1730 का खेजड़ली बलिदान, जिसमें अमृता देवी बिश्नोई और अन्य ग्रामीणों ने वृक्षों की रक्षा में प्राण दिए, किस शासक के शासनकाल में हुआ?
- A.महाराजा अभय सिंह
- B.महाराजा विजय सिंह
- C.महाराजा मान सिंह
- D.महाराजा जसवंत सिंह द्वितीय
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर A, महाराजा अभय सिंह है। 1730 में शासक के कर्मचारी जोधपुर क्षेत्र के खेजड़ली गाँव में महल के लिए चूना पकाने हेतु खेजड़ी के वृक्ष काटने आए। अमृता देवी बिश्नोई ने विरोध किया और परंपरा के अनुसार चौरासी गाँवों के तीन सौ तिरेसठ बिश्नोइयों ने वृक्षों से लिपटकर प्राण दे दिए, जिसके बाद शासक ने बिश्नोई गाँवों में हरे वृक्ष काटने पर रोक लगा दी।
विकल्प B गलत है क्योंकि विजय सिंह का शासन अठारहवीं सदी में बाद में आया, यद्यपि उन्होंने भी वृक्षों और वन्यजीवों की रक्षा के आदेश दिए। विकल्प C गलत है क्योंकि उन्नीसवीं सदी के महाराजा मान सिंह नाथ संप्रदाय और मेहरानगढ़ के ग्रंथ संग्रह के संरक्षक के रूप में स्मरण किए जाते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि जसवंत सिंह द्वितीय उन्नीसवीं सदी के उत्तरार्ध के शासक थे, जिनकी स्मृति जसवंत थड़ा से जुड़ी है।
पूरा लेख पढ़ें: मारवाड़ और राठौड़: शासक, युद्ध और प्रश्न
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंजोधपुर नगर की स्थापना और मेहरानगढ़ दुर्ग का निर्माण आरंभ किसने किया?
- A.राव सीहा
- B.राव चूंडा
- C.राव जोधा
- D.राव मालदेव
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1459 में राव जोधा ने राठौड़ राजधानी मंडोर से हटाकर चिड़ियाटूंक नामक सुरक्षित पहाड़ी पर स्थापित की, अपने नाम पर जोधपुर नगर बसाया और मेहरानगढ़ दुर्ग की नींव रखी, जो आज भी नगर पर छाया हुआ है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1544 का गिरी सुमेल युद्ध मारवाड़ के राव मालदेव और किस शासक के बीच हुआ था?
- A.बाबर
- B.शेरशाह सूरी
- C.अकबर
- D.हुमायूँ
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वर्तमान पाली जिले में जैतारण के निकट गिरी सुमेल का युद्ध 1544 में अफगान शासक शेरशाह सूरी और मारवाड़ के राव मालदेव के बीच हुआ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मारवाड़ के किस शासक को अकबर की अधीनता ठुकराने के कारण राजस्थान का पहला स्वतंत्रता सेनानी कहा जाता है?
- A.राव चंद्रसेन
- B.मोटा राजा उदय सिंह
- C.महाराजा जसवंत सिंह प्रथम
- D.महाराजा अजीत सिंह
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चंद्रसेन ने 1562 से 1581 तक शासन किया, कभी अकबर के दरबार में उपस्थित नहीं हुए और जोधपुर पर शाही सेना के अधिकार के बाद भी सिवाना तथा भाद्राजून के पहाड़ी क्षेत्र से संघर्ष जारी रखा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मारवाड़ के इतिहास में वीर दुर्गादास राठौड़ किस कार्य के लिए स्मरण किए जाते हैं?
- A.बीकानेर नगर की स्थापना
- B.शिशु अजीत सिंह को औरंगजेब से बचाना
- C.उम्मेद भवन महल का निर्माण
- D.अंग्रेजों से सहायक संधि करना
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1678 में महाराजा जसवंत सिंह प्रथम की जमरूद में मृत्यु के बाद औरंगजेब ने मारवाड़ को सीधे शाही प्रबंध में लेने और दिवंगत शासक के मरणोपरांत जन्मे पुत्र को दिल्ली में अपने नियंत्रण में रखने का प्रयास किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जोधपुर से पहले मारवाड़ के राठौड़ों की पहली राजधानी निम्नलिखित में से कौन थी?
- A.नागौर
- B.मंडोर
- C.सिवाना
- D.पाली
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वर्तमान जोधपुर नगर से कुछ किलोमीटर उत्तर स्थित मंडोर राव चूंडा ने प्राप्त किया था और यह तब तक राठौड़ राजधानी रही जब तक राव जोधा ने 1459 में जोधपुर बसाकर मेहरानगढ़ के नए दुर्ग में स्थानांतरण नहीं कर लिया।
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