आईसीएमआर उच्च ऊंचाई चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य शोध केंद्र किस राज्य में स्थापित हो रहा है?
- A.उत्तराखंड
- B.हिमाचल प्रदेश
- C.सिक्किम
- D.अरुणाचल प्रदेश
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर हिमाचल प्रदेश है, जहां यह केंद्र लाहौल-स्पीति के मुख्यालय केलांग में बन रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने वहीं भूमि पूजन करके शिलान्यास किया, और समारोह में राज्य के एक पूर्व मुख्यमंत्री तथा मंडी से सांसद ने भी विचार रखे। विकल्प A, C और D सभी हिमालयी राज्य हैं जिनके लोगों को इस केंद्र के नतीजों से लाभ की उम्मीद है, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के साथ, और इसी वजह से ये अच्छे भ्रम पैदा करते हैं: लाभ पूरे हिमालयी क्षेत्र में फैला है, पर संस्थान एक ही राज्य में है। यह केंद्र उस क्षेत्र केंद्र पर आधारित है जो भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ने लगभग एक दशक पहले केलांग में बनाया था, और अब यह आधुनिक प्रयोगशालाओं तथा विशेषज्ञ कर्मियों वाला स्थायी, साल भर चलने वाला संस्थान बनेगा।
पूरा लेख पढ़ें: केलांग में बनेगा आईसीएमआर उच्च ऊंचाई चिकित्सा केंद्र
अभ्यास प्रश्न
केलांग के उच्च ऊंचाई शोध केंद्र की स्थापना में मुख्य साझेदार कौन दो संस्थाएं हैं?
- A.डीआरडीओ और भारतीय वायु सेना
- B.आईसीएमआर और सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा
- C.सीएसआईआर और भारतीय सेना
- D.आईसीएआर और सीमा सड़क संगठन
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व्याख्या
सही उत्तर भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद और सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा हैं, और यह जोड़ी इसलिए बनी कि वैज्ञानिक शोध क्षमता के साथ उन कर्मियों का व्यावहारिक अनुभव जुड़ सके जो अत्यधिक ऊंचाई पर काम करते हैं। तीसरा संस्थान एम्स बिलासपुर है, जिसकी भूमिका इस क्षेत्र में आने वाले रोगियों पर ऊंचाई की स्थितियों के असर का अध्ययन करना है। विकल्प A गलत है क्योंकि भारतीय वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारी समारोह में थे और डीजीएफएमएस एयर मार्शल हैं, पर शोध साझेदारी चिकित्सा सेवा के साथ है, डीआरडीओ के साथ नहीं। विकल्प C और D ऐसी परिषदों तथा संगठनों के नाम हैं जो औद्योगिक शोध, कृषि और सीमा सड़कों पर काम करते हैं, और इनमें से कोई इस व्यवस्था का हिस्सा नहीं है। शोध से सैनिकों के लिए अनुकूलन के नियम, शुरुआती पहचान और इलाज के साथ स्थानीय समुदायों की देखभाल में भी मदद मिलेगी।
केलांग का केंद्र दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य सेवा सुधारने के लिए किस तकनीक को परखेगा?
- A.ड्रोन से दवा की आपूर्ति
- B.भूमिगत वायुचालित नली परिवहन
- C.उपग्रह से छोड़े गए मौसम गुब्बारे
- D.हाइपरलूप एंबुलेंस गलियारे
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व्याख्या
सही उत्तर ड्रोन से दवा की आपूर्ति है, जिसे डिजिटल स्वास्थ्य और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के साथ उन उभरती तकनीकों में गिना गया जिन्हें केंद्र दुर्गम तथा कठिन इलाकों तक पहुंच के लिए परखेगा। हिमालयी क्षेत्र के लिए ये व्यावहारिक विकल्प हैं, क्योंकि वहां बस्तियां महीनों तक कट जाती हैं और नक्शे पर छोटी दूरी तय करने में घंटों लग जाते हैं। विकल्प B, C और D ऐसी परिवहन या निगरानी प्रणालियों की बात करते हैं जिनका इस योजना में कोई स्थान नहीं है; मौसम गुब्बारे तो ऊंचाई वाले केंद्र के लिए सही भी लगते हैं, पर घोषणा में उनका जिक्र नहीं है। केंद्र का व्यापक दायित्व यह है कि ऑक्सीजन की कमी, अत्यधिक ठंड और बदलती जलवायु के स्वास्थ्य पर असर के प्रमाण जुटाए, और अनुकूलन, मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य, बच्चों की वृद्धि व पोषण तथा हिमालयी समुदायों में बीमारियों के ढर्रे पर शोध करे।
सामान्य मरीजों के अलावा किन मरीजों की पैकेज दरें प्रमुखता से प्रदर्शित करने का आग्रह राज्यों से किया गया है?
