन सांख्यिकीय कार्य है और यह विज्ञप्ति सांख्यिकी मंत्रालय से आई है, जिसके राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने पुरानी रूपरेखा जारी की थी। विकल्प C यानी पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय गलत है क्योंकि विज्ञप्ति में उसका नाम नहीं है, भले महासागर लेखा कार्य के क्षेत्रों में शामिल है। विकल्प D यानी नीति आयोग भी गलत है, क्योंकि इस विज्ञप्ति में उसकी कोई भूमिका नहीं है।