153वीं आईपीयू सभा में जलवायु आपदाओं और हिमालयी क्षेत्र की सहनशीलता से जुड़ा आपातकालीन विषय किस देश ने प्रस्तावित किया?
- A.भारत
- B.नेपाल
- C.भूटान
- D.तंजानिया
सही उत्तर
B. नेपाल
व्याख्या
सही उत्तर नेपाल है। "जलवायु संबंधी आपदाओं से निपटने तथा हिमालयी क्षेत्र और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में सहनशीलता बढ़ाने के लिए तत्काल संसदीय कार्रवाई" शीर्षक यह आपातकालीन विषय नेपाल ने प्रस्तावित किया और सभा के तीसरे दिन इसे स्वीकार किया गया। विकल्प A गलत है क्योंकि भारत ने इसे प्रस्तावित नहीं किया था, हालाँकि डॉ. अनुराग सिंह ठाकुर ने चर्चा में इसके समर्थन में बोलकर भारत का दृष्टिकोण दर्ज कराया। विकल्प C गलत है क्योंकि इस विषय के संबंध में भूटान का नाम नहीं आता। विकल्प D गलत है क्योंकि तंजानिया अरुशा में इस सभा का मेज़बान देश था, प्रस्तावक नहीं। ध्यान रखें कि आपातकालीन विषय कोई सदस्य संसद प्रस्तावित करती है और सभा उसे स्वीकार करती है। आपातकालीन विषय पर चर्चा के बाद डॉ. अनुराग सिंह ठाकुर ने लोकतंत्र और मानवाधिकार स्थायी समिति के ब्यूरो में भारतीय संसद की स्थिति रखी और समिति के संकल्प को स्वीकार कराने में योगदान दिया।
पूरा लेख पढ़ें: 153वीं आईपीयू सभा में मिल्टन डिक अध्यक्ष चुने गए
अभ्यास प्रश्न
अंतर-संसदीय संघ की 153वीं सभा में उसका अध्यक्ष कौन निर्वाचित हुआ?
- A.श्री हरिवंश, उपसभापति, राज्यसभा
- B.श्री मिल्टन डिक, स्पीकर, ऑस्ट्रेलिया की प्रतिनिधि सभा
- C.डॉ. अनुराग सिंह ठाकुर, सांसद, लोकसभा
- D.डॉ. सस्मित पात्रा, सांसद, राज्यसभा
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व्याख्या
सही उत्तर श्री मिल्टन डिक, स्पीकर, ऑस्ट्रेलिया की प्रतिनिधि सभा है। उन्हें 9 अक्तूबर 2026 को, जो तंजानिया संयुक्त गणराज्य के अरुशा में हुई 153वीं सभा का अंतिम दिन था, अंतर-संसदीय संघ का अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया गया। विकल्प A गलत है क्योंकि राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे थे और उन्होंने नए अध्यक्ष को बधाई दी। विकल्प C गलत है क्योंकि डॉ. अनुराग सिंह ठाकुर आपातकालीन विषय पर चर्चा में बोले और लोकतंत्र तथा मानवाधिकार स्थायी समिति में भाग लिया। विकल्प D गलत है क्योंकि डॉ. सस्मित पात्रा संयुक्त राष्ट्र मामलों की स्थायी समिति तथा अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों की सुनवाई में शामिल हुए, स्वयं उम्मीदवार नहीं थे। परीक्षा के लिए पद, व्यक्ति और मेज़बान शहर को एक साथ जोड़कर याद रखें, क्योंकि प्रश्न अक्सर इन्हीं तीनों को आपस में बदलकर पूछे जाते हैं।
अंतर-संसदीय संघ की 153वीं सभा कहाँ आयोजित हुई?
- A.जेनेवा, स्विट्ज़रलैंड
- B.नैरोबी, केन्या
- C.अरुशा, तंजानिया
- D.काठमांडू, नेपाल
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व्याख्या
सही उत्तर अरुशा, तंजानिया है। अंतर-संसदीय संघ की 153वीं सभा तंजानिया संयुक्त गणराज्य के अरुशा में हुई और अंतिम दिन वहीं नए अध्यक्ष का निर्वाचन हुआ। विकल्प A गलत है क्योंकि जेनेवा संगठन के सचिवालय का सामान्य मुख्यालय है, पर इस सभा का स्थल नहीं था। विकल्प B गलत है क्योंकि नैरोबी का इस सत्र से कोई संबंध नहीं है। विकल्प D सावधानी से रखा गया जाल है: नेपाल ने जलवायु आपदाओं और हिमालयी क्षेत्र की सहनशीलता पर आपातकालीन विषय प्रस्तावित किया था, जो तीसरे दिन स्वीकार हुआ, परंतु काठमांडू ने सभा की मेज़बानी नहीं की। राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश के नेतृत्व वाले भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने आपातकालीन विषय और सुशासन पर सामान्य चर्चा दोनों में भाग लिया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने सभा के चौथे दिन, 8 अक्तूबर 2026 को भी भागीदारी जारी रखी और राज्यसभा के महासचिव ने संसदों के महासचिवों के संघ को भारतीय संसद की बजट प्रक्रिया से अवगत कराया।
153वीं आईपीयू सभा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और काम के भविष्य पर पैनल चर्चा में कौन-से भारतीय सांसद शामिल हुए?