- A.सरकारी बीमा योजनाओं के लाभार्थी मरीज
- B.चिकित्सा और आयुष वीजा पर आने वाले विदेशी मरीज
- C.जिला अस्पतालों से भेजे गए मरीज
- D.गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती मरीज
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व्याख्या
सही उत्तर चिकित्सा और आयुष वीजा पर आने वाले विदेशी मरीज हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव के पत्र में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कहा गया है कि जहां लागू हो, वहां इन वीजा पर भारत आने वाले अंतरराष्ट्रीय मरीजों को दी जाने वाली पैकेज दरें प्रमुखता से प्रदर्शित करने के लिए प्रोत्साहित करें। तर्क यह है कि स्पष्ट मूल्य जानकारी से ऐसे मरीज पूरी जानकारी के साथ चुनाव कर सकेंगे, मूल्य और बिल से जुड़ी शिकायतें घटेंगी तथा चिकित्सा व आयुष देखभाल के भरोसेमंद गंतव्य के रूप में भारत की स्थिति मजबूत होगी। विकल्प A, C और D में बताए मरीजों को भी पारदर्शी दरों से लाभ होगा, पर पैकेज दरें प्रदर्शित करने के संदर्भ में पत्र में इन वर्गों का विशेष उल्लेख नहीं है। व्यापक निर्देश यही है कि हर प्रतिष्ठान अपनी दरें वहां दिखाए जहां मरीज उन्हें आसानी से देख सकें।
नियमों के अनुसार चिकित्सा प्रतिष्ठानों को अपनी सेवा दरें किन भाषाओं में प्रदर्शित करनी होती हैं?
- A.केवल अंग्रेजी में
- B.केवल हिंदी और अंग्रेजी में
- C.स्थानीय भाषा के साथ-साथ अंग्रेजी में
- D.आठवीं अनुसूची की किसी एक भाषा में
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व्याख्या
सही उत्तर स्थानीय भाषा के साथ-साथ अंग्रेजी में है। नियमों के अनुसार चिकित्सा प्रतिष्ठान को अपनी दरें प्रमुख स्थान पर दोनों भाषाओं में लगानी होती हैं, जिससे मरीज और उनके साथ आए लोग शुल्क पूछे बिना पढ़ सकें। विकल्प A से वे लोग छूट जाएंगे जो अंग्रेजी नहीं पढ़ पाते, और इससे इस प्रावधान का उद्देश्य ही समाप्त हो जाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि शर्त स्थानीय भाषा की है, जो हिंदी होना आवश्यक नहीं और राज्य के अनुसार बदलती है। विकल्प D में दी गई कसौटी नियमों में नहीं है; नियम भाषा का चुनाव प्रतिष्ठान पर नहीं छोड़ते। दो भाषाओं की शर्त का उद्देश्य यही है कि मरीज इलाज के संभावित खर्च का अनुमान लगा सकें, खर्च की योजना बना सकें और बिल से जुड़े विवाद से बच सकें।
इलाज की दरें प्रदर्शित करने का यह निर्देश किस अधिनियम पर आधारित है?
- A.चिकित्सा प्रतिष्ठान (पंजीकरण एवं विनियमन) अधिनियम, 2010
- B.राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019
- C.उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019
- D.औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940
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व्याख्या
सही उत्तर चिकित्सा प्रतिष्ठान (पंजीकरण एवं विनियमन) अधिनियम, 2010 है, जिसे चिकित्सा प्रतिष्ठान (केंद्र सरकार) नियम, 2012 के साथ पढ़ा जाता है। ये दोनों मिलकर चिकित्सा प्रतिष्ठानों के लिए विनियामक ढांचा बनाते हैं और नियमों के अनुसार हर प्रकार की सेवा तथा हर सुविधा के लिए ली जाने वाली दर प्रमुख स्थान पर स्थानीय भाषा के साथ अंग्रेजी में भी प्रदर्शित करनी होती है। विकल्प B चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सकों के पंजीकरण से जुड़ा है, अस्पताल के शुल्क प्रदर्शित करने से नहीं। विकल्प C सामान्य रूप से उपभोक्ता अधिकारों और शिकायत निवारण से संबंधित है और स्वास्थ्य सचिव का पत्र उस पर आधारित नहीं है। विकल्प D दवाओं तथा प्रसाधन सामग्री के निर्माण, बिक्री और गुणवत्ता को नियंत्रित करता है। दरें प्रदर्शित करने का दायित्व केवल 2010 के अधिनियम और उसके नियमों में है।