94वें फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल की थीम क्या थी?
- A.नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत
- B.फिट युवा फॉर स्वच्छ भारत
- C.खेलो इंडिया, बढ़ो इंडिया
- D.साइकिल फॉर क्लीन एयर
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत है। वाराणसी में हुआ यह संस्करण इसी थीम पर आधारित था, जो शारीरिक फिटनेस को नशामुक्त पीढ़ी बनाने के व्यापक अभियान से जोड़ती है। इसी के अनुरूप मंत्री और प्रतिभागियों ने रैली से पहले नशा मुक्त भारत की शपथ ली और साइकिल रैली ने यही संदेश शहर की सड़कों तक पहुंचाया। विकल्प B गलत है, क्योंकि इस कार्यक्रम में जिस अभियान का उल्लेख था वह नशे के खिलाफ था, स्वच्छता मिशन नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि खेलो इंडिया एक अलग खेल विकास कार्यक्रम है और वह इस संस्करण की घोषित थीम नहीं थी। विकल्प D गलत है, क्योंकि आयोजकों ने सुबह का पूरा कार्यक्रम नशे को नकारने और स्वस्थ आदतें अपनाने के इर्द-गिर्द रखा था, वायु गुणवत्ता के इर्द-गिर्द नहीं।
पूरा लेख पढ़ें: फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल का 94वां संस्करण वाराणसी में
अभ्यास प्रश्न
फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल का 94वां संस्करण किस शहर में आयोजित किया गया?
- A.लखनऊ
- B.प्रयागराज
- C.वाराणसी
- D.कानपुर
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व्याख्या
सही उत्तर वाराणसी है। इस साप्ताहिक साइकिल अभियान का 94वां संस्करण वाराणसी में हुआ, जहां केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री ने रैली की अगुवाई की। सुबह की शुरुआत नमो घाट पर ध्यान सत्र से हुई और अंत में लगभग 5.5 किलोमीटर की रैली नमो घाट से संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय तक निकली, जो दोनों इसी शहर में हैं। विकल्प A यानी लखनऊ गलत है, क्योंकि इस संस्करण का स्थान वाराणसी बताया गया है, राज्य की राजधानी नहीं। विकल्प B यानी प्रयागराज भी इसी कारण गलत है, क्योंकि कार्यक्रम का कोई हिस्सा वहां नहीं हुआ। विकल्प D यानी कानपुर भी गलत है, क्योंकि रैली की शुरुआत और समाप्ति के रूप में बताए गए घाट तथा संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी की पहचान हैं, और वहीं मंत्री ने संबोधन दिया तथा नशे के विरुद्ध शपथ दिलाई।
वाराणसी के कार्यक्रम में सम्मानित खिलाड़ियों में से किसने 2026 आइची-नागोया एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था?
- A.प्राची चौधरी
- B.पारुल चौधरी
- C.जय कुमार
- D.राज कुमार पाल
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व्याख्या
सही उत्तर राज कुमार पाल है, जिन्होंने आइची-नागोया में हुए एशियाई खेलों में भारतीय पुरुष हॉकी टीम के सदस्य के रूप में स्वर्ण पदक जीता था। वाराणसी के साइकिल कार्यक्रम में सम्मानित चार पदक विजेताओं में वे भी शामिल थे। विकल्प A यानी प्राची चौधरी गलत है, क्योंकि उन्होंने उन खेलों में महिला ट्रैक स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। विकल्प B यानी पारुल चौधरी गलत है, क्योंकि उन्हें स्वर्ण नहीं, बल्कि दो कांस्य पदक मिले थे, एक स्टीपलचेज में और दूसरा लंबी दूरी की दौड़ में। विकल्प C यानी जय कुमार गलत है, क्योंकि उनके पदक मिश्रित रिले में रजत और पुरुष रिले में कांस्य थे, इसलिए उनमें कोई स्वर्ण नहीं था। चारों में केवल हॉकी खिलाड़ी ही शीर्ष पायदान पर पहुंचा था।
वाराणसी में 5.5 किलोमीटर की साइकिल रैली नमो घाट से शुरू होकर कहां समाप्त हुई?
- A.काशी हिंदू विश्वविद्यालय
- B.संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय
- C.दशाश्वमेध घाट
- D.सारनाथ
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व्याख्या
सही उत्तर संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय है। सभा को संबोधित करने और नशे के विरुद्ध शपथ दिलाने के बाद केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री ने साइकिल चालकों को नमो घाट से रवाना किया और रैली इसी विश्वविद्यालय पर समाप्त हुई, जिसकी दूरी शहर के भीतर लगभग 5.5 किलोमीटर रही। विकल्प A यानी काशी हिंदू विश्वविद्यालय गलत है, क्योंकि रैली के समापन स्थल के रूप में संस्कृत विश्वविद्यालय का नाम बताया गया है। विकल्प C यानी दशाश्वमेध घाट गलत है, क्योंकि इस कार्यक्रम से जुड़ा घाट नमो घाट था, जहां ध्यान सत्र, सांस्कृतिक प्रस्तुति और रैली की शुरुआत हुई। विकल्प D यानी सारनाथ गलत है, क्योंकि इस संस्करण का मार्ग शहर की सड़कों तक ही सीमित रहा और वहां तक नहीं गया।
ब्रिक्स पारंपरिक और स्वदेशी खेल प्रदर्शन खेल 2026 के स्वरूप की विशेषता क्या है?
- A.यह गैर-प्रतिस्पर्धी है, इसमें कोई पदक नहीं दिया जाता
- B.इसमें पदक केवल टीम स्पर्धाओं में दिए जाते हैं
- C.इसमें केवल बीस वर्ष से कम आयु के खिलाड़ी भाग ले सकते हैं
- D.यह केवल ब्रिक्स के पांच संस्थापक सदस्यों तक सीमित है
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व्याख्या
सही उत्तर विकल्प A है। इन खेलों को जानबूझकर गैर-प्रतिस्पर्धी मंच के रूप में तैयार किया गया है — उद्देश्य पारंपरिक और स्वदेशी खेल परंपराओं का प्रदर्शन, उनका प्रलेखन तथा विभिन्न देशों के अभ्यासकर्ताओं के बीच ज्ञान का आदान-प्रदान है, जिसमें हर खेल के सांस्कृतिक अर्थ पर जोर है। विकल्प B गलत है, क्योंकि इस स्वरूप में पदक किसी भी वर्ग में नहीं हैं, न टीम स्पर्धा में और न व्यक्तिगत में। विकल्प C गलत है; ऐसी कोई आयु सीमा तय नहीं की गई है और प्रतिनिधिमंडल आयु वर्ग की टीम के बजाय पारंपरिक विधाओं के अभ्यासकर्ताओं से बने हैं। विकल्प D एक महत्वपूर्ण बिंदु पर गलत है — प्रतिनिधिमंडल ब्रिक्स सदस्य देशों के साथ-साथ भागीदार देशों से भी आ रहे हैं, इसीलिए प्रतिभागियों की सूची में संस्थापक सदस्यों के अतिरिक्त बेलारूस, बोलीविया, कजाखस्तान और संयुक्त अरब अमीरात भी शामिल हैं। आयोजन के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी नियोजित हैं।
ब्रिक्स प्रदर्शन खेल 2026 में भारत निम्नलिखित में से कौन से पारंपरिक खेल प्रदर्शित करेगा?
- A.साम्बो, गोरोडकी और वुशु
- B.मल्लखांब, योगासन और कलरिपयट्टू
- C.कैपोएरा, टिंकू और रायुएला
- D.असिक अतु, टोग्यज़कुमालक और अल तब्बा
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व्याख्या
सही उत्तर मल्लखांब, योगासन और कलरिपयट्टू है, ये तीनों विधाएं भारत प्रस्तुत करेगा। मल्लखांब लकड़ी के खंभे या लटकती रस्सी पर किया जाने वाला व्यायाम-कौशल है, योगासन को हाल के वर्षों में भारत में प्रतिस्पर्धी खेल का रूप दिया गया है, और कलरिपयट्टू केरल से जुड़ी युद्धकला है। विकल्प A गलत है, क्योंकि साम्बो और गोरोडकी रूस की प्रविष्टियां हैं तथा वुशु चीन की, और गोरोडकी बेलारूस भी लाएगा। विकल्प C गलत है, क्योंकि कैपोएरा ब्राजील से आती है जबकि टिंकू और रायुएला बोलीविया के लिए सूचीबद्ध हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि असिक अतु और टोग्यज़कुमालक कजाखस्तान के हैं तथा अल तब्बा संयुक्त अरब अमीरात की प्रविष्टि है। किसी पारंपरिक खेल को उसके देश से जोड़ना परीक्षाओं का पसंदीदा प्रारूप है, इसलिए कम से कम भारत, रूस, चीन और ब्राजील की प्रविष्टियां याद रखना उपयोगी है।