- A.डॉ. लता वानखेड़े
- B.डॉ. सस्मित पात्रा
- C.डॉ. अनुराग सिंह ठाकुर
- D.श्री हरिवंश
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व्याख्या
सही उत्तर डॉ. लता वानखेड़े है, जो लोकसभा की सदस्य हैं और जिन्होंने सतत विकास स्थायी समिति की बैठक में भाग लेते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा काम के भविष्य पर पैनल चर्चा में हिस्सा लिया। विकल्प B गलत है क्योंकि राज्यसभा सदस्य डॉ. सस्मित पात्रा संयुक्त राष्ट्र मामलों की स्थायी समिति में शामिल हुए और संघर्ष रोकने तथा समाधान की संयुक्त राष्ट्र व्यवस्था पर पैनल में बोले। विकल्प C गलत है क्योंकि डॉ. अनुराग सिंह ठाकुर ने आपातकालीन विषय पर चर्चा तथा लोकतंत्र और मानवाधिकार स्थायी समिति के ब्यूरो व बैठक में भागीदारी की। विकल्प D गलत है क्योंकि श्री हरिवंश ने उपसभापति के रूप में प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया और आपातकालीन विषय तथा सामान्य चर्चा में उपस्थित रहे। अंतर-संसदीय संघ राष्ट्रीय संसदों का वैश्विक संगठन है और उसकी स्थायी समितियाँ शांति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, सतत विकास, लोकतंत्र और मानवाधिकार तथा संयुक्त राष्ट्र मामलों से जुड़ी होती हैं।
AITIGA संयुक्त समिति की अगली बैठक कब और कहां प्रस्तावित है?
- A.दिसंबर 2026, इंडोनेशिया में
- B.जनवरी 2027, भारत में
- C.मार्च 2027, सिंगापुर में
- D.जुलाई 2027, वियतनाम में
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व्याख्या
सही उत्तर जनवरी 2027, भारत में है। जकार्ता दौर के समापन पर दोनों पक्षों ने संयुक्त समिति की अगली बैठक जनवरी 2027 में तय की, जो भारत में और फिर हाइब्रिड तरीके से होगी। उस बैठक में इस बीच उप समितियों द्वारा की गई प्रगति की समीक्षा होगी और आगे मार्गदर्शन दिया जाएगा, ताकि बातचीत निर्धारित समय पर पूरी हो। विकल्प A गलत है, क्योंकि इंडोनेशिया ने अभी समाप्त हुए दौर की मेजबानी आसियान सचिवालय में की थी। विकल्प C और विकल्प D में बताए महीने और आसियान मेजबान देश घोषणा में कहीं नहीं हैं, सिंगापुर तथा वियतनाम ने जकार्ता में प्रतिनिधि भेजे थे, पर उन्हें मेजबान नहीं बताया गया। परीक्षा की दृष्टि से मुख्य बिंदु मेजबानी का आसियान से भारत को हस्तांतरण है, जिसमें भारतीय दौर AITIGA समीक्षा को आगे बढ़ाएगा।
AITIGA संयुक्त समिति के 15वें दौर के साथ उसकी कितनी उप समितियों ने बैठकें कीं?
- A.छह में से दो
- B.आठ में से तीन
- C.आठ में से पांच
- D.सभी आठ
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व्याख्या
सही उत्तर आठ में से तीन है। संयुक्त समिति के अंतर्गत आठ उप समितियां हैं और उनमें से तीन ने जकार्ता के 15वें दौर के साथ हाइब्रिड बैठकें कीं। ये थीं विधिक एवं संस्थागत मुद्दों पर उप समिति यानी SC-LII, बाजार पहुंच पर राष्ट्रीय व्यवहार की उप समिति यानी SC-NTMA और उत्पत्ति के नियमों पर उप समिति यानी SC-ROO। विकल्प A में बैठक करने वाली संख्या और कुल संख्या, दोनों गलत हैं, क्योंकि उप समितियां आठ हैं, छह नहीं। विकल्प C में बैठक करने वाली संख्या बढ़ाकर बताई गई है और विकल्प D का अर्थ होगा कि सभी उप समितियां मिलीं, जो नहीं हुआ। परीक्षार्थी दौर के अंत में दिए निर्देश को भी याद रखें, अर्थात सभी उप समितियां AITIGA समीक्षा के लंबित अध्यायों को तेजी से और समयबद्ध लक्ष्यों के साथ पूरा करें।