19वीं सदी में भारत में चाय की खेती किसके द्वारा संभव हुई?
- A.जोसेफ़ बैंक्स
- B.जेम्स कुक
- C.रॉबर्ट फ़ॉर्च्यून
- D.रॉबर्ट ओवेन
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, रॉबर्ट फ़ॉर्च्यून। इस स्कॉटिश वनस्पतिशास्त्री ने ईस्ट इंडिया कंपनी के लिए चीन से चाय के पौधे, बीज और कुशल कारीगर चुपके से बाहर निकाले, जिससे भारत में बड़े पैमाने पर चाय की खेती संभव हुई।
1848 से 1851 के बीच फ़ॉर्च्यून भेष बदलकर चीन के चाय क्षेत्रों में घूमे और हज़ारों पौधे व बीज हिमालय की तलहटी में भेजे। उनके साथ ऐसे चीनी कारीगर भी आए जो पत्ती को संसाधित करना जानते थे। इनमें से अधिकांश दार्जिलिंग और कुमाऊँ की पहाड़ियों में पहुँचे। इसी समय कंपनी असम के उस देशी चाय पौधे को भी विकसित कर रही थी जो 1820 के दशक में मिला था, और इन दोनों प्रयासों ने चाय पर चीन का एकाधिकार समाप्त कर दिया।
विकल्प A गलत है क्योंकि कुक के साथ यात्रा करने वाले प्रकृतिविद् जोसेफ़ बैंक्स ने 1788 में भारत में चाय उगाने का केवल सुझाव दिया था, उसे साकार नहीं किया। विकल्प B गलत है क्योंकि जेम्स कुक प्रशांत महासागर की खोज करने वाले नाविक थे। विकल्प D गलत है क्योंकि रॉबर्ट ओवेन वेल्स के समाज सुधारक और आरंभिक समाजवादी थे, जिनका चाय से कोई संबंध नहीं था।
परीक्षा टिप: रॉबर्ट फ़ॉर्च्यून = चीन से भारत में चाय (1848-51); असम चाय = भारत की देशी किस्म।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से किसकी/किनकी स्थापना राजा राममोहन राय ने की थी?
1. आत्मीय सभा
2. ब्रह्म समाज
3. प्रार्थना समाज
4. आर्य समाज
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.1, 2 और 3
- B.केवल 2
- C.केवल 1 और 2
- D.1, 3 और 4
उत्तर देखें
राजा राममोहन राय ने 1815 में आत्मीय सभा और 1828 में ब्रह्म सभा की स्थापना की, जो आगे चलकर ब्रह्म समाज कहलाई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ब्रिटिश भारत के किस राजनेता ने ऐसे पाकिस्तान का विरोध किया था जिसका अर्थ "यहाँ मुस्लिम राज और अन्यत्र हिंदू राज" होता?
- A.खान अब्दुल गफ्फार खान
- B.सिकंदर हयात खान
- C.मौलाना अबुल कलाम आज़ाद
- D.रफ़ी अहमद किदवई
उत्तर देखें
पंजाब के प्रधानमंत्री (प्रीमियर) के रूप में उन्होंने मार्च 1941 में पंजाब विधानसभा में कहा था कि वे ऐसी आज़ादी नहीं चाहते जिसमें "यहाँ मुस्लिम राज और अन्यत्र हिंदू राज" हो, और अगर पाकिस्तान का यही अर्थ है तो उनका उससे कोई लेना-देना नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →शिमला को सैनिकों के ठहरने, सीमा की रक्षा करने और अभियान चलाने के रणनीतिक स्थान के रूप में एक पर्वतीय स्थल के तौर पर किस युद्ध के दौरान बसाया गया था?
- A.आंग्ल-मराठा युद्ध
- B.आंग्ल-बर्मा युद्ध
- C.आंग्ल-गोरखा युद्ध
- D.आंग्ल-अफगान युद्ध
उत्तर देखें
1814-16 के आंग्ल-गोरखा युद्ध के दौरान शिमला अंग्रेजों के नियंत्रण में आया और पहाड़ी सीमा पर एक सैनिक चौकी के रूप में विकसित हुआ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1921 में निम्नलिखित में से किस दौरे के दौरान गांधीजी ने गरीबों से जुड़ाव दिखाने के लिए सिर मुंडवाया और लंगोटी पहनना शुरू किया?
- A.अहमदाबाद
- B.चंपारण
- C.चौरी चौरा
- D.दक्षिण भारत
उत्तर देखें
सितंबर 1921 में असहयोग आंदोलन के दौरान दक्षिण भारत की यात्रा करते हुए गांधीजी ने मदुरै में कुर्ता और टोपी छोड़कर साधारण लंगोटी अपना ली।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हर्षचरित में भास्कर नामक शासक द्वारा हर्षवर्धन को भेजे गए विभिन्न उपहारों का उल्लेख है। भास्कर किस वंश से संबंधित था?
- A.मगध का हर्यक वंश
- B.असम का वर्मन वंश
- C.उत्तर भारत का नंद वंश
- D.उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर देखें
भास्करवर्मन कामरूप, यानी प्राचीन असम, का राजा और हर्ष का घनिष्ठ मित्र था। हर्षचरित की रचना सातवीं शताब्दी में कन्नौज के राजा हर्षवर्धन के दरबारी कवि बाणभट्ट ने की थी।
